
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पणजी में गोवा पुलिस को प्रेसिडेंट्स कलर प्रदान किया और साइबर सुरक्षा के लिए एआई आधारित हेल्पलाइन की सराहना की।
मुख्य बातें
- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पणजी में गोवा पुलिस को प्रेसिडेंट्स कलर प्रदान किया।
- गोवा पुलिस ने 1930 साइबर हेल्पलाइन के लिए एआई आधारित बहुभाषी कॉल एजेंट लॉन्च किया।
- नई न्याय संहिताओं के क्रियान्वयन में 93.38 प्रतिशत प्रगति के साथ राज्य पुलिस देश में दूसरे स्थान पर रही।
- अपराध मामलों में सजा दिलाने की दर 23 प्रतिशत से बढ़कर 53 प्रतिशत तक पहुंची।
- आपातकालीन सेवा 112 का रिस्पॉन्स टाइम 18 मिनट से घटाकर 8 मिनट किया गया।
गोवा पुलिस को भारतीय राज्यव्यवस्था में आठ दशकों की निरंतर सेवा और उत्कृष्ट प्रदर्शन के सम्मान स्वरूप प्रेसिडेंट्स कलर प्रदान किया गया है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गोवा की राजधानी पणजी में आयोजित एक भव्य समारोह में यह प्रतिष्ठित ध्वज और निशान गोवा पुलिस के अधिकारियों को सौंपा। इस विशेष अवसर पर गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत, केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपद येसो नाइक, भारत के गृह सचिव, गोवा के मुख्य सचिव तथा राज्य के पुलिस महानिदेशक सहित कई अन्य गणमान्य नागरिक और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
गोवा पुलिस को प्रेसिडेंट्स कलर सम्मान क्यों मिला?
गोवा पुलिस को आठ दशकों की उत्कृष्ट सेवा, पेशेवर दक्षता, साहस और राष्ट्रीय सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान के लिए प्रेसिडेंट्स कलर प्रदान किया गया है। यह सम्मान राज्य की आंतरिक सुरक्षा और समुद्री तटों की चौकस निगरानी के लिए दिया गया है। इसके साथ ही यह बल देश के प्रतिष्ठित पुलिस बलों की सूची में शामिल हो गया है।
गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि प्रेसिडेंट्स कलर किसी भी पुलिस संगठन या सैन्य बल के लिए सबसे बड़ा गौरव माना जाता है। यह सम्मान केवल उन्हीं राज्य पुलिस बलों को दिया जाता है जिन्होंने लंबे समय तक अनुशासन, पेशेवर उत्कृष्टता, समर्पण और असाधारण वीरता का परिचय दिया हो। आठ दशकों के गौरवशाली इतिहास के बाद गोवा पुलिस अब देश के उन चुनिंदा पुलिस बलों के समूह में शामिल हो गई है, जिन्हें यह विशेष निशान प्राप्त हुआ है।
गोवा क्षेत्रफल के दृष्टिकोण से एक छोटा राज्य हो सकता है, लेकिन भौगोलिक और सामरिक दृष्टि से इसका महत्व अत्यंत व्यापक है। राज्य गठन के समय से ही पुलिस बल को तीन मुख्य उत्तरदायित्व सौंपे गए थे—सुरक्षित शहर, सुरक्षित समुदाय और सुरक्षित समुद्री सीमा। गोवा पुलिस ने इन तीनों मोर्चों पर अपनी जिम्मेदारियों को मुस्तैदी से निभाया है। राज्य में पर्यटकों की विशाल संख्या को देखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखना और आर्थिक गतिविधियों को सुरक्षा प्रदान करना बेहद महत्वपूर्ण कार्य रहा है।
शहीद जवानों का स्मरण और राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान
समारोह के दौरान गृह मंत्री ने कर्तव्य पथ पर अपने प्राण न्योछावर करने वाले अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने विशेष रूप से बलिदानी पुलिसकर्मियों बलराम शिंदे, अभिषेक शेर, शैलेश गांवकर और विश्वास बी. देयकर के साहस और सर्वोच्च बलिदान को याद किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे निष्ठावान जवानों के समर्पण और त्याग की वजह से ही गोवा पुलिस आज इस ऐतिहासिक मुकाम तक पहुंच पाई है।
राष्ट्रीय और वैश्विक संदर्भ की बात करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि किसी भी देश की आर्थिक प्रगति और विकास की पहली शर्त उसकी मजबूत आंतरिक सुरक्षा और सुरक्षित सीमाएं हैं। वैश्विक पटल पर भारत की भूमिका और कूटनीतिक पहुंच लगातार बढ़ रही है। दुनिया भर में जारी अस्थिरता के बावजूद भारत ने अपने आर्थिक विकास की गति को बनाए रखा है। वर्ष 2026 तक भारत ने 9 प्रमुख मुक्त व्यापार समझौते संपन्न किए हैं, जो 38 देशों के साथ प्रभावी व्यापार व्यवस्था का ढांचा तैयार करते हैं। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत दर्ज की गई है, जिसमें देश की मजबूत कानून व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा का भी महत्वपूर्ण योगदान है।
गोवा पुलिस का एआई आधारित 1930 साइबर हेल्पलाइन एजेंट
डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों से निपटने के लिए तकनीक का समावेश एक अनिवार्य जरूरत बन गया है। गृह मंत्री ने बताया कि पूरे देश में साइबर फ्रॉड से बचाव के लिए 1930 हेल्पलाइन नंबर एक मजबूत सुरक्षा कवच के रूप में उभर रहा है। इस दिशा में गोवा पुलिस ने एक नवोन्मेषी कदम उठाते हुए 1930 हेल्पलाइन के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कॉल एजेंट की शुरुआत की है।
तकनीक के इस आधुनिक प्रयोग में गोवा पुलिस देश के अन्य सभी राज्यों से आगे निकल गई है। यह एआई आधारित एजेंट कोंकणी, मराठी और हिंदी में सीधे शिकायतें दर्ज करने में सक्षम है। इसके अलावा, यह प्रणाली संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल सभी भाषाओं में शिकायतों को स्वीकार करके उन्हें संबंधित विभाग तक तुरंत पहुंचाने की क्षमता रखती है। चूंकि गोवा में प्रतिवर्ष देश और विदेश से लाखों पर्यटक पहुंचते हैं, इसलिए बहुभाषी एआई एजेंट की यह सुविधा पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों दोनों के लिए एक दूरदर्शी कदम साबित होगी।
नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन में गोवा पुलिस का प्रदर्शन
भारत में आपराधिक न्याय प्रणाली को आधुनिक, त्वरित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से लागू की गई नई न्याय संहिताओं के क्रियान्वयन में भी गोवा पुलिस ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। देश भर में नई न्याय व्यवस्था के मानकों पर गोवा पुलिस लगातार शीर्ष स्थानों पर रही है।
समारोह में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार गोवा पुलिस के उत्कृष्ट प्रदर्शन के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- प्रगति दर: नई न्याय संहिताओं के क्रियान्वयन के सभी 9 मानकों पर 93.38 प्रतिशत प्रगति के साथ गोवा पुलिस पूरे भारत में दूसरे स्थान पर है।
- सजा दर में बढ़ोतरी: पिछले एक वर्ष में गोवा पुलिस ने मामलों में सजा दिलाने की दर (Conviction Rate) में 30 प्रतिशत की शानदार वृद्धि की है।
- दोषसिद्धि का आंकड़ा: पहले राज्य में केवल 23 प्रतिशत मामलों में सजा हो पाती थी, जो अब बढ़कर 53 प्रतिशत एफआईआर तक पहुंच गई है।
- इमरजेंसी रिस्पॉन्स टाइम: 112 आपातकालीन सेवा का रिस्पॉन्स टाइम 18 मिनट से घटकर अब मात्र 8 मिनट रह गया है।
- त्वरित मदद: आपातकालीन 112 सेवा के माध्यम से 20,000 से अधिक कॉल पर तुरंत पुलिस सहायता पहुंचाई गई है।
नशा मुक्ति रोडमैप और अंतरराष्ट्रीय खेल महाकुंभ की तैयारी
गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा की कि केंद्र सरकार ने देश को नशा मुक्त बनाने के लिए वर्ष 2026 से 2029 तक का एक व्यापक और सुदृढ़ रोडमैप तैयार किया है। इस रोडमैप के तहत सभी राज्य सरकारों और संबंधित केंद्रीय एजेंसियों को एक साथ लाकर भारत के प्रत्येक गांव और शहर को नारकोटिक्स के प्रभाव से मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि गोवा पुलिस नारकोटिक्स नियंत्रण के क्षेत्र में भी अपनी सतर्कता से कड़े कदम उठाएगी।
इसके अलावा, वर्ष 2029 में भारत अंतरराष्ट्रीय पुलिस खेल महाकुंभ की मेजबानी करने जा रहा है। इस अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में पुलिस और अग्निशमन सेवाओं के एथलीट हिस्सा लेंगे। गृह मंत्री ने गोवा पुलिस के जवानों का आह्वान किया कि वे अभी से फुटबॉल और अन्य खेल विधाओं में कठोर प्रशिक्षण शुरू करें, ताकि 2029 के महाकुंभ में भारत की पदक तालिका को समृद्ध बनाया जा सके। 15 लाख से अधिक की आबादी और लंबी समुद्री तटरेखा वाले इस राज्य में पुलिसकर्मियों का शारीरिक रूप से दक्ष और सतर्क रहना अत्यंत आवश्यक है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? प्रेसिडेंट्स कलर सम्मान क्या होता है?
उत्तर। प्रेसिडेंट्स कलर किसी भी सैन्य, अर्धसैन्य या राज्य पुलिस बल को उनकी उत्कृष्ट और दीर्घकालिक सेवाओं, साहस तथा अनुशासन के लिए राष्ट्रपति द्वारा दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है।
प्रश्न? गोवा पुलिस ने 1930 हेल्पलाइन के लिए क्या नया प्रयोग किया है?
उत्तर। गोवा पुलिस ने 1930 साइबर हेल्पलाइन के लिए एआई (AI) आधारित कॉल एजेंट विकसित किया है, जो कोंकणी, मराठी, हिंदी सहित संविधान की आठवीं अनुसूची की सभी प्रमुख भाषाओं में शिकायतों को दर्ज कर सकता है।
प्रश्न? नई न्याय संहिताओं के क्रियान्वयन में गोवा पुलिस का क्या स्थान है?
उत्तर। गोवा पुलिस 93.38 प्रतिशत प्रगति के साथ नई न्याय संहिताओं को लागू करने के मामले में पूरे देश में दूसरे स्थान पर है और इसने सजा दिलाने की दर को 23% से बढ़ाकर 53% कर दिया है।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






