
इस्पात मंत्रालय और इसके केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक विशेष अभियान 6 के तहत लंबित मामलों और फाइलों का निपटान कर रहे हैं।
मुख्य बातें
- विशेष अभियान 6 की अवधि 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक है।
- अभियान के तहत 20,763 भौतिक फाइलें और 9,056 ई-फाइलें निपटाने का लक्ष्य है।
- कार्यालयों में कुल 301 स्वच्छता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
- 37 लंबित जन शिकायतों का विशेष रूप से समाधान किया जाएगा।
इस्पात मंत्रालय और इसके केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (सीपीएसई) ने देश भर में लंबित मामलों के निपटान के लिए विशेष अभियान (एससीडीपीएम) 6 का शुभारंभ कर दिया है। यह राष्ट्रव्यापी पहल 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक संचालित की जा रही है, जिसका उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में कार्यकुशलता बढ़ाना और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को तेज करना है।
विशेष अभियान 6 क्या है और इसका मुख्य उद्देश्य क्या है?
विशेष अभियान 6 के तहत इस्पात मंत्रालय ने 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले कार्यान्वयन चरण में कुल 20,763 भौतिक फाइलों और 9,056 ई-फाइलों के निपटान का लक्ष्य रखा है। इस अभियान का उद्देश्य सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाना, फाइलों का त्वरित निस्तारण करना और दफ्तरों में स्वच्छता का स्तर सुधारना है।
प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के अनुसार, इस कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत से पहले 15 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक एक प्रारंभिक चरण चलाया गया था। इस दौरान मंत्रालय और उसके सभी सीपीएसई ने अपनी कार्ययोजना तैयार की और कार्यान्वयन चरण के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किए।
स्वच्छता अभियान और फाइलों का निपटान
इस महीने भर चलने वाले विशेष अभियान के दौरान देश भर के विभिन्न कार्यालयों और कार्यस्थलों पर कुल 301 स्वच्छता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही, रिकॉर्ड प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए पुराने दस्तावेजों और फाइलों की छंटनी की जा रही है।
- 20,763 भौतिक फाइलों का निपटान किया जाएगा
- 9,056 ई-फाइलों को बंद करने की प्रक्रिया पूरी होगी
- 301 स्थानों पर विशेष स्वच्छता अभियान चलेंगे
- 37 लंबित जन शिकायतों का त्वरित समाधान होगा
आम नागरिकों और विभिन्न संवैधानिक संस्थाओं से मिलने वाले पत्रों पर भी इस दौरान विशेष जोर दिया जा रहा है।
जन शिकायतों का त्वरित समाधान और वीआईपी संदर्भ
प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग की देखरेख में चलने वाले इन अभियानों का मुख्य केंद्रबिंदु आम जनता से जुड़ी समस्याओं का समयबद्ध निपटारा होता है। इस विशेष अभियान के तहत कुल 37 लंबित जन शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जा रहा है, जिससे शिकायतों का आंकड़ा शून्य पर लाया जा सके।
इसके अलावा, सांसदों, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), विशिष्ट व्यक्तियों, केंद्रीय मंत्रिमंडल और विभिन्न राज्य सरकारों से प्राप्त संदर्भों का भी समयबद्ध निपटान सुनिश्चित किया जा रहा है। सरकार का यह प्रयास है कि प्रशासनिक मशीनरी अधिक जवाबदेह बने और दफ्तरों में बेकार पड़ी सामग्री को हटाकर स्थान का सदुपयोग किया जाए।
कार्यालय संस्कृति और कार्य वातावरण पर प्रभाव
इस प्रकार के विशेष अभियान भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था में पुरानी पड़ चुकी प्रणालियों को बदलने और डिजिटल कामकाज को बढ़ावा देने में मदद करते हैं। ई-फाइलों को प्राथमिकता देने से न केवल कागजी कार्रवाई कम होती है, बल्कि निर्णय लेने की प्रक्रिया में भी तेजी आती है।
मंत्रालय का मानना है कि इस पहल से न केवल दफ्तरों की कार्यक्षमता सुधरेगी, बल्कि कर्मचारियों को एक स्वच्छ, स्वस्थ और प्रेरित करने वाला कार्य वातावरण भी मिलेगा। अभियान के पूरा होने के बाद अक्टूबर के अंत में इसकी विस्तृत रिपोर्ट भी सार्वजनिक की जाएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? विशेष अभियान 6 की समय सीमा क्या है?
उत्तर। यह अभियान 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चल रहा है, जिसका प्रारंभिक चरण 15 से 30 सितंबर 2026 के बीच पूरा हुआ था।
प्रश्न? इस अभियान के दौरान कितनी फाइलों को निपटाने का लक्ष्य है?
उत्तर। मंत्रालय और इसके सीपीएसई द्वारा 20,763 भौतिक फाइलों और 9,056 ई-फाइलों के निपटान का लक्ष्य रखा गया है।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






