
संचार मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले डाक विभाग ने विशेष अभियान 6 के कार्यान्वयन चरण के दौरान स्वच्छता, जन शिकायतों के समाधान और ई-कचरे के निपटान में बड़ी सफलता हासिल की है।
मुख्य बातें
- डाक विभाग ने 16 अक्टूबर 2026 तक देश भर के 73,814 स्थानों पर स्वच्छता अभियान चलाए।
- कबाड़ के निपटारे से विभाग को 67.56 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
- वैज्ञानिक तरीके से 17,980 किलोग्राम ई-कचरे का निपटान कर 27.64 लाख रुपये जुटाए गए।
- गुजरात पुलिस के ट्रैफिक ई-चालान नागरिकों तक पहुंचाने के लिए ‘डिजीपोस्ट’ सेवा शुरू की गई है।
संचार मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले डाक विभाग ने देश भर के अपने प्रतिष्ठानों में चलाए जा रहे विशेष अभियान 6 के कार्यान्वयन चरण के दौरान उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) के अनुसार, यह अभियान 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक संचालित किया जा रहा है। इस राष्ट्रव्यापी पहल का मुख्य उद्देश्य कार्यालयों में स्वच्छता को बढ़ावा देना, लंबित मामलों और शिकायतों को कम करना, रिकॉर्ड प्रबंधन को दुरुस्त करना तथा ई-कचरे का सुरक्षित व वैज्ञानिक निपटान सुनिश्चित करना है।
विशेष अभियान 6 क्या है और इसके क्या लक्ष्य हैं?
विशेष अभियान 6 के तहत डाक विभाग ने 1,50,000 जन शिकायतों का समाधान करने, 1,500 अपीलों का निपटारा करने और देश भर में 1,35,000 स्थानों पर स्वच्छता अभियान चलाने का बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। यह पहल सरकारी कार्यालयों में कुशल जन सेवा वितरण, जवाबदेह प्रशासन और टिकाऊ कार्यालय प्रबंधन की संस्कृति को मजबूत करने के लिए निरंतर आगे बढ़ रही है। विभाग ने 16 अक्टूबर 2026 तक इनमें से कई लक्ष्यों को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, जो सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और गति को दर्शाता है।
कबाड़ और ई-कचरे के निपटान से हुई कमाई
अभियान के तहत कचरे के जिम्मेदार प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया है, जिससे सरकारी तिजोरी में भी इजाफा हुआ है।
- देशभर के डाकघरों सहित 73,814 स्थानों पर स्वच्छता गतिविधियां पूरी की गईं, जो कुल लक्ष्य का लगभग 55 प्रतिशत है।
- निर्धारित 1,50,000 के मुकाबले कुल 1,00,214 जन शिकायतों का सफलतापूर्वक समाधान किया गया।
- अपीलों के मोर्चे पर, 1,500 के लक्ष्य के मुकाबले 764 मामलों का निपटारा किया गया।
- कुल 3,06,026 किलोग्राम स्क्रैप या कबाड़ का निपटारा किया गया, जिससे 67.56 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
- वैज्ञानिक तरीकों से 17,980 किलोग्राम ई-कचरे का निपटान किया गया, जिससे 27.64 लाख रुपये की अतिरिक्त आय हुई।
कचरे से संपदा और डिजीपोस्ट पहल का असर
डाक मंडलों ने रीसाइक्लिंग और संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए कई रचनात्मक कदम उठाए हैं। पश्चिम बंगाल सर्कल में, विभागीय बढ़इयों और मल्टी-टास्किंग स्टाफ ने कोलकाता स्थित मेल मोटर सर्विस में बेकार लकड़ी के टुकड़ों का उपयोग करके वरिष्ठ प्रबंधक के कक्ष का नवीनीकरण किया। यह कचरे से संपदा बनाने का एक अनूठा उदाहरण है। इसके अलावा, नागरिकों को बेहतर सेवाएं देने के लिए ‘डिजीपोस्ट’ नाम की एक फिजिकल-डिजिटल मेल सेवा शुरू की गई है। इसके जरिए गुजरात पुलिस के ट्रैफिक ई-चालान डिजिटल रूप से भेजने के बाद नागरिकों तक कागजी प्रतियों के रूप में पहुंचाए जा रहे हैं, जो डिजिटल और भौतिक नेटवर्क के मेल का बेहतरीन उदाहरण है।
यह भी जानें और आगे की राह
इस प्रकार के विशेष अभियान भारत सरकार द्वारा सरकारी कार्यालयों में सुशासन और स्वच्छता संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं। डाक विभाग अपनी व्यापक पहुंच के लिए जाना जाता है, जो देश के दूरदराज के इलाकों तक फैला हुआ है। अभियान की शेष अवधि में विभाग अपने लंबित लक्ष्यों को पूरा करने और स्वच्छता के स्तर को और अधिक ऊंचाई पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। आम नागरिकों के लिए इसका सीधा अर्थ यह है कि उनकी शिकायतें अब तेजी से सुनी जा रही हैं और डाक नेटवर्क का उपयोग केवल पत्र पहुंचाने तक सीमित न रहकर आधुनिक नागरिक सेवाओं के लिए भी हो रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? विशेष अभियान 6 की अवधि क्या है?
उत्तर। यह अभियान 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक देश भर में चलाया जा रहा है।
प्रश्न? डिजीपोस्ट सेवा क्या है?
उत्तर। यह एक फिजिकल-डिजिटल मेल सेवा है जिसके माध्यम से गुजरात पुलिस के ट्रैफिक ई-चालान नागरिकों तक पहुंचाए जा रहे हैं।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






