रविवार, सितम्बर 6, 2026

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 2026 के राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्रदान किए

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राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शिक्षक दिवस के मौके पर नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष समारोह में देश भर के चुनिंदा शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया।

मुख्य बातें

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 5 सितंबर 2026 को शिक्षक दिवस पर राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्रदान किए।
  • यह समारोह नई दिल्ली में आयोजित किया गया था।
  • राष्ट्रपति ने प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाई बीच में छोड़ने की दर के नगण्य होने पर शिक्षकों की सराहना की।

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार समारोह का आयोजन 5 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में किया गया, जहां देश भर से आए उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इस कार्यक्रम में शिरकत करते हुए शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्रदान किए और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान की सराहना की। शिक्षक दिवस के इस पावन अवसर पर देश के विभिन्न कोनों से आए शिक्षकों को उनकी मेहनत और समर्पण के लिए यह बड़ा सम्मान मिला है।

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 का आयोजन और महत्व

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार समारोह में बोलते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा हमारे संविधान में निहित अवसर की समानता के आदर्श को कार्यरूप देने का सबसे प्रभावी माध्यम है। स्कूली शिक्षा हमारी पूरी शिक्षा व्यवस्था का आधार होती है। ज्ञान और कौशल तो जीवन में कभी भी प्राप्त किए जा सकते हैं, परंतु बचपन में ही सदाचार की शिक्षा देना सबसे अधिक प्रभावी सिद्ध होता है। प्रारंभिक कक्षाओं में बच्चों के बौद्धिक, शारीरिक और नैतिक विकास पर निष्ठापूर्वक ध्यान देकर हमारे शिक्षक अच्छे विद्यार्थियों और कर्तव्यनिष्ठ नागरिकों की भावी पीढ़ियां तैयार कर रहे हैं। प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाई बीच में छोड़ने की दर के नगण्य हो जाने की बड़ी उपलब्धि पूरी तरह से शिक्षकों के अथक प्रयासों से ही हासिल हो सकी है।

देश के विकास में शैक्षणिक उत्कृष्टता, कौशल विकास और उद्यमिता का बहुत अधिक महत्व है। भारत को ज्ञान की महाशक्ति बनाने के साथ-साथ दुनिया का कौशल-केंद्र के रूप में स्थापित करना हमारी मुख्य राष्ट्रीय प्राथमिकताओं में शामिल है। हम सभी देशवासी विकसित भारत के निर्माण के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और एक विश्वस्तरीय शिक्षा व्यवस्था के बल पर ही एक विकसित राष्ट्र का निर्माण संभव हो सकता है। हमारे शिक्षक इस शिक्षा व्यवस्था में प्राण-वायु का संचार करने का कार्य करते हैं।

वंचित विद्यार्थियों का विशेष ध्यान रखने की अपील

राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में इस बात का विशेष उल्लेख किया कि देश के अनेक विद्यार्थी आर्थिक दृष्टि से कमजोर परिवारों से ताल्लुक रखते हैं। कुछ बच्चे अपने परिवार की पहली पीढ़ी के विद्यार्थी होते हैं, कुछ छात्र गांव के किसी सामान्य स्कूल से शहर के बड़े स्कूलों में आते हैं, कुछ स्वभाव से संकोची होते हैं और कुछ बच्चों में प्रतिभा तो भरपूर होती है लेकिन उनमें आत्मविश्वास की थोड़ी कमी होती है। इसके अलावा कुछ विशेष जरूरतों वाले विद्यार्थी भी होते हैं। ऐसे सभी छात्र जो किसी भी कारण से कोई कमी महसूस करते हैं, उनके मन में आत्मविश्वास जगाना और उन्हें जीवन में आगे बढ़ाना शिक्षकों का एक विशेष दायित्व है। हमारा यह निरंतर प्रयास होना चाहिए कि देश का एक भी विद्यार्थी अच्छी शिक्षा के अवसरों से वंचित न रह जाए।

शिक्षक दिवस और भारतीय शिक्षा प्रणाली की पृष्ठभूमि

भारत में हर साल 5 सितंबर को देश के पहले उपराष्ट्रपति और महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस के अवसर पर शिक्षक दिवस मनाया जाता है। इस दिन देश भर के उन शिक्षकों को सम्मानित किया जाता है जिन्होंने अपनी शिक्षण पद्धति और छात्रों के प्रति समर्पण से समाज में एक मिसाल कायम की है। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के माध्यम से सरकार प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के उन शिक्षकों के कार्यों को मान्यता देती है जो साधारण परिस्थितियों में भी असाधारण परिणाम देते हैं। आज के समय में जब शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है, शिक्षकों की भूमिका केवल किताबी ज्ञान देने तक सीमित नहीं रही है, बल्कि वे बच्चों के मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत भी बन चुके हैं।

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नई दिल्ली में आयोजित समारोह में पुरस्कार बांटे।
  • समारोह की तारीख 5 सितंबर 2026 तय की गई थी।
  • प्राथमिक विद्यालयों में ड्रॉपआउट रेट कम होने पर शिक्षकों की प्रशंसा हुई।
  • विशेष जरूरतों और आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न? राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 का आयोजन कहाँ किया गया था? उत्तर। यह समारोह नई दिल्ली में आयोजित किया गया था।

प्रश्न? इस वर्ष यह पुरस्कार किसने प्रदान किए? उत्तर। यह पुरस्कार देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा प्रदान किए गए।

यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com

दीक्षा कुमारी
दीक्षा कुमारी
दीक्षा कुमारी आज पत्रिका में वरिष्ठ संपादक हैं और शिक्षा, परीक्षाएँ एवं परिणाम, खेल, मनोरंजन, धर्म-संस्कृति तथा लाइफस्टाइल कवरेज की ज़िम्मेदारी संभालती हैं। वे परीक्षा अधिसूचनाओं, रिजल्ट, प्रवेश प्रक्रिया, त्योहारों की परंपराओं और स्वास्थ्य-जीवनशैली से जुड़ी सामग्री को सरल, सटीक और सत्यापित रूप में पाठकों तक पहुँचाती हैं। स्वास्थ्य से जुड़े लेखों में वे हमेशा योग्य विशेषज्ञ से सलाह लेने की सलाह जोड़ती हैं। सुझाव/सुधार: corrections@aajpatrika.com।

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