
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में पेजावर मठ के सम्मानित संत श्री विश्वप्रसन्न तीर्थ स्वामी जी से मुलाकात की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
मुख्य बातें
- केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने नई दिल्ली में पेजावर मठ के संत से मुलाकात की।
- यह भेंट 39वें पवित्र चातुर्मास्य व्रत के दौरान हुई है।
- अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर इस मुलाकात की जानकारी साझा की।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में पेजावर मठ के सम्मानित संत श्री विश्वप्रसन्न तीर्थ स्वामी जी से मुलाकात की है। प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के अनुसार, यह मुलाकात स्वामी जी के 39वें पवित्र चातुर्मास्य व्रत के दौरान हुई, जहाँ गृह मंत्री ने उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस हाई-प्रोफाइल मुलाकात ने धार्मिक और सांस्कृतिक गलियारों में काफी ध्यान आकर्षित किया है।
अमित शाह ने पेजावर मठ के संत से की मुलाकात
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने नई दिल्ली में पेजावर मठ के सम्मानित संत श्री विश्वप्रसन्न तीर्थ स्वामी जी से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। इस मुलाकात के बाद अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा की। उन्होंने लिखा कि इस पवित्र अवसर पर स्वामी जी से मिलकर और उनका आशीर्वाद पाकर वह खुद को बहुत सौभाग्यशाली महसूस कर रहे हैं।
भारतीय संस्कृति में चातुर्मास्य व्रत का महत्व
हमारी संस्कृति में चातुर्मास्य व्रत की पवित्र परंपरा हमें त्याग के सर्वोच्च गुण से परिचित कराती है। देश के सम्मानित तपस्वी ध्यान, संयम और आत्म-जागृति के माध्यम से इस व्रत का कठोर पालन करते हैं। गृह मंत्री ने अपने संदेश में कहा कि स्वामी जी का आंतरिक प्रकाश मानवता के लिए निरंतर मार्ग प्रशस्त करता रहे। यह परंपरा सनातन धर्म में आत्म-अनुशासन और साधना का एक प्रमुख स्तंभ मानी जाती है।
चातुर्मास्य व्रत और संतों की साधना से जुड़ी मुख्य बातें
- चातुर्मास्य व्रत भारतीय संस्कृति की एक प्राचीन और पवित्र परंपरा है।
- यह व्रत त्याग, तपस्या, संयम और आत्म-जागृति का संदेश देता है।
- संत समाज ध्यान और साधना के जरिए इस अवधि में विशेष अनुष्ठान करता है।
- गृह मंत्री अमित शाह ने इस परंपरा को समाज के लिए प्रेरणास्त्रोत बताया है।
यह भी जानें: पेजावर मठ और चातुर्मास्य की परंपरा
पेजावर मठ कर्नाटक के उडुपी में स्थित प्रसिद्ध अष्ट मठों में से एक है, जिसका धार्मिक इतिहास सदियों पुराना है। चातुर्मास्य व्रत अमूमन आषाढ़ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी से शुरू होकर कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी तक चार महीनों की अवधि में आता है। इस दौरान साधु-संत और संन्यासी एक ही स्थान पर रहकर तपस्या, अध्ययन और प्रवचन करते हैं ताकि यात्रा के दौरान छोटे जीवों की रक्षा हो सके और आत्म-संयम बढ़े।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? केन्द्रीय गृह मंत्री ने किस संत से मुलाकात की है? उत्तर। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पेजावर मठ के संत श्री विश्वप्रसन्न तीर्थ स्वामी जी से मुलाकात की है।
प्रश्न? यह मुलाकात कहाँ संपन्न हुई? उत्तर। यह मुलाकात नई दिल्ली में 39वें पवित्र चातुर्मास्य व्रत के दौरान हुई है।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






