
मिलिट्री नर्सिंग सर्विस के शताब्दी वर्ष के समापन समारोह पर आयोजित वैज्ञानिक सम्मेलन में डिजिटल स्वास्थ्य और भाषा प्रौद्योगिकियों पर चर्चा हुई।
मुख्य बातें
- मिलिट्री नर्सिंग सर्विस (एमएनएस) ने दिल्ली कैंट के मानेकशॉ सेंटर में शताब्दी वर्ष 2026 के समापन पर वैज्ञानिक सम्मेलन आयोजित किया।
- भाषिणी के सीईओ अमिताभ नाग ने उद्घाटन समारोह में मुख्य संबोधन दिया।
- थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे।
- डिजिटल इंडिया भाषिणी प्रभाग 36 भारतीय टेक्स्ट और 23 वॉयस भाषाओं को समर्थन देता है।
मिलिट्री नर्सिंग सर्विस (एमएनएस) ने दिल्ली कैंट स्थित मानेकशॉ सेंटर में अपने शताब्दी वर्ष 2026 के समापन समारोह के हिस्से के रूप में एक विशेष वैज्ञानिक सम्मेलन का आयोजन किया। “नursing अभ्यास में डिजिटल नवाचार: प्रौद्योगिकी और करुणामय देखभाल में सामंजस्य” विषय पर आधारित इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य देखभाल और प्रौद्योगिकी क्षेत्र के कई दिग्गजों ने हिस्सा लिया। प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के अनुसार, इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं और नर्सिंग क्षेत्र में डिजिटल तकनीकों की भूमिका पर विचार-विमर्श करना था।
भाषिणी
भाषिणी के सीईओ अमिताभ नाग ने इस वैज्ञानिक सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। अपने संबोधन में उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भाषा, संदर्भ और स्वास्थ्य देखभाल-विशिष्ट डेटा के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार डिजिटल प्रौद्योगिकियां चिकित्सा क्षेत्र में बदलाव ला रही हैं और मरीजों तथा स्वास्थ्य पेशेवरों के बीच की दूरियों को कम कर सकती हैं।
एमएनएस शताब्दी सम्मेलन की मुख्य बातें
इस उच्च स्तरीय उद्घाटन समारोह में थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर एमएनएस डायरी, नर्सिंग रिसर्च कंपेंडियम के साथ-साथ वैज्ञानिक स्मारिका का ई-विमोचन भी किया गया। सम्मेलन के दौरान वरिष्ठ नर्सिंग पेशेवरों और स्वास्थ्य देखभाल चिकित्सकों ने तकनीकी प्रगति और मानवीय संवेदनाओं के बीच तालमेल बिठाने पर अपने विचार साझा किए।
- दिल्ली कैंट के मानेकशॉ सेंटर में हुआ आयोजन
- थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ मुख्य अतिथि रहे
- एमएनएस डायरी और रिसर्च कंपेंडियम का विमोचन
- डिजिटल पल्स ऑफ नर्सिंग स्मारिका का ई-विमोचन
स्वास्थ्य सेवा में भाषा और तकनीक का तालमेल
श्री नाग ने अपने संबोधन में उल्लेख किया कि एआई प्रणालियों को सटीक बनाने के लिए चिकित्सा और नर्सिंग शब्दावलियों को मजबूत करना जरूरी है। मरीज अक्सर अपनी समस्याओं को रोजमर्रा की भाषा में बयां करते हैं, जबकि चिकित्सीय शब्दावली अलग होती है। भाषिणी की वॉयस-फर्स्ट और बहुभाषी प्रौद्योगिकियां इसी खाई को पाटने का काम करती हैं ताकि ओपीडी नुस्खों के लिए एआई-संचालित वॉयस-टू-टेक्स्ट टूल जैसे समाधान तैयार किए जा सकें।
डिजिटल इंडिया भाषिणी प्रभाग का परिचय
इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अंतर्गत आने वाला डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन (DIC) इस मंच का संचालन करता है। यह मंच भारत की विविध भाषाई जरूरतों को पूरा करने के लिए एआई-आधारित समाधान प्रदान करता है। वर्तमान में यह कई भारतीय टेक्स्ट और वॉयस भाषाओं को समर्थन देता है, जिससे सरकारी सेवाओं और डिजिटल प्लेटफार्मों तक आम नागरिकों की पहुंच आसान हो जाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? एमएनएस शताब्दी वैज्ञानिक सम्मेलन कहाँ आयोजित किया गया था? उत्तर। यह सम्मेलन दिल्ली कैंट स्थित मानेकशॉ सेंटर में आयोजित किया गया था।
प्रश्न? इस सम्मेलन के उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि कौन थे? उत्तर। थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






