
विधि और न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग द्वारा गोवा में 21 सितंबर 2026 को दिशा 2.0 योजना पर एक विशेष क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।
मुख्य बातें
- दिशा 2.0 योजना के तहत क्षेत्रीय कार्यशाला 21 सितंबर 2026 को सुबह 10:30 बजे शुरू होगी।
- यह आयोजन गोवा स्थित इंडिया इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ लीगल एजुकेशन एंड रिसर्च के सभागार में होगा।
- कार्यक्रम में गोवा के राज्यपाल और विधि और न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मुख्य रूप से शामिल होंगे।
- कार्यशाला का उद्देश्य प्रौद्योगिकी आधारित कानूनी सेवाओं और प्रो बोनो कानूनी सहायता को बढ़ावा देना है।
विधि और न्याय मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत आने वाला न्याय विभाग गोवा में दिशा 2.0 योजना के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन करने जा रहा है। यह आयोजन 21 सितंबर 2026 को सुबह 10:30 बजे से गोवा स्थित इंडिया इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ लीगल एजुकेशन एंड रिसर्च विश्वविद्यालय के सभागार में तय किया गया है। देश भर में प्रौद्योगिकी-आधारित कानूनी सेवाओं, कानूनी जागरूकता और प्रो बोनो कानूनी सहायता को बढ़ावा देकर न्याय व्यवस्था को मजबूत करना इस पहल का मुख्य उद्देश्य है।
दिशा 2.0 योजना क्या है और इसका उद्देश्य
दिशा 2.0 योजना न्याय तक समग्र पहुंच के लिए अभिनव समाधान डिजाइन करने की एक पहल है। गोवा में आयोजित होने वाली इस कार्यशाला के माध्यम से सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि देश के दूरस्थ और उपेक्षित कोनों तक कानूनी सेवाएं आसानी से पहुंच सकें। प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) के अनुसार, इस कार्यक्रम में गोवा के राज्यपाल मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत करेंगे। इसके साथ ही, भारत सरकार के विधि और न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और गोवा सरकार के लोक निर्माण विभाग मंत्री, बंदरगाह प्रमुख एवं कानूनी मापन मंत्री भी इस मंच की शोभा बढ़ाएंगे।
कार्यक्रम में क्या-क्या खास होगा
इस क्षेत्रीय कार्यशाला में विभिन्न सत्रों और गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा जो नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करेंगे। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण इस प्रकार हैं:
- ‘न्याय प्रबोध: न्याय की जागृति’ अभियान के तहत बनाई गई सर्वश्रेष्ठ रीलों का प्रदर्शन, जिसमें 90 सेकंड में अपने अधिकार जानें का संदेश होगा।
- गोवा में दिशा 2.0 की उपलब्धियों पर आधारित एक वृत्तचित्र फिल्म का प्रसारण।
- टेली-लॉ लाभार्थियों, पैनल वकीलों, ग्राम स्तरीय उद्यमियों और न्याय सहायकों के साथ सीधा संवाद सत्र।
- कानूनी शिक्षाविदों और विधि विद्यालयों के छात्रों के साथ न्याय बंधु प्रो बोनो कानूनी सेवा कार्यक्रम पर चर्चा।
आम नागरिक के लिए इसके क्या मायने हैं
आम आदमी के लिए यह योजना कानूनी सहायता को बेहद सुलभ और किफायती बनाने का माध्यम है। कई बार गरीब और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोग वकीलों की फीस या कानूनी प्रक्रियाओं की जानकारी न होने के कारण न्याय से वंचित रह जाते हैं। टेली-लॉ और न्याय बंधु जैसी पहलों के जरिए नागरिक बिना किसी बाधा के विशेषज्ञों से सलाह ले सकते हैं। इस कार्यशाला में साझा सेवा केंद्र (सीएससी), ग्रामीण विकास मंत्रालय के प्रतिनिधि और विभिन्न विधि संस्थानों के सदस्य भी भाग ले रहे हैं, जिससे जमीनी स्तर पर सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
पृष्ठभूमि और अगली कड़ी
भारत सरकार का यह प्रयास संविधान के उस दृष्टिकोण को पूरा करने के लिए है जिसके तहत हर नागरिक को समान न्याय मिलना चाहिए। न्याय विभाग अपनी विभिन्न योजनाओं जैसे टेली-लॉ, न्याय बंधु, कानूनी साक्षरता और विधि-संजीवनी के जरिए इस दायित्व को निभा रहा है। कार्यशाला के अंत में हितधारकों के बीच आपसी संवाद और धन्यवाद प्रस्ताव के साथ सत्र का समापन होगा, जिससे भविष्य की रणनीतियों पर काम करने के लिए नया रास्ता मिलेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? गोवा में दिशा 2.0 योजना की कार्यशाला कब और कहां आयोजित हो रही है? उत्तर। यह कार्यशाला 21 सितंबर 2026 को सुबह 10:30 बजे इंडिया इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ लीगल एजुकेशन एंड रिसर्च, गोवा में आयोजित हो रही है।
प्रश्न? इस कार्यक्रम में कौन-कौन शामिल होगा? उत्तर। इसमें गोवा के राज्यपाल, विधि और न्याय राज्य मंत्री, केंद्र व राज्य सरकार के प्रतिनिधि, सीएससी संचालक और विधि संस्थानों के लोग भाग लेंगे।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






