
पत्ता, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने मुंबई में भारतीय नौवहन निगम के 65 वर्ष पूरे होने पर आयोजित समारोह में यह बात कही।
मुख्य बातें
- भारतीय नौवहन निगम ने अपने कामकाज के 65 वर्ष पूरे किए।
- मुंबई के इंटरनेशनल क्रूज टर्मिनल पर समारोह का आयोजन किया गया।
- वर्तमान में एससीआई के पास कुल 5.26 मिलियन डीडब्ल्यूटी वाले 58 जहाज हैं।
- स्थापना 1961 में 19 जहाजों के साथ हुई थी।
भारतीय नौवहन निगम (एससीआई) देश की समुद्री और जहाज निर्माण की महत्वाकांक्षाओं को हासिल करने में केंद्रीय भूमिका निभा रहा है। पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने मुंबई के इंटरनेशनल क्रूज टर्मिनल पर आयोजित एक विशेष समारोह में यह बात कही। प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) के अनुसार, यह कार्यक्रम कंपनी के कामकाज के 65 वर्ष पूरे होने के जश्न के रूप में आयोजित किया गया था।
भारतीय नौवहन निगम देश की समुद्री अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार
भारतीय नौवहन निगम (एससीआई) भारत के आत्मनिर्भर और विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी जहाज निर्माण का मुख्य आधार है। मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए देश की ऊर्जा और व्यापार सुरक्षा को सुरक्षित रखने में कंपनी के योगदान की सराहना की। उन्होंने विशेष तौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य के हालिया संकट के दौरान कंपनी के शानदार प्रदर्शन का उल्लेख किया। केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि मजबूत राष्ट्रीय बेड़ा होना वर्ष 2047 तक शीर्ष जहाज निर्माण राष्ट्र बनने की भारत की महत्वाकांक्षा के लिए बेहद जरूरी है।
वर्ष 1961 में मात्र 19 जहाजों वाली एक लाइनर शिपिंग कंपनी के रूप में अपनी यात्रा शुरू करने वाला एससीआई आज एक विस्तृत और विविध समुद्री उद्यम बन चुका है। वर्तमान में यह कंपनी कुल 5.26 मिलियन डेडवेट टनेज (डीडब्ल्यूटी) वाले 58 जहाजों का संचालन कर रही है। इसके मौजूदा कामकाज में क्रूड और प्रोडक्ट टैंकर, बल्क और कंटेनर शिपिंग, एलपीजी और एलएनजी कैरियर, ऑफशोर सेवाएं तथा यात्री व तटीय परिवहन शामिल हैं।
मैरीटाइम अमृत काल विजन 2047 और भविष्य की योजनाएं
सरकार ‘मैरीटाइम अमृत काल विजन 2047’ के तहत देश को दुनिया का शीर्ष जहाज निर्माण देश बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत अब केवल जहाजों का मालिक बनकर संतुष्ट नहीं है, बल्कि देश में ही जहाजों का निर्माण करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मत्स्य पालन और बंदरगाह मंत्री नितेश नारायण राणे भी सम्मानित अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
- एससीआई ने मुंबई में अपने कामकाज के 65 वर्ष पूरे किए।
- कंपनी वर्तमान में 58 जहाजों का संचालन करती है।
- इंडियन ऑयल और अन्य सार्वजनिक उपक्रमों के साथ संयुक्त उद्यम प्रस्तावित हैं।
- कंपनी ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्यों को आगे बढ़ा रही है।
एससीआई के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर कैप्टन बी. के. त्यागी ने आने वाले वर्षों के लिए कंपनी की विस्तार योजनाओं का खाका खींचा। उन्होंने कहा कि कंपनी आधुनिक और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बेड़ा तैयार करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इंडियन ऑयल और भारत कंटेनर शिपिंग लाइन के साथ प्रस्तावित संयुक्त उद्यम इस दिशा में एक बड़ा कदम हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? भारतीय नौवहन निगम की स्थापना कब हुई थी?
उत्तर। एससीआई की स्थापना वर्ष 1961 में 19 जहाजों के साथ एक लाइनर शिपिंग कंपनी के रूप में हुई थी।
प्रश्न? वर्तमान में एससीआई के पास कितने जहाज हैं?
उत्तर। कंपनी वर्तमान में कुल 5.26 मिलियन डेडवेट टनेज वाले 58 जहाजों का संचालन कर रही है।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






