
शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा 2 से 31 अक्टूबर तक आयोजित विशेष अभियान 6 में ई-कचरा प्रबंधन और प्रशासनिक स्वच्छता पर जोर दिया जा रहा है।
मुख्य बातें
- स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक विशेष अभियान 6 चला रहा है।
- 14 अक्टूबर 2026 को कर्तव्य भवन 2 में छात्रों द्वारा जमा 50 किग्रा ई-कचरे से बनी कलाकृति लगाई गई।
- शिक्षा सचिव टी. के. अनिल कुमार ने 16 अक्टूबर को राज्यों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की।
- 28 अक्टूबर 2026 को देशभर के स्कूलों में वृहद ई-कचरा जागरूकता एवं संग्रहण दिवस आयोजित किया जाएगा।
विशेष अभियान 6 के तहत केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय का स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग (DoSEL) देशभर के विद्यालयों और अपने अधीनस्थ कार्यालयों में प्रशासनिक सुधारों तथा स्वच्छता मानकों को मजबूत करने में जुटा है। 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक संचालित इस एक महीने के राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम का उद्देश्य केवल लंबित दफ्तरी फाइलों को निपटाना नहीं है, बल्कि स्कूलों में इलेक्ट्रॉनिक कचरे के सुरक्षित निपटान की व्यवस्था तैयार करना भी है। प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के अनुसार, इस पहल में प्रशासनिक दक्षता, स्वच्छ विद्यालय परिसर और ई-कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन को प्राथमिकताओं में रखा गया है।
विशेष अभियान 6 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
विशेष अभियान 6 का मुख्य उद्देश्य देश के स्कूल परिसरों में स्वच्छ वातावरण बनाना, पुरानी फाइलों और लंबित प्रशासनिक मामलों का निपटारा करना और ई-कचरे का जिम्मेदारी से निपटान करना है। यह अभियान केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक चलाया जा रहा है।
प्रशासनिक दक्षता और रिकॉर्ड प्रबंधन में सुधार
सरकारी कामकाज की गति बढ़ाने और दफ्तरों में अनावश्यक जगह घेरने वाले पुराने दस्तावेजों से मुक्ति पाने के लिए विशेष अभियान 6 में व्यापक कदम उठाए गए हैं। स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग तथा इसके संबद्ध संगठनों में लंबित फाइलों की समीक्षा की जा रही है। अनुपयोगी और समयसीमा पार कर चुके अभिलेखों को नियमानुसार हटाया जा रहा है, जबकि महत्वपूर्ण रिकॉर्ड्स को डिजिटल रूप दिया जा रहा है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन व्यवस्था से सरकारी फाइलों को खोजना आसान होगा और निर्णय प्रक्रिया में लगने वाला समय घटेगा। इसके अलावा कार्यालयों में खाली हुई भौतिक जगह का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा, जिससे कर्मचारियों के कार्य वातावरण में सुधार आएगा।
इको क्लब और मिशन लाइफ के जरिए स्वच्छ स्कूल परिसर
स्कूलों को स्वच्छ और स्वास्थ्यप्रद बनाने के लिए ‘मिशन लाइफ’ (पर्यावरण के लिए जीवन शैली) के अंतर्गत संचालित इको क्लबों को अग्रिम भूमिका सौंपी गई है। देशभर के प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में छात्र और शिक्षक मिलकर सफाई अभियानों को चला रहे हैं।
इस स्वच्छ परिसर पहल का मकसद विद्यार्थियों में स्वच्छता को केवल एक आदत नहीं, बल्कि एक सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में विकसित करना है। जब छात्र स्वयं अपने सीखने के स्थान को साफ-सुथरा रखने में हिस्सा लेते हैं, तो उनमें नागरिक कर्तव्यों के प्रति गहरी समझ पैदा होती है। स्कूल प्रशासन को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे शौचालय, खेल के मैदान और कक्षाओं की नियमित सफाई की स्थाई व्यवस्था स्थापित करें।
ई-कचरा प्रबंधन और कर्तव्य भवन 2 में विशेष कलाकृति
तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ स्कूलों और घरों में पुराने कंप्यूटर, प्रिंटर, कीबोर्ड, केबल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान बेकार पड़े रहते हैं। विशेष अभियान 6 के माध्यम से इन बेकार पड़े उपकरणों के दुष्परिणामों के प्रति छात्रों और शिक्षकों को जागरूक किया जा रहा है।
इसी श्रृंखला में 14 अक्टूबर 2026 को ‘अंतरराष्ट्रीय ई-कचरा दिवस’ के मौके पर स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग ने नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन 2 में एक अभिनव पहल प्रदर्शित की। वहां विद्यार्थियों द्वारा एकत्र किए गए 50 किलोग्राम ई-कचरे की मदद से निर्मित एक आकर्षक भित्ति-चित्र (म्यूरल) और विशेष ई-कचरा पात्र (ई-वेस्ट बिन) स्थापित किए गए।
यह कलाकृति राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) और मिशन लाइफ के ‘घटाएं, पुन: उपयोग करें और पुनर्चक्रित करें’ (Reduce, Reuse, Recycle) के मंत्र को जीवंत रूप में प्रस्तुत करती है। कर्तव्य भवन में लगाए गए ये विशेष पात्र अधिकारियों और आगंतुकों को भी अपने ई-कचरे का सही निपटान करने का अवसर प्रदान करते हैं।
28 अक्टूबर 2026 को देशव्यापी ई-कचरा संग्रहण दिवस
अभियान को जमीनी स्तर पर व्यापक रूप देने के लिए 16 अक्टूबर 2026 को एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठक आयोजित की गई। स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव टी. के. अनिल कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और स्वायत्त शैक्षणिक निकायों के शीर्ष अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की।
समीक्षा बैठक में सचिव ने 28 अक्टूबर 2026 को पूरे देश में एक साथ ई-कचरा जागरूकता और संग्रहण अभियान चलाने के निर्देश दिए। राज्यों को हिदायत दी गई है कि वे स्कूलों में जमा होने वाले सभी पुराने इलेक्ट्रॉनिक्स सामान की सूची बनाएं और उन्हें सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त अधिकृत रीसाइक्लिंग विक्रेताओं को ही सौंपें, ताकि खतरनाक रसायनों का फैलाव रोका जा सके।
यह भी जानें: ई-कचरे का सुरक्षित निपटान क्यों जरूरी है?
सामान्य कचरे के विपरीत, ई-कचरे में सीसा, पारा, कैडमियम और ब्लोमिनेटेड फ्लेम रिटार्डेंट्स जैसे विषैले तत्व होते हैं। यदि इन्हें खुले स्थानों पर फेंक दिया जाए या जला दिया जाए, तो ये मिट्टी, हवा और भूमिगत जल को भारी नुकसान पहुंचाते हैं। बच्चों में इसका स्वास्थ्य प्रभाव अत्यधिक गंभीर हो सकता है।
जब स्कूल स्तर पर ई-कचरा संग्रहण आयोजित किया जाता है, तो छात्र अपने घरों से भी बेकार पड़ी पुरानी बैटरियां, चार्जर और टूटे हेडफोन लेकर आते हैं। इससे न केवल घरों से जहरीला कचरा बाहर निकलता है, बल्कि नई पीढ़ी में रिसाइक्लिंग के प्रति व्यावहारिक जागरूकता भी विकसित होती है।
विशेष अभियान 6 की प्रमुख विशेषताएं
- समयावधि: 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक पूरे भारत में क्रियान्वयन।
- मुख्य केंद्र: प्रशासनिक सुधार, लंबित फाइलों की छंटनी, परिसर स्वच्छता और ई-कचरा संग्रहण।
- विशेष उपलब्धि: 14 अक्टूबर 2026 को कर्तव्य भवन 2 में 50 किलोग्राम ई-कचरे से बनी कलाकृति का अनावरण।
- समीक्षा बैठक: 16 अक्टूबर 2026 को शिक्षा सचिव टी. के. अनिल कुमार की अध्यक्षता में राज्यों के साथ वीसी।
- विशेष तिथि: 28 अक्टूबर 2026 को देश भर के विद्यालयों में वृहद ई-कचरा संग्रहण दिवस।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: विशेष अभियान 6 का आयोजन किस विभाग द्वारा किया जा रहा है? उत्तर: यह अभियान भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग (DoSEL) द्वारा चलाया जा रहा है।
प्रश्न: 28 अक्टूबर 2026 को स्कूलों में कौन सा विशेष कार्यक्रम होगा? उत्तर: 28 अक्टूबर 2026 को देश के सभी स्कूलों में ई-कचरे के प्रति जागरूकता और उसे एकत्र करने के लिए राष्ट्रव्यापी अभियान आयोजित किया जाएगा।
प्रश्न: स्कूलों में एकत्रित किए गए ई-कचरे का निपटान किस प्रकार होगा? उत्तर: जमा किए गए ई-कचरे को किसी भी असुरक्षित कबाड़ी को बेचने के बजाय केवल सरकार द्वारा अधिकृत रीसाइक्लिंग विक्रेताओं को ही सौंपा जाएगा।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






