
दूरसंचार विभाग और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने संयुक्त रूप से नई दिल्ली में भारत मोबाइल कांग्रेस 2026 के इतर कृषि-खाद्य प्रणालियों के लिए एआई पर संयुक्त राष्ट्र वैश्विक पहल की दूसरी बैठक की मेजबानी की है।
मुख्य बातें
- बैठक का आयोजन नई दिल्ली में भारत मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) 2026 के दौरान किया गया।
- दूरसंचार इंजीनियरिंग केंद्र (टीईसी), दूरसंचार विभाग और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने संयुक्त रूप से इसकी मेजबानी की।
- इस वैश्विक पहल में लगभग 70 प्रतिनिधियों ने व्यक्तिगत रूप से और 25 ने ऑनलाइन हिस्सा लिया।
- बैठक से पहले 8-9 अक्टूबर 2026 को आईसीएआर परिसर में दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय हैकाथॉन का आयोजन हुआ था।
दूरसंचार इंजीनियरिंग केंद्र (टीईसी), दूरसंचार विभाग, संचार मंत्रालय, भारत सरकार ने भारत मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) 2026 के साथ कृषि-खाद्य प्रणालियों (जीआई-एआई4एफएस) के लिए एआई पर संयुक्त राष्ट्र वैश्विक पहल की दूसरी बैठक की मेजबानी की है। पत्र सूचना ब्यूरो (पीआईबी) के अनुसार, यह महत्वपूर्ण आयोजन भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर), कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम ने डिजिटल कृषि के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने के लिए वैश्विक मंच प्रदान किया।
एआई4एफएस बैठक में कृषि और तकनीक का संगम
कृषि-खाद्य प्रणालियों के लिए एआई4एफएस बैठक में लगभग 70 प्रतिनिधियों ने व्यक्तिगत रूप से और 25 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन माध्यम से सक्रिय रूप से भाग लिया। इसमें अंतरराष्ट्रीय संगठनों, सरकारी विभागों, कृषि अनुसंधान संस्थानों, शिक्षा जगत, उद्योग और मानक विकास संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य कृषि और खाद्य प्रणालियों में ‘इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स’ और ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ के इस्तेमाल पर वैश्विक सहयोग को आगे बढ़ाना था।
उद्घाटन सत्र की शुरुआत जीआई-एआई4एफएस के अध्यक्ष डॉ. सेबेस्टियन बॉसे के प्रारंभिक भाषण से हुई। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) के वरिष्ठ विशेषज्ञ श्री कृष्णन पल्लास्सना; अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) के उप निदेशक डॉ. बिलेल जमौसी; भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के उप महानिदेशक डॉ. ए. के. नायक; और दूरसंचार इंजीनियरिंग केंद्र के वरिष्ठ उप महानिदेशक श्री सैयद तौसीफ अब्बास ने अपने विचार रखे।
तकनीक से बदलेगी कृषि की तस्वीर
बैठक में कृषि पद्धतियों को बदलने और कृषि-खाद्य प्रणालियों को मजबूत करने में एआई, ‘इंटरनेट ऑफ थिंग्स’ और डिजिटल कनेक्टिविटी की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला गया। कनेक्टेड सेंसर, मौसम केंद्र, ड्रोन, उपग्रह-आधारित प्रणालियों और एआई-सक्षम विश्लेषण का एकीकरण सटीक कृषि में मदद कर सकता है। इससे संसाधनों के उपयोग में सुधार होगा, फसल रोगों का शीघ्र पता लगाया जा सकेगा और किसानों को सूझबूझ भरे निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
- सटीक कृषि और संसाधनों के सही उपयोग पर जोर दिया गया।
- फसल रोगों का शीघ्र पता लगाने के लिए ड्रोन और उपग्रह प्रणालियों का एकीकरण।
- कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने के लिए डिजिटल तकनीकों का प्रयोग।
- कृषि आपूर्ति श्रृंखलाओं में दक्षता और उत्पादों के स्रोत का पता लगाने की क्षमता में सुधार।
अंतर्राष्ट्रीय हैकाथॉन और नवाचारों का प्रदर्शन
इस बैठक से पहले 8-9 अक्टूबर 2026 को ‘कृषि-खाद्य प्रणालियों के लिए एआई’ पर दो-दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय हैकाथॉन का आयोजन किया गया था। इसे आईसीएआर परिसर, नई दिल्ली में टीईसी, दूरसंचार विभाग और आईसीएआर द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था। इस हैकाथॉन ने छात्रों, शोधकर्ताओं, डेवलपर्स और नवप्रवर्तकों को कृषि और खाद्य प्रणालियों में वास्तविक दुनिया की चुनौतियों का समाधान करने वाले व्यावहारिक तकनीकी समाधान विकसित करने के लिए एक सहयोगी मंच प्रदान किया।
जीआई-एआई4एफएस बैठक में इस अंतर्राष्ट्रीय हैकाथॉन के परिणामों का प्रदर्शन भी शामिल था। चयनित टीमों ने अपने समाधान प्रस्तुत किए और हैकाथॉन के दौरान विकसित किए गए नवीन एआई अनुप्रयोगों का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में विजेता समाधानों की प्रस्तुति और उत्कृष्ट नवाचारों को मान्यता देने के साथ-साथ एक पुरस्कार वितरण समारोह भी आयोजित किया गया, जिसमें भाग लेने वाली टीमों, भागीदारों और मार्गदर्शकों के योगदान की सराहना की गई।
भविष्य की कार्ययोजना और शासन ढांचा
बैठक में जीआई-एआई4एफएस के शासन ढांचे और संगठनात्मक विकास पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कार्यसूची में प्रस्तावित शासन व समन्वय संरचना पर विचार-विमर्श, कार्य समूहों के अध्यक्षों, सह-अध्यक्षों एवं सदस्यों का नामांकन और पुष्टि शामिल थी। इसके अलावा, कार्य समूहों के कामकाज के दायरे तथा प्राथमिकता वाले क्षेत्रों एवं शुरुआती कार्यों की पहचान भी की गई ताकि आने वाले समय में ठोस परिणाम मिल सकें।
कुल मिलाकर, जीआई-एआई4एफएस की इस दूसरी बैठक ने भरोसेमंद और परस्पर-संचालनीय किसान-केंद्रित एआई समाधानों को बढ़ावा देकर, शासन व मानकों पर अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करके और नवाचार को व्यावहारिक अनुप्रयोगों में बदलने के अवसरों की पहचान करके कृषि और खाद्य प्रणालियों में एआई के जिम्मेदार उपयोग पर संवाद को आगे बढ़ाने के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान किया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? कृषि-खाद्य प्रणालियों के लिए एआई पर वैश्विक पहल की दूसरी बैठक कहां आयोजित की गई थी? उत्तर। यह बैठक नई दिल्ली में आयोजित की गई थी।
प्रश्न? इस बैठक की मेजबानी किसने की थी? उत्तर। दूरसंचार इंजीनियरिंग केंद्र (टीईसी), दूरसंचार विभाग और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने संयुक्त रूप से इसकी मेजबानी की।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






