
केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया 12 और 13 अक्टूबर 2026 को मिजोरम के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।
मुख्य बातें
- केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया 12 और 13 अक्टूबर, 2026 को मिजोरम की यात्रा पर रहेंगे।
- पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री के रूप में यह उनकी दूसरी मिजोरम यात्रा है।
- वे आइजोल के तुइवामित में विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।
- सिंधिया मिजोरम विश्वविद्यालय में छात्रों से संवाद करेंगे और नॉर्थ ईस्ट बैंकर्स कॉन्क्लेव 3.0 का उद्घाटन करेंगे।
केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया 12 और 13 अक्टूबर, 2026 को मिजोरम के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे। पत्र सूचना कार्यालय (PIB) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री के रूप में यह उनकी मिजोरम की दूसरी यात्रा होगी। इस दो दिवसीय दौरे का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति देना, युवाओं को सशक्त बनाना और विभिन्न हितधारकों के साथ संवाद स्थापित करना है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया की मिजोरम यात्रा 2026 और उसका पूरा शेड्यूल
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अपनी इस यात्रा के दौरान कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और विभिन्न विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। आइजोल पहुंचने के बाद उनका पहला कार्यक्रम तुइवामित का दौरा करने का है, जहां वे स्थानीय बुनियादी ढांचे को मजबूत करने वाली कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इसके अलावा, उनका युवाओं और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ सीधा संवाद करने का भी कार्यक्रम तय किया गया है।
अपनी इस यात्रा के दौरान केंद्रीय मंत्री मिजोरम विश्वविद्यालय भी जाएंगे। वहां वे विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के साथ-साथ पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के ‘अष्टलक्ष्मी दर्शन कार्यक्रम’ के तहत आए छात्रों से भी विचार-विमर्श करेंगे। इस संवाद का मुख्य उद्देश्य युवाओं की आकांक्षाओं को समझना और सरकार की नीतियों से उन्हें अवगत कराना है।
पूर्वोत्तर के विकास और बैंकिंग सेक्टर की भूमिका
यात्रा के दूसरे दिन यानी 13 अक्टूबर को श्री सिंधिया मिजोरम विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले ‘नॉर्थ ईस्ट बैंकर्स कॉन्क्लेव 3.0’ का उद्घाटन करेंगे और मुख्य भाषण देंगे। इस कॉन्क्लेव का मुख्य केंद्रबिंदु पूर्वोत्तर राज्यों में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना, आम जनता और व्यापारियों के लिए ऋण की उपलब्धता को आसान बनाना और क्षेत्र की आर्थिकी को मजबूत करना होगा।
- तुइवामित में विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया जाएगा।
- मिजोरम विश्वविद्यालय में छात्रों और ‘अष्टलक्ष्मी दर्शन कार्यक्रम’ के प्रतिभागियों से संवाद होगा।
- नॉर्थ ईस्ट बैंकर्स कॉन्क्लेव 3.0 का उद्घाटन और मुख्य भाषण दिया जाएगा।
- बैंकिंग क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ वित्तीय समावेशन और ऋण उपलब्धता पर चर्चा होगी।
यह भी जानें: पूर्वोत्तर राज्यों में विकास की रफ्तार और वित्तीय समावेशन
भारत सरकार पिछले कुछ वर्षों से पूर्वोत्तर राज्यों में सड़क, रेल, हवाई संपर्क और बैंकिंग सेवाओं के विस्तार पर विशेष जोर दे रही है। इस प्रकार के बैंकर्स कॉन्क्लेव और मंत्रियों के दौरे इस बात को सुनिश्चित करते हैं कि स्थानीय स्तर पर उद्यमियों और युवाओं को आसानी से बैंक लोन मिल सके। वित्तीय समावेशन बढ़ने से छोटे व्यापारियों को अपने कारोबार का विस्तार करने में मदद मिलती है, जिससे अंततः क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं।
यह दौरा केंद्र सरकार की उस निरंतर प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है जिसके तहत पूर्वोत्तर भारत के राज्यों को देश के बाकी हिस्सों के साथ बराबरी के विकास के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के समय पर पूरा होने से न सिर्फ आम नागरिकों का जीवन आसान होता है बल्कि पर्यटन और व्यापार को भी बढ़ावा मिलता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? ज्योतिरादित्य सिंधिया मिजोरम कब जा रहे हैं?
उत्तर। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया 12 और 13 अक्टूबर, 2026 को मिजोरम के दौरे पर रहेंगे।
प्रश्न? इस यात्रा के दौरान मुख्य कार्यक्रम क्या हैं?
उत्तर। इस यात्रा के दौरान वे तुइवामित में परियोजनाओं का उद्घाटन/शिलान्यास करेंगे, मिजोरम विश्वविद्यालय के छात्रों से मिलेंगे और नॉर्थ ईस्ट बैंकर्स कॉन्क्लेव 3.0 का उद्घाटन करेंगे।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






