
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी में ‘नशा मुक्त युवा अभियान’ की सराहना की और युवाओं से स्वस्थ जीवन शैली अपनाने का आह्वान किया।
मुख्य बातें
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 138वें संस्करण में ‘विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा अभियान’ की प्रगति पर बात की।
- यह अभियान 100 सप्ताह तक चलने वाली एक निरंतर राष्ट्रीय पहल है।
- इसमें ‘मेरा युवा भारत’ (माई भारत) और राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की मुख्य भूमिका है।
- युवाओं को जोड़ने के लिए गान, स्लोगन लेखन और नुक्कड़-नाटक जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है।
- आने वाले दिनों में स्वास्थ्य-जांच और ध्यान शिविर जैसी नई गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितंबर 2026 को प्रसारित अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी में नशा मुक्त युवा अभियान की व्यापक सफलता और इसमें देश भर के युवाओं की बढ़ती भागीदारी पर प्रकाश डाला। प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के अनुसार, प्रधानमंत्री ने बताया कि देश भर में लाखों युवाओं ने नशीले पदार्थों से दूर रहने का संकल्प लिया है और वे अपने-अपने क्षेत्रों में अन्य लोगों को जागरूक करने की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं।
नशा मुक्त युवा अभियान क्या है और इसे कैसे लागू किया जा रहा है?
नशा मुक्त युवा अभियान भारत सरकार द्वारा देश के युवाओं को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों से बचाने और एक स्वस्थ पीढ़ी का निर्माण करने के उद्देश्य से शुरू किया गया एक 100-सप्ताह का राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम है। इसमें ‘मेरा युवा भारत’ (माई भारत) और ‘राष्ट्रीय सेवा योजना’ (NSS) के साथ-साथ विभिन्न स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय तथा सामाजिक व आध्यात्मिक संगठन मिलकर काम कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि ‘विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा अभियान’ का मुख्य ध्येय केवल नशीले पदार्थों के खिलाफ चेतावनी देना नहीं, बल्कि युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में मोड़ना है। हाल के दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में हजारों की संख्या में संकल्प समारोह और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं।
नशा मुक्त युवा अभियान में युवाओं की भूमिका और जनभागीदारी
अभियान के तहत युवाओं के नेतृत्व वाले संवाद को विशेष महत्व दिया गया है। प्रधानमंत्री ने ‘नशा-मुक्ति का संदेश’ पहल की सराहना करते हुए कहा कि युवा अपनी स्थानीय भाषाओं और अभिव्यक्ति के रचनात्मक तरीकों के माध्यम से नशीले पदार्थों के सेवन के खिलाफ संदेश को जन-जन तक पहुंचा रहे हैं।
युवाओं की इस सक्रिय भागीदारी से समाज के विभिन्न वर्गों में नशा-मुक्ति के प्रति एक नया दृष्टिकोण विकसित हो रहा है। स्थानीय स्तर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में युवा स्वयं आगे बढ़कर अपने साथियों को नशे के खतरों के प्रति सचेत कर रहे हैं।
‘माई भारत’ प्लेटफॉर्म और रचनात्मक प्रतियोगिताएं
अभियान को अधिक प्रभावी बनाने के लिए ‘मेरा युवा भारत’ (माई भारत) प्लेटफॉर्म के जरिए कई प्रकार की प्रतियोगिताओं का संचालन किया जा रहा है। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- गान और संगीत प्रतियोगिताएं: युवाओं द्वारा तैयार किए गए नशा-विरोधी गीत लोगों को प्रेरित कर रहे हैं।
- स्लोगन-लेखन: प्रभावशाली और प्रेरणादायक नारों के माध्यम से संदेश को सरल शब्दों में पेश किया जा रहा है।
- नुक्कड़-नाटक: सार्वजनिक स्थानों पर नाटकों के मंचन द्वारा जमीनी स्तर पर व्यापक जागरूकता फैलाई जा रही है।
- डिजिटल और सोशल मीडिया कंटेंट: युवा हैशटैग #NashaMuktYuva का उपयोग करके विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रचनात्मक सामग्री शेयर कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने रेखांकित किया कि इस पूरे अभियान में संदेश, माध्यम और प्रेरक ऊर्जा तीनों की अगुवाई स्वयं देश का युवा वर्ग कर रहा है।
यह भी जानें: आगामी योजनाएं और स्वस्थ जीवन-शैली पर जोर
100-सप्ताह तक चलने वाले इस अभियान के अगले चरणों में केवल जागरूकता तक सीमित न रहकर युवाओं के समग्र कल्याण पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। आने वाले दिनों में देश भर के शैक्षणिक संस्थानों और सामुदायिक केंद्रों में विशेष स्वास्थ्य-जांच शिविर आयोजित किए जाएंगे।
इसके अलावा, मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन के लिए ध्यान शिविर (मेडिटेशन कैंप) जैसी गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। इन प्रयासों का मुख्य उद्देश्य युवाओं को न केवल नशे से दूर रखना है, बल्कि उन्हें एक संतुलित और अनुशासित जीवन-शैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
नशा मुक्त युवा अभियान का विकसित भारत के निर्माण में योगदान
विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए देश की युवा आबादी का शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना अनिवार्य है। नशीले पदार्थों की समस्या न केवल किसी व्यक्ति के भविष्य को प्रभावित करती है, बल्कि परिवार और संपूर्ण समाज के विकास में बाधा बनती है।
यही कारण है कि केंद्रीय विभागों, शिक्षण संस्थानों और गैर-सरकारी संगठनों को इस 100-सप्ताह के अभियान से जोड़ा गया है। युवाओं की भागीदारी से यह कार्यक्रम केवल एक सरकारी योजना न रहकर एक राष्ट्रीय जन-आंदोलन का रूप ले चुका है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: नशा मुक्त युवा अभियान कितने समय के लिए संचालित किया जा रहा है?
उत्तर: यह अभियान 100-सप्ताह की अवधि के लिए तैयार किया गया एक निरंतर राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम है, जो युवाओं में नशा-मुक्ति के प्रति स्थायी जागरूकता फैलाने का काम कर रहा है।
प्रश्न: इस अभियान से कौन-कौन से मुख्य संगठन जुड़े हुए हैं?
उत्तर: इस अभियान का संचालन ‘मेरा युवा भारत’ (माई भारत) और ‘राष्ट्रीय सेवा योजना’ (एनएसएस) द्वारा विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, तथा सामाजिक व आध्यात्मिक संगठनों के सहयोग से किया जा रहा है।
प्रश्न: युवा इस अभियान में किस प्रकार भाग ले सकते हैं?
उत्तर: युवा ‘माई भारत’ प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्लोगन लेखन, गान, नुक्कड़-नाटक जैसी प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले सकते हैं और सोशल मीडिया पर #NashaMuktYuva हैशटैग के साथ रचनात्मक सामग्री साझा कर सकते हैं।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






