
जल शक्ति मंत्रालय के अधीन जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान 6 के तहत लंबित मामलों के निपटारे और स्वच्छता में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है।
मुख्य बातें
- विशेष अभियान 6 का आयोजन 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक किया जा रहा है।
- कबाड़ के निपटान से कुल 78,45,064 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।
- विभाग की सचिव श्रीमती अर्चना वर्मा ने 28 अक्टूबर 2026 को प्रगति की समीक्षा की।
- अभियान के दौरान 1441 वर्ग फुट जगह खाली कराई गई है।
विशेष अभियान 6 के तहत भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग के तत्वावधान में जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। यह राष्ट्रव्यापी स्वच्छता और प्रशासनिक सुधार अभियान 2 अक्टूबर से शुरू होकर 31 अक्टूबर 2026 तक संचालित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यालयों से पुराने लंबित मामलों का तेजी से निपटारा करना और कार्यस्थलों पर स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देना है ताकि प्रशासनिक दक्षता में सुधार हो सके।
विशेष अभियान 6 क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
विशेष अभियान 6 सरकारी कार्यालयों में फाइलों के बोझ को कम करने, वीआईपी संदर्भों का समय पर जवाब देने और ई-वेस्ट तथा कबाड़ को हटाकर खाली जगह का सदुपयोग करने की एक बड़ी पहल है। प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग की देखरेख में चलने वाले इन अभियानों का मकसद सरकारी तंत्र को अधिक पारदर्शी, चुस्त और जन-केंद्रित बनाना है। इस बार के संस्करण में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों को उनके तय लक्ष्यों से बढ़कर प्रदर्शन करने का निर्देश दिया गया था, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं।
विभाग की सचिव ने की प्रगति की समीक्षा
गत 28 अक्टूबर 2026 को, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग की सचिव श्रीमती अर्चना वर्मा ने वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। इस बैठक के दौरान उन्होंने विशेष अभियान 6 के तहत अब तक हुई प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने तय लक्ष्यों को समय सीमा से पहले पूरा करने पर जोर दिया और विभाग तथा उससे जुड़े सभी संगठनों के प्रयासों पर संतोष व्यक्त किया। सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित मामलों के समाधान के लिए उचित प्रशासनिक तरीकों का उपयोग किया जाए ताकि कोई भी फाइल अनावश्यक रूप से अटकी न रहे।
लक्ष्य और उपलब्धियों के मुख्य आंकड़े
प्रेस सूचना ब्यूरो द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 29 अक्टूबर 2026 तक विभाग का प्रदर्शन विभिन्न मापदंडों पर इस प्रकार रहा:
- समीक्षा की जाने वाली ई-फाइलें: लक्ष्य 6443, उपलब्धियां 9650 (149.7 प्रतिशत)
- प्रधानमंत्री कार्यालय से प्राप्त संदर्भ: लक्ष्य 29, उपलब्धियां 37 (127.5 प्रतिशत)
- सफाई किए गए स्थलों की संख्या: लक्ष्य 371, उपलब्धियां 422 (113.7 प्रतिशत)
- समीक्षा की जाने वाली भौतिक फाइलें: लक्ष्य 7724, उपलब्धियां 8452 (109.4 प्रतिशत)
- जन शिकायतें: लक्ष्य 190, उपलब्धियां 183 (96.3 प्रतिशत)
- सांसदों या वीआईपी से प्राप्त संदर्भ: लक्ष्य 98, उपलब्धियां 77 (78 प्रतिशत)
कबाड़ निपटान से हुई लाखों की कमाई
कार्यालयों में पड़ी पुरानी और बेकार वस्तुओं के निष्कासन से सरकार को वित्तीय लाभ भी हुआ है। अभियान के तहत कबाड़ या स्क्रैप के सफल निपटान से कुल 78,45,064 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। इसके अतिरिक्त, अधिकारियों ने 1980 भौतिक फाइलों को पूरी तरह हटाया है, 2966 ई-फाइलों को बंद किया है और दफ्तरों में 1441 वर्ग फुट अतिरिक्त जगह खाली कराई है। इन खाली जगहों का उपयोग अब बेहतर कार्य वातावरण बनाने के लिए किया जा रहा है।
पारदर्शिता और जन जागरूकता के प्रयास
अभियान की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए स्वच्छता वाली जगहों की ‘पहले’ और ‘बाद’ की स्थिति दर्शाने वाले फोटो और वीडियो लगातार कैप्चर किए जा रहे हैं। इन सभी जानकारियों और दस्तावेजों को प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर प्रतिदिन अपलोड किया जा रहा है। इसके अलावा, आम जनता को जागरूक करने के उद्देश्य से विभाग और उसके अधीनस्थ संगठनों ने दो प्रेस विज्ञप्तियां जारी की हैं और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए कुल 248 ट्वीट किए हैं ताकि इस मुहिम के बारे में जागरूकता फैलाई जा सके।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? विशेष अभियान 6 का आयोजन कब से कब तक किया जा रहा है? उत्तर। यह अभियान 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चलाया जा रहा है।
प्रश्न? कबाड़ के निपटान से विभाग को कितनी आय हुई है? उत्तर। कबाड़ के निपटान से कुल 78,45,064 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।
प्रश्न? इस अभियान की निगरानी कौन सा विभाग कर रहा है? उत्तर। यह अभियान प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग के तत्वावधान में आयोजित हो रहा है।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






