
पीआईबी के अनुसार, मानसून कमजोर होने और भारी बारिश थमने के बाद कोल इंडिया लिमिटेड के कोयला उत्पादन और आपूर्ति में तेज सुधार देखा जा रहा है।
मुख्य बातें
- अप्रैल-अगस्त के दौरान कोल इंडिया ने 322.90 मिलियन टन कोयले की आपूर्ति की, जो पिछले साल से 6.70% अधिक है।
- 04 सितंबर 2026 को दैनिक कोयला उत्पादन बढ़कर लगभग 1.7 मीट्रिक टन प्रति दिन पहुंच गया।
- अगस्त 2026 में विद्युत क्षेत्र को कोयला आपूर्ति 4.5% बढ़कर 48.46 मीट्रिक टन हो गई।
- कोल इंडिया के पास खदानों में 76 मीट्रिक टन कोयले का भंडार और 46 मीट्रिक टन खनन के लिए तैयार कोयला मौजूद है।
मानसून का प्रभाव कम होने और भारी बारिश के थमने के स्पष्ट संकेतों के बीच कोल इंडिया के कोयला उत्पादन और आपूर्ति में तेजी दर्ज की जा रही है। पीआईबी द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले दिनों में खनन और ढुलाई के कार्यों में और अधिक सुधार होने की पूरी संभावना है। जुलाई और अगस्त के महीनों में पूर्वी-मध्य भागों में लगातार बारिश का सामना करना पड़ा था, जिसके बावजूद कंपनी ने अपनी आपूर्ति को स्थिर बनाए रखा और बाजार की जरूरतों को पूरा किया।
कोल इंडिया उत्पादन में मानसून के बाद कैसे आ रही है तेजी?
कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने चालू वित्त वर्ष के अप्रैल से अगस्त की अवधि के दौरान कुल 322.90 मिलियन टन (एमटी) कोयले की आपूर्ति की है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की समान अवधि में आपूर्ति किए गए 302.60 एमटी से 6.70 प्रतिशत अधिक है। बारिश कम होने से अब जमीनी स्तर पर राहत महसूस की जा रही है। लंबे वक्त तक पानी के संपर्क में रहने से जो परतें चिपचिपी और गीली हो गई थीं, वे अब सूख चुकी हैं। इससे ताजा निकाले गए कोयले का बहना आसान हो गया है और संयंत्रों के जरिए इसका हस्तांतरण भी सुगम हो गया है।
खनन क्षेत्रों में सामान्य हो रहे हैं हालात
खदानों की निचली परतों में भरे पानी को पंपिंग के माध्यम से बाहर निकाला जा रहा है और उत्पादन को दोबारा पटरी पर लाया जा रहा है। आंतरिक ढुलाई की सड़कों की मरम्मत का कार्य भी पूरी गति से चल रहा है। सितंबर के पहले तीन दिनों में, जो बारिश से प्रभावित रहे थे, औसत दैनिक कोयला उत्पादन लगभग 1.36 मीट्रिक टन प्रतिदिन दर्ज किया गया था। लेकिन 04 सितंबर 2026 को, केवल एक दिन की शुष्क राहत मिलने के बाद, यह उत्पादन बढ़कर सीधे 1.7 मीट्रिक टन प्रतिदिन पर पहुंच गया।
- अप्रैल-अगस्त के दौरान 322.90 मिलियन टन कोयले की कुल आपूर्ति की गई।
- अगस्त 2026 में विद्युत क्षेत्र को 48.46 मीट्रिक टन कोयला भेजा गया।
- खदानों में 76 मीट्रिक टन कोयले का भंडार और 46 मीट्रिक टन तैयार कोयला मौजूद है।
- दैनिक ओवरबर्ड रिमूवल (ओबीआर) बढ़कर 4.1 मिलियन घन मीटर हो गया है।
उत्पादन और भविष्य की तैयारियों का एक प्रमुख संकेतक माने जाने वाले ओवरबर्ड रिमूवल (ओबीआर) में भी सुधार देखने को मिला है। सितंबर के शुरुआती तीन दिनों में औसत दैनिक ओबीआर 2.5 मिलियन घन मीटर था, जो 4 सितंबर को बढ़कर 4.1 मिलियन घन मीटर हो गया। शुष्क मौसम की शुरुआत के साथ ही सुरक्षा जोखिम कम हुए हैं और कार्यबल बिना किसी रुकावट के मैदान पर अपने काम को अंजाम दे रहा है। इसके अलावा, एनसीएल और एसईसीएल जैसी सहायक कंपनियों ने अतिरिक्त क्रशिंग क्षमता का विकास किया है जो भविष्य में काफी मददगार साबित होगी।
विद्युत संयंत्रों के लिए बढ़ाई गई आपूर्ति
वित्त वर्ष 2026-27 के अगस्त महीने में कोल इंडिया ने कुल 60.60 मीट्रिक टन कोयले की आपूर्ति की, जो बीते वर्ष के अगस्त की तुलना में 5.50 प्रतिशत अधिक है। अकेले विद्युत क्षेत्र को भेजी गई आपूर्ति इस दौरान 4.5 प्रतिशत बढ़कर 48.46 मीट्रिक टन हो गई। वर्तमान में कोल इंडिया के पास अपनी खदानों में 76 मीट्रिक टन कोयले का मजबूत भंडार उपलब्ध है, जबकि 46 मीट्रिक टन कोयला खनन के लिए पूरी तरह तैयार खड़ा है। मांग को पूरा करने के लिए कंपनी ने ईंधन आपूर्ति समझौतों (एफएसए) वाले संयंत्रों को रेल मार्ग के साथ-साथ सड़क मार्ग से भी अतिरिक्त मात्रा में कोयला उठाने की विशेष पेशकश की है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? अप्रैल-अगस्त के दौरान कुल कितनी आपूर्ति हुई? उत्तर। इस अवधि में कोल इंडिया ने 322.90 मिलियन टन कोयले की आपूर्ति की है।
प्रश्न? अगस्त 2026 में विद्युत क्षेत्र को कितना कोयला मिला? उत्तर। विद्युत क्षेत्र को अगस्त 2026 में 48.46 मीट्रिक टन कोयला भेजा गया।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






