
बैंक का चेक भरते समय थोड़ी सी लापरवाही से भुगतान रुक सकता है या चेक बाउंस हो सकता है। जानिए चेक भरने का हर एक जरूरी नियम।
मुख्य बातें
- तारीख डालते समय फॉर्मेट और 3 महीने की वैधता का ध्यान रखें।
- राशि अंकों में लिखने के बाद अंत में स्लैश या ‘मात्र’ (Only) जरूर लिखें।
- हस्ताक्षर हमेशा बैंक रिकॉर्ड में दर्ज सिग्नेचर से मेल खाने चाहिए।
- सुरक्षा के लिए चेक के बाएं कोने पर दो समांतर लाइनें खींचकर ‘A/C Payee’ लिख सकते हैं।
सही तरीके से चेक कैसे भरें, यह जानना हर बैंक खाताधारक के लिए जरूरी है क्योंकि एक छोटी सी गलती या ओवरराइटिंग से आपका चेक रद्द हो सकता है। बैंक से पैसे निकालने या किसी को भुगतान करने के लिए चेक का इस्तेमाल आज भी सुरक्षित माध्यम माना जाता है।
चेक कैसे भरें
चेक कैसे भरें, इसका सबसे आसान जवाब यह है कि आपको चेक पर दी गई हर खाली जगह—तारीख, पाने वाले का नाम, राशि अंकों और शब्दों में, और अपने हस्ताक्षर—को बहुत सावधानी और बिना किसी काट-पीट के भरना होता है। चेक भरते समय पेन की स्याही नीली या काली होनी चाहिए और लिखावट साफ होनी चाहिए।
चेक भरने के लिए जरूरी चीजें और सावधानियां
चेक भरने बैठते समय आपके पास बैंक की चेकबुक होनी चाहिए और पेन ऐसा हो जिसकी स्याही फैले नहीं। चेक में कभी भी ओवरराइटिंग न करें। यदि कोई गलती हो जाती है, तो उस चेक को फाड़कर नष्ट कर देना ही बेहतर होता है और नया चेक इस्तेमाल करना चाहिए। चेक जारी करने से पहले अपने खाते में पर्याप्त राशि की पुष्टि जरूर कर लें।
चेक भरने का चरण-दर-चरण तरीका
- तारीख के कॉलम में DD/MM/YYYY फॉर्मेट में सही तारीख लिखें ताकि चेक तीन महीने की वैधता अवधि के भीतर रहे।
- पेee या ‘प्राप्तकर्ता’ के नाम के आगे उस व्यक्ति या संस्था का पूरा नाम लिखें जिसे भुगतान किया जा रहा है।
- राशि वाले बॉक्स में अंकों में कुल रकम लिखें और उसके तुरंत बाद स्लैश (/) का निशान लगा दें ताकि आगे कोई और अंक न जोड़ा जा सके।
- राशि को शब्दों में लिखने के बाद ‘मात्र’ या ‘Only’ शब्द जरूर लिखें ताकि रकम में फेरबदल न हो सके।
- चेक के निचले हिस्से में दाईं ओर अपने वही हस्ताक्षर करें जो बैंक में खाता खुलवाते समय दर्ज किए गए थे।
चेक के प्रकार और सुरक्षा के उपाय
चेक मुख्य रूप से बेयरर, ऑर्डर और क्रॉस्ड होते हैं। बेयरर चेक जिसके पास भी होता है, उसे बैंक से नकद राशि मिल जाती है, इसलिए यह कम सुरक्षित होता है। ऑर्डर चेक में केवल उसी व्यक्ति को पैसे मिलते जिसका नाम लिखा हो। सुरक्षा बढ़ाने के लिए चेक के ऊपरी बाएं कोने पर दो तिरछी लाइनें खींचकर ‘A/C Payee’ लिख दिया जाता है, जिससे पैसे सीधे बैंक खाते में ही जाते हैं, नकद नहीं मिलते। इसके अलावा, पोस्ट-डेटाड चेक पर भविष्य की तारीख डाली जाती है, जबकि तीन महीने पुराने चेक को ‘स्टेल’ (Stale) मान लिया जाता है। यदि गलती से गलत चेक जारी हो जाए, तो बैंक में ‘स्टॉप पेमेंट’ का अनुरोध भी दिया जा सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? चेक कितने दिनों तक वैध रहता है?
उत्तर। भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के मुताबिक, चेक जारी होने की तारीख से 3 महीने तक वैध रहता है।
प्रश्न? चेक भरते समय गलती हो जाए तो क्या करें?
उत्तर। यदि राशि या नाम में गलती हो जाए, तो उस चेक को इस्तेमाल न करें और नया चेक भरें।
प्रश्न? क्या अलग-अलग रंगों की स्याही इस्तेमाल कर सकते हैं?
उत्तर। नहीं, पूरे चेक को भरते समय एक ही रंग की नीली या काली स्याही का प्रयोग करना चाहिए।
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है, निवेश या वित्तीय सलाह नहीं। कोई भी फैसला लेने से पहले किसी योग्य/सेबी-पंजीकृत सलाहकार से परामर्श करें।
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यह लेख आज पत्रिका की एक्सप्लेनर डेस्क द्वारा सामान्य जागरूकता के लिए तैयार किया गया है। नियम और प्रक्रियाएं समय-समय पर बदल सकती हैं — कृपया आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करें। सुधार/सुझाव: corrections@aajpatrika.com






