
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मध्य प्रदेश के भोपाल में गौपालक सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कई डेयरी परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन किया।
मुख्य बातें
- अमित शाह ने भोपाल के दशहरा मैदान में आयोजित गौपालक सम्मेलन को संबोधित किया।
- उज्जैन में 255 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 3 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता के प्लांट का भूमिपूजन हुआ।
- भारत का कुल दुग्ध उत्पादन 2014-15 के 14.60 करोड़ टन से बढ़कर लगभग 24.80 करोड़ टन हो गया है।
- भोपाल में 16.5 करोड़ रुपये के प्रोडक्ट डेयरी प्लांट और 12.42 करोड़ रुपये की केंद्रीय प्रयोगशाला का लोकार्पण किया गया।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज मध्य प्रदेश के भोपाल स्थित दशहरा मैदान में आयोजित गौपालक सम्मेलन भोपाल को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया। प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) के अनुसार, इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने नवीन न्याय संहिताओं पर आधारित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ला सहित कई मंत्री, विधायक और बड़ी संख्या में पशुपालक मौजूद रहे।
गौपालक सम्मेलन भोपाल 2026: मुख्य बातें और डेयरी परियोजनाओं का शुभारंभ
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ विजन के तहत ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए यह आयोजन किया गया था। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री ने उज्जैन में 255 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले तीन लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता के दुग्ध प्रोसेसिंग प्लांट का डिजिटल माध्यम से भूमिपूजन किया। इसके अलावा, भोपाल में 16.5 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 40 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता के प्रोडक्ट डेयरी प्लांट और 12.42 करोड़ रुपये की अत्याधुनिक केंद्रीय प्रयोगशाला का लोकार्पण किया गया। शिवपुरी में 6.5 करोड़ रुपये के मिनी डेयरी प्लांट के सुदृढ़ीकरण कार्य की शुरुआत भी डिजिटल तरीके से की गई।
देश में डेयरी सेक्टर की प्रगति और श्वेत क्रांति 2.0
प्रेस सूचना ब्यूरो के अनुसार, देश में डेयरी क्षेत्र ने पिछले कुछ वर्षों में अभूतपूर्व प्रगति की है। वर्ष 2014-15 में देश का कुल दुग्ध उत्पादन लगभग 14.60 करोड़ टन था, जो बढ़कर अब लगभग 24.80 करोड़ टन पहुंच गया है। प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता भी 307 ग्राम प्रतिदिन से बढ़कर 485 ग्राम प्रतिदिन हो गई है। श्वेत क्रांति 2.0 के तहत पूरे देश में 75 हजार नई सहकारी डेयरियां स्थापित करने और 46 हजार पुरानी डेयरियों को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसका सीधा लाभ मध्य प्रदेश के पशुपालकों को मिलेगा।
- उज्जैन में 255 करोड़ रुपये का नया दुग्ध प्रोसेसिंग प्लांट बनेगा।
- भोपाल में 16.5 करोड़ रुपये का प्रोडक्ट डेयरी प्लांट लोकार्पित हुआ।
- भोपाल में 12.42 करोड़ रुपये की अत्याधुनिक केंद्रीय प्रयोगशाला शुरू हुई।
- शिवपुरी के मिनी डेयरी प्लांट का सुदृढ़ीकरण किया गया।
नस्ल सुधार और गोबर आधारित अर्थव्यवस्था
पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए नस्ल सुधार कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी जा रही है। अमित शाह ने मध्य प्रदेश सरकार से गौवंश और भैंस की नस्ल सुधार के लिए 50 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने का आग्रह किया था, जिस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सहमति दी है। सेक्स-सॉर्टेड सीमन जैसी आधुनिक तकनीकों से पशुओं के स्वास्थ्य और दुग्ध उत्पादकता में सुधार होगा। इसके अलावा, गोबर आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए मीथेन उत्सर्जन में कमी, स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन और पोषक तत्वों के पुनर्चक्रण पर जोर दिया जा रहा है।
महिला सशक्तीकरण और न्याय संहिता प्रदर्शनी
सहकारी डेयरी नेटवर्क से जुड़कर महिलाएं सीधे आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। कार्यक्रम के दौरान भोपाल और इंदौर दुग्ध संघ के पशुपालकों को बोनस, गौशालाओं को सहायता राशि और ‘गौपालक दीदियों’ को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही, गृह मंत्री ने औपनिवेशिक काल की दंड-केंद्रित व्यवस्था की जगह ली गई नवीन न्याय संहिताओं पर आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया और मध्य प्रदेश पुलिस की उपलब्धियों की सराहना की।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? भोपाल में आयोजित गौपालक सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य क्या था? उत्तर। इस सम्मेलन का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना, पशुपालकों की आय बढ़ाना और सहकारिता के माध्यम से दुग्ध उत्पादन को नई ऊंचाइयां देना था।
प्रश्न? उज्जैन में बनने वाले नए दुग्ध प्लांट की क्षमता कितनी है? उत्तर। उज्जैन में स्थापित होने वाले इस प्लांट की क्षमता तीन लाख लीटर प्रतिदिन होगी और इसकी लागत 255 करोड़ रुपये है।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






