
डायरेक्टरेट ऑफ़ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए तीन अलग-अलग अभियानों में हाथी के दांत, तेंदुए की खाल, जीवित पैंगोलिन और बाघ के अंग ज़ब्त करते हुए 11 तस्करों को गिरफ्तार किया है।
मुख्य बातें
- डायरेक्टरेट ऑफ़ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने तीन अलग-अलग अभियानों में कुल 11 लोगों को पकड़ा।
- हाथी के चार दांत, तेंदुए की खाल का एक टुकड़ा, दो जीवित पैंगोलिन, 3 किलो बाघ की हड्डियां और बाघ के दो कैनाइन दांत ज़ब्त किए गए।
- यह कार्रवाई महाराष्ट्र के गोंदिया और अल्लापल्ली वन क्षेत्र सहित अन्य जगहों पर की गई।
- सभी ज़ब्त की गई चीज़ें और आरोपी वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत आगे की कार्रवाई के लिए वन विभाग को सौंपे गए।
अवैध वन्यजीव तस्करी और संरक्षित प्रजातियों के गैर-कानूनी व्यापार को रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियानों के तहत, डायरेक्टरेट ऑफ़ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए तीन अलग-अलग छापों में हाथी के दांत, तेंदुए की खाल, जीवित पैंगोलिन और बाघ के अंग ज़ब्त किए हैं। इन ऑपरेशनों के दौरान कुल ग्यारह लोगों को पकड़ा गया है। वन्यजीवों की सुरक्षा से जुड़े कानूनों का उल्लंघन करने वाले इन आरोपियों के खिलाफ पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई को अंजाम दिया गया। देश भर में सक्रिय वन्यजीव तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा लगातार इस तरह के अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि लुप्तप्राय जीवों की रक्षा की जा सके।
वन्यजीव तस्करी रोकने के लिए DRI का कड़ा एक्शन
डायरेक्टरेट ऑफ़ रेवेन्यू इंटेलिजेंस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अवैध वन्यजीव तस्करी के खिलाफ चलाए गए इन तीन अभियानों में कई दुर्लभ और संरक्षित जीवों के अवशेष बरामद किए गए हैं। पहले अभियान के तहत, हाथी के दांतों के अवैध व्यापार का भंडाफोड़ करने के लिए अधिकारियों ने एक डिकॉय ऑपरेशन यानी नकली ग्राहक बनकर कार्रवाई की। इस दौरान हाथी के चार दांत बरामद किए गए, जिनमें बारीक नक्काशीदार चीज़ें भी शामिल थीं। इस सौदे में संलिप्त तीन लोगों को मौके पर दबोचा गया। वाइल्ड लाइफ (प्रोटेक्शन) एक्ट, 1972 की धारा 49B के तहत बिना लाइसेंस के इस तरह के वन्यजीव उत्पादों को अपने पास रखना या उनका व्यापार करना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। पकड़े गए आरोपियों और ज़ब्त किए गए सामान को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए संबंधित फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर के हवाले कर दिया गया।
तेंदुए की खाल और बाघ के अंगों की बरामदगी
दूसरे अभियान में 29 सितंबर 2026 को महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के पुराडा गांव के पास दो संदिग्धों को रोका गया। अधिकारियों को पुख्ता जानकारी मिली थी कि ये लोग एक तेंदुए को मारकर उसकी खाल बेचने की फिराक में हैं। पूछताछ और तलाशी के दौरान उनके पास से तेंदुए की एक खाल बरामद हुई। पैंथेरा पार्डस यानी तेंदुआ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची I के तहत अत्यंत संरक्षित श्रेणी में आता है। इसके अलावा, महाराष्ट्र के अल्लापल्ली वन क्षेत्र में 26 से 27 सितंबर 2026 के दौरान एक बड़ा संयुक्त अभियान चलाया गया। इसमें DRI ने वन विभाग, वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) मुंबई और USTR एंटी-पोचिंग यूनिट के साथ मिलकर छह लोगों को पकड़ा। इस संयुक्त कार्रवाई में एक वयस्क जीवित पैंगोलिन, एक पैंगोलिन का बच्चा, तीन किलोग्राम बाघ की हड्डियां और बाघ के दो नुकीले कैनाइन दांत ज़ब्त किए गए।
इसका असर और कानूनी प्रावधान
भारत में वन्यजीवों के संरक्षण के लिए कड़े कानून बनाए गए हैं, जिनका उल्लंघन करने पर भारी जुर्माने और लंबी जेल की सजा का प्रावधान है। वाइल्ड लाइफ (प्रोटेक्शन) एक्ट, 1972 देश में वन्यजीवों और उनके अंगों के अवैध शिकार और व्यापार को रोकने का मुख्य कानून है। इस कानून की अनुसूची I में आने वाले जीवों का शिकार करना या उनके शरीर के अंगों का व्यापार करना गंभीर अपराध माना जाता है। पैंगोलिन जैसे जीवों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार संधियों यानी CITES के परिशिष्ट I में भी रखा गया है, जिससे इनके वैश्विक व्यापार पर पूरी तरह रोक है। इस तरह की अवैध गतिविधियां पारिस्थितिकी तंत्र को भारी नुकसान पहुंचाती हैं और जैव विविधता को खतरे में डालती हैं। DRI और अन्य वन्यजीव प्रवर्तन एजेंसियों की यह कार्रवाई तस्करों के नेटवर्क पर करारा प्रहार है, जो यह संदेश देती है कि संरक्षित जीवों के अवैध व्यापार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- डायरेक्टरेट ऑफ़ रेवेन्यू इंटेलिजेंस के तीन अभियानों में 11 लोग गिरफ्तार हुए।
- हाथी के चार दांत और नक्काशीदार वस्तुएं ज़ब्त की गईं।
- महाराष्ट्र के गोंदिया से तेंदुए की खाल बरामद की गई।
- अल्लापल्ली में दो जीवित पैंगोलिन, बाघ की हड्डियां और कैनाइन दांत मिले।
- सभी बरामदगी वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के प्रावधानों के तहत की गईं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? वन्यजीव तस्करी के मामलों में कौन सी केंद्रीय एजेंसी कार्रवाई कर रही है?
उत्तर। डायरेक्टरेट ऑफ़ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने खुफिया जानकारी के आधार पर हाल ही में यह कार्रवाई की है।
प्रश्न? ज़ब्त किए गए वन्यजीव उत्पादों और आरोपियों का आगे क्या किया गया?
उत्तर। सभी ज़ब्त किए गए सामान और पकड़े गए आरोपियों को वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत आगे की जांच के लिए संबंधित वन विभाग और फॉरेस्ट रेंज अधिकारियों को सौंप दिया गया है।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






