
युवा कार्यक्रम विभाग द्वारा चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत पहली बार मतदान करने वाले युवाओं को चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
मुख्य बातें
- 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक दिन में 46 कार्यक्रम आयोजित किए गए।
- इन सत्रों में कुल 6,688 युवाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
- यह राष्ट्रव्यापी अभियान 26 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक चलाया जा रहा है।
- अब तक कुल 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 96 युवा संवाद पूरे हो चुके हैं।
देश भर के युवाओं में चुनावी जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विकसित भारत युवा संवाद अभियान के तहत एक दिन में 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 46 कार्यक्रम आयोजित किए गए। पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) के अनुसार, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के युवा कार्यक्रम विभाग के अंतर्गत आने वाले मेरा युवा भारत (माय भारत) संगठन द्वारा इन आयोजनों को पूरा किया गया। इस राष्ट्रव्यापी पहल का मुख्य लक्ष्य देश के 500 विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों तक अपनी पहुंच बनाना है ताकि युवा वर्ग को लोकतांत्रिक प्रणाली से जोड़ा जा सके।
विकसित भारत युवा संवाद क्या है और इसका मुख्य उद्देश्य क्या है?
विकसित भारत युवा संवाद देश के युवाओं और विशेष तौर पर पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से अवगत कराने का एक बड़ा माध्यम है। इस अभियान के जरिए युवाओं को उनके मतदान अधिकारों, चुनावी कार्यप्रणाली और नागरिक जिम्मेदारियों की जानकारी दी जाती है। इसके साथ ही, उन्हें निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, विभिन्न क्षेत्रों के युवा आइकॉन और प्रतिष्ठित शख्सियतों के साथ सीधे संवाद करने का अवसर मिलता है ताकि वे राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका को बेहतर ढंग से समझ सकें।
यह राष्ट्रव्यापी अभियान 26 अक्टूबर से शुरू हुआ था और यह 5 नवंबर 2026 तक चलेगा। इस दौरान देश के अलग-अलग कोनों में विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के भीतर संवाद सत्र, नुक्कड़ नाटक, और विशेष व्याख्यान आयोजित किए जा रहे हैं।
किन राज्यों में आयोजित हुए कार्यक्रम और क्या रही भागीदारी?
आज आयोजित हुए कार्यक्रमों का दायरा उत्तर भारत से लेकर दक्षिण और पूर्वोत्तर राज्यों तक फैला हुआ था। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, आज के इन कार्यक्रमों में कुल 6,688 युवाओं ने हिस्सा लिया।
- उत्तर भारत: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश।
- पूर्वोत्तर राज्य: अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड और सिक्किम।
- अन्य क्षेत्र: बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, कर्नाटक और तमिलनाडु।
इस प्रकार, 30 अक्टूबर 2026 तक कुल 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अब तक 96 युवा संवाद संपन्न हो चुके हैं। इन सभी आयोजनों में कुल 18,475 युवाओं और 97 युवा आइकॉन ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है और विचार-विमर्श किया है।
विभिन्न राज्यों में आयोजित गतिविधियों की मुख्य बातें
पंजाब के फरीदकोट, फतेहगढ़ साहिब, गुरदासपुर और मोगा जिलों में आयोजित सत्रों में मास्टर सैयम मजूमदार और रग्बी खिलाड़ी अमनदीप कौर जैसे युवा आइकॉन ने छात्रों से चर्चा की। जम्मू-कश्मीर के डोडा और पुंछ में लैक्रोस एथलीट सुश्री अभिलव कौर ने छात्रों के साथ लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाने पर बात की। मध्य प्रदेश के छतरपुर, ग्वालियर और खंडवा में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने युवाओं का मार्गदर्शन किया और खेल जगत की प्रेरणादायक कहानियां साझा कीं।
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण में जुटने का आह्वान किया। इसके अलावा, नशा मुक्त भारत अभियान के तहत योग और ध्यान सत्र भी चलाए गए। तमिलनाडु के मदुरै में महिला आरक्षण विधेयक पर संसद की तर्ज पर विशेष चर्चा हुई, जिससे युवाओं को समावेशी शासन व्यवस्था को करीब से समझने का मौका मिला।
यह भी जानें: इस अभियान का युवाओं पर क्या असर पड़ेगा?
इस तरह के संवाद कार्यक्रमों से जमीनी स्तर पर चुनावी साक्षरता को बढ़ावा मिलता है। भारत जैसे युवा देश में जहां मतदाताओं की एक बहुत बड़ी आबादी युवा वर्ग से आती है, उन्हें यह समझाना बेहद जरूरी है कि उनका एक वोट देश की तकदीर तय कर सकता है। जनप्रतिनिधियों और विशेषज्ञों के साथ सीधे संवाद से युवाओं का झिझक दूर होता है और वे राजनीति तथा शासन व्यवस्था में सक्रिय रुचि लेने के लिए प्रेरित होते हैं। इसके साथ ही, नशा मुक्ति और मानसिक स्वास्थ्य जैसे विषयों को जोड़ने से युवाओं के समग्र विकास में मदद मिलती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? विकसित भारत युवा संवाद अभियान कब से कब तक चल रहा है? उत्तर। यह राष्ट्रव्यापी अभियान 26 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक संचालित किया जा रहा है।
प्रश्न? इस पहल का मुख्य उद्देश्य क्या है? उत्तर। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं में चुनावी जागरूकता बढ़ाना तथा उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में भाग लेने के लिए प्रेरित करना है।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






