
भारतीय नौसेना के नौवहन प्रशिक्षण पोत आईएनएस सुदर्शिनी ने स्पेन के बार्सिलोना में लोकायन-26 अभियान के तहत अपनी यात्रा संपन्न की और दोनों देशों के रिश्तों को मजबूती दी।
मुख्य बातें
- आईएनएस सुदर्शिनी ने 6 सितंबर 2026 को स्पेन के बार्सिलोना में अपनी यात्रा पूरी की।
- नौसेना के इस पोत ने ‘लोकायन-26’ अभियान के तहत स्पेन का दौरा किया था।
- पोत के कमांडिंग ऑफिसर ने स्पेनिश नौसेना के अधिकारियों संग पेशेवर चर्चाएं कीं।
- समारोह में राजनयिक प्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय नागरिक शामिल हुए।
- आम जनता और भारतीय मूल के लोगों को जहाज पर आकर चालक दल से मिलने का अवसर मिला।
भारतीय नौसेना के नौवहन प्रशिक्षण पोत आईएनएस सुदर्शिनी ने ‘लोकायन-26’ अभियान के तहत स्पेन के बार्सिलोना में अपनी यात्रा 6 सितंबर 2026 को सफलतापूर्वक पूरी कर ली। इस यात्रा के माध्यम से भारतीय नौसेना ने यूरोपीय तट पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए भारत और स्पेन के द्विपक्षीय संबंधों में नया अध्याय जोड़ा है।
आईएनएस सुदर्शिनी की बार्सिलोना यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या था?
आईएनएस सुदर्शिनी की बार्सिलोना यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और स्पेन के बीच समुद्री सहयोग को बढ़ावा देना, दोनों नौसेनाओं के बीच पेशेवर संबंधों को प्रगाढ़ करना और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर सद्भावना का संदेश पहुंचाना था। लोकायन-26 अभियान के अंतर्गत इस पोत ने दोनों देशों के बीच लंबे समय से जारी नौसैनिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत आधार प्रदान किया है।
पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, आईएनएस सुदर्शिनी के कमांडिंग ऑफिसर ने इस प्रवास के दौरान स्पेनिश नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों और समुद्री क्षेत्र के विभिन्न विशेषज्ञों के साथ उच्च स्तरीय विचार-विमर्श किया। इन बैठकों में दोनों देशों के बीच नौसैनिक प्रशिक्षण, तकनीकी आदान-प्रदान और समुद्री सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर बात हुई।
स्पेन के बार्सिलोना बंदरगाह पर ठहराव के दौरान जहाज के डेक पर एक भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह में भारतीय और स्पैनिश नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा राजनयिक प्रतिनिधियों, नागरिक प्रशासन के अधिकारियों और कई अन्य गणमान्य अतिथियों ने हिस्सा लिया।
नौसेना प्रशिक्षण में आईएनएस सुदर्शिनी का योगदान
नौसेना प्रशिक्षण पोत आईएनएस सुदर्शिनी भारतीय नौसेना के उन गिने-चुने नौकायन जहाजों में शामिल है, जो नए कैडेटों को पारंपरिक नौवहन और समुद्र विज्ञान का कठिन अभ्यास कराते हैं। आधुनिक तकनीक और जटिल इंजनों के दौर में भी पाल वाले जहाजों के जरिए प्रशिक्षण देना नौसैनिकों के साहस और कौशल को परखने का सबसे बेहतरीन जरिया माना जाता है।
समुद्र के अशांत थपेड़ों, हवा की दिशा बदलने की परिस्थितियों और विषम मौसम में जहाज को संभालने की कला प्रशिक्षु अधिकारियों को इसी प्रकार के पोत पर सिखाई जाती है। जब आईएनएस सुदर्शिनी अंतरराष्ट्रीय अभियानों पर निकलता है, तो यह केवल प्रशिक्षण का माध्यम नहीं रहता, बल्कि यह विदेशों में भारत के राजदूत की तरह काम करता है।
लोकायन अभियान भारतीय नौसेना द्वारा समय-समय पर चलाए जाने वाले लंबे समुद्री अभियानों की एक श्रृंखला है। इन अभियानों का उद्देश्य नौसैनिकों को विभिन्न महासागरों, अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों और विदेशी बंदरगाहों की स्थितियों से अवगत कराना होता है। लोकायन-26 इसी दिशा में एक निरंतर प्रयास है, जिसने कैडेटों को अंतरराष्ट्रीय वातावरण में सीखने का मौका दिया है।
बार्सिलोना में भारतीय समुदाय से संवाद और सांस्कृतिक आदान-प्रदान
बार्सिलोना प्रवास के दौरान आईएनएस सुदर्शिनी को आम आगंतुकों और स्थानीय निवासियों के लिए भी खोला गया था। इस दौरान स्पेन में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों और स्थानीय स्पेनिश नागरिकों ने जहाज का दौरा किया। लोगों को पोत के चालक दल, अधिकारियों और नौसेना प्रशिक्षुओं से प्रत्यक्ष बातचीत करने का अनूठा अवसर मिला।
भारतीय समुदाय के लोगों ने जहाज पर पहुंचकर प्रशिक्षुओं के अनुभवों को समझा और भारतीय नौसेना की कार्यशैली के बारे में जानकारी ली। इस प्रकार के आयोजनों से विदेशों में रहने वाले भारतीयों का अपनी मातृभूमि और उसकी रक्षा सेनाओं के प्रति जुड़ाव और मजबूत होता है। स्थानीय निवासियों के लिए भी भारतीय संस्कृति और समुद्री परंपराओं को करीब से जानने का यह एक बेहतरीन अवसर रहा।
आईएनएस सुदर्शिनी और लोकायन-26 अभियान की मुख्य बातें
इस पूरी यात्रा के मुख्य बिंदुओं को निम्नलिखित रूप में समझा जा सकता है:
- समापन तिथि: आईएनएस सुदर्शिनी ने 6 सितंबर 2026 को स्पेन के बार्सिलोना में अपना प्रवास पूरा किया।
- मुख्य अभियान: यह यात्रा भारतीय नौसेना के आधिकारिक ‘लोकायन-26’ विदेशी प्रशिक्षण अभियान का हिस्सा थी।
- पेशेवर बैठकें: पोत के कमांडिंग ऑफिसर ने स्पैनिश नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पेशेवर चर्चा की।
- डेक रिसेप्शन: जहाज पर आयोजित डेक समारोह में दोनों देशों के राजनयिकों, असैन्य प्रशासकों और गणमान्य अतिथियों ने भाग लिया।
- जनसंवाद: जहाज को आम जनता के लिए खोला गया, जिससे स्थानीय नागरिकों और प्रवासी भारतीयों को चालक दल से सीधे जुड़ने का मौका मिला।
भारत और स्पेन के बीच बढ़ते समुद्री संबंध
भारत और स्पेन के बीच ऐतिहासिक रूप से मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं, और हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच रक्षा और समुद्री क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ी है। भूमध्य सागर और हिंद महासागर के सुरक्षा परिदृश्य को देखते हुए नौसैनिक सहयोग बेहद अहम हो गया है।
स्पेन के बंदरगाहों पर भारतीय नौसैनिक जहाजों की नियमित यात्राएं दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग को बढ़ाती हैं। आईएनएस सुदर्शिनी की इस यात्रा से न केवल द्विपक्षीय संबंधों में प्रगाढ़ता आई है, बल्कि यह भविष्य में संयुक्त नौसैनिक अभ्यासों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का मार्ग भी प्रशस्त करती है।
समुद्री मामलों के जानकारों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नौसैनिक जहाजों की ऐसी सद्भावना यात्राएं किसी भी देश की सॉफ्ट पावर और नौसैनिक कूटनीति का महत्वपूर्ण स्तंभ होती हैं। भारतीय नौसेना का यह पोत जब बार्सिलोना से अपने अगले गंतव्य के लिए रवाना हुआ, तो अपने पीछे आपसी सम्मान और सद्भावना की एक मजबूत विरासत छोड़ गया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: आईएनएस सुदर्शिनी किस प्रकार का जहाज है?
उत्तर: आईएनएस सुदर्शिनी भारतीय नौसेना का एक तीन मस्तूलों वाला नौवहन प्रशिक्षण पोत (Sail Training Ship) है, जिसका उपयोग नए कैडेटों और अधिकारियों को समुद्र यात्रा और नौकायन का व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के लिए किया जाता है।
प्रश्न: लोकायन-26 अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: लोकायन-26 अभियान भारतीय नौसेना के नौवहन जहाजों द्वारा संचालित एक अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण दौरा है, जिसका उद्देश्य प्रशिक्षुओं को लंबी समुद्र यात्रा का अनुभव कराना और मित्र देशों के साथ भारत के समुद्री एवं सांस्कृतिक संबंधों को प्रगाढ़ करना है।
प्रश्न: आईएनएस सुदर्शिनी की बार्सिलोना यात्रा कब संपन्न हुई?
उत्तर: पीआईबी के अनुसार, आईएनएस सुदर्शिनी ने 6 सितंबर 2026 को स्पेन के बार्सिलोना शहर में अपनी यात्रा पूरी की।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






