शुक्रवार, सितम्बर 4, 2026

कबड्डी के नियम: कोर्ट माप, अंक प्रणाली और खेल के मुख्य सिद्धांत

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कबड्डी के नियम

कबड्डी के मैदान का आकार, रेडिंग की समय सीमा, डू-ऑर-डाई रेड और सुपर टैकल के सभी नियम आसान भाषा में समझें।

मुख्य बातें

  • कबड्डी के मैच में प्रत्येक टीम से 7 खिलाड़ी मैदान पर उतरते हैं और 5 विकल्प के रूप में रहते हैं।
  • पुरुषों के लिए मैच 40 मिनट और महिलाओं के लिए 30 मिनट का होता है।
  • रेडर को 30 सेकंड के भीतर बिना सांस तोड़े ‘कबड्डी’ बोलते हुए अंक हासिल करना होता है।
  • 3 या उससे कम डिफेंडर्स द्वारा रेडर को पकड़ने पर 2 सुपर टैकल अंक मिलते हैं।

कबड्डी के नियम इस पारंपरिक और अंतरराष्ट्रीय खेल को अनुशासित, निष्पक्ष और अत्यधिक रोमांचक बनाते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एशियन गेम्स और प्रो कबड्डी लीग में इन कबड्डी के नियमों का सख्ती से पालन किया जाता है।

कबड्डी के नियम क्या हैं?

कबड्डी के नियम मैदान पर 7-7 खिलाड़ियों वाली दो टीमों के मुकाबले को नियंत्रित करते हैं। इस खेल में एक टीम का रेडर ‘कबड्डी-कबड्डी’ का उच्चारण करते हुए विरोधी टीम के पाले में प्रवेश करता है और डिफेंडर्स को स्पर्श करके अपनी सीमा में वापस आने का प्रयास करता है। यदि रेडर बिना सांस तोड़े और 30 सेकंड की सीमा में वापस लौट आता है, तो उसकी टीम को अंक मिलते हैं।

मानक कबड्डी के नियम और कोर्ट की माप

अंतरराष्ट्रीय और प्रो कबड्डी स्पर्धाओं में एक निश्चित आकार की चटाई (मैट) या मिट्टी के मैदान का उपयोग होता है। कबड्डी के मैदान को दो बराबर हिस्सों में बाँटने वाली रेखा को मध्य रेखा (Mid-line) कहा जाता है।

  • मैदान का आकार: पुरुषों के लिए कोर्ट 13 मीटर लंबा और 10 मीटर चौड़ा होता है। महिलाओं और जूनियर वर्ग के लिए कोर्ट 12 मीटर लंबा और 8 मीटर चौड़ा होता है।
  • खिलाड़ियों की संख्या: प्रत्येक टीम में कुल 12 खिलाड़ी होते हैं, जिनमें से 7 खिलाड़ी मैदान पर उतरते हैं और 5 खिलाड़ी स्थानापन्न (Substitutes) के रूप में रहते हैं।
  • मैच की समय सीमा: पुरुषों के मैच में 20-20 मिनट के दो हाफ होते हैं। दोनों हाफ के बीच 5 मिनट का ब्रेक होता है। महिलाओं के लिए 15-15 मिनट के दो हाफ तय हैं।
  • बाल्क लाइन और बोनस लाइन: मध्य रेखा से 3.75 मीटर की दूरी पर बाल्क लाइन (Baulk Line) होती है। बाल्क लाइन से 1 मीटर आगे बोनस लाइन होती है।
  • लॉबी (Lobby): कोर्ट के दोनों किनारों पर 1-1 मीटर की पट्टी होती है। रेडर और डिफेंडर के बीच संपर्क (स्ट्रगल) होने के बाद ही यह लॉबी मैदान का हिस्सा मानी जाती है।

रेडिंग से जुड़े कबड्डी के नियम

रेडर जब विरोधी पाले में प्रवेश करता है, तो उसे कुछ विशेष नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करना होता है। रेडिंग के दौरान अपनाई जाने वाली मुख्य प्रक्रिया यहाँ दी गई है:

  1. सांस (Cant) जारी रखना: रेडर को अपने पाले से निकलते ही स्पष्ट और तेज आवाज में ‘कबड्डी-कबड्डी’ बोलना शुरू करना होता है। सांस टूटने पर रेडर को आउट घोषित कर दिया जाता है।
  2. बाल्क लाइन पार करना: एक वैध रेड के लिए रेडर को कम से कम एक पैर से बाल्क लाइन को पार करना अनिवार्य है, जब तक कि वह किसी डिफेंडर को छू न ले।
  3. समय सीमा: प्रत्येक रेड की अधिकतम अवधि 30 सेकंड होती है। 30 सेकंड समाप्त होने से पहले रेडर को अपने पाले में लौटना होता है।
  4. बोनस अंक हासिल करना: जब विरोधी पाले में 6 या 7 डिफेंडर उपस्थित हों, तब रेडर यदि अपना एक पैर बोनस लाइन के पार रखे और दूसरा पैर हवा में उठाए, तो उसे 1 बोनस अंक मिलता है।

अंक प्रणाली और आउट-रिवाइवल के कबड्डी के नियम

कबड्डी में अंक अर्जित करने और खिलाड़ियों के आउट या पुनर्जीवित (Revive) होने के स्पष्ट नियम बनाए गए हैं। जब कोई खिलाड़ी आउट होता है, तो विरोधी टीम को 1 अंक मिलता है।

आउट हुए खिलाड़ियों को उसी क्रम में मैदान पर वापस लाया जाता है जिस क्रम में वे आउट हुए थे। इसे रिवाइवल का नियम कहते हैं। जब आपकी टीम विरोधी खिलाड़ी को आउट करती है, तो आपकी टीम का सबसे पहले आउट हुआ खिलाड़ी मैदान पर वापस लौटता है।

यदि कोई टीम विरोधी टीम के सभी 7 खिलाड़ियों को आउट कर देती है, तो इसे ‘ऑल-आउट’ (All-Out) कहा जाता है। ऑल-आउट करने वाली टीम को 2 अतिरिक्त अंक मिलते हैं और विरोधी टीम के सभी 7 खिलाड़ी दोबारा मैदान पर आ जाते हैं।

विशेष परिस्थितियाँ: डू-ऑर-डाई और सुपर टैकल

आधुनिक कबड्डी को तेज और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए कुछ विशेष नियम जोड़े गए हैं:

  • डू-ऑर-डाई रेड (Do-or-Die Raid): यदि कोई टीम लगातार दो खाली (Empty) रेड करती है जिसमें कोई अंक न मिला हो, तो तीसरी रेड ‘डू-ऑर-डाई’ होती है। इस रेड में रेडर को अंक हासिल करना या बोनस लेना अनिवार्य होता है, अन्यथा उसे आउट घोषित कर दिया जाता है।
  • सुपर टैकल (Super Tackle): जब मैदान पर किसी टीम के केवल 3 या उससे कम खिलाड़ी बचे हों और वे रेडर को सफलतापूर्वक टैकल कर लें, तो उस टीम को 1 के बजाय 2 अंक मिलते हैं। इसे सुपर टैकल कहते हैं।

मानक कबड्डी और सर्किल कबड्डी में अंतर

भारत में पारंपरिक रूप से दो प्रकार की कबड्डी खेली जाती है। पंजाब और ग्रामीण इलाकों में सर्किल कबड्डी के नियम थोड़े अलग होते हैं। नीचे दी गई तालिका से दोनों शैलियों का अंतर समझा जा सकता है:

विशेषतामानक (इंसिडेंट/प्रो) कबड्डीसर्किल (पंजाबी) कबड्डी
मैदान का आकारआयताकार (13m x 10m)गोलाकार (22 मीटर त्रिज्या)
खिलाड़ियों की संख्या7 खिलाड़ी मैदान पर8 खिलाड़ी मैदान पर
टैकल की शैलीसामूहिक टैकल संभवकेवल एक डिफेंडर टैकल कर सकता है
बोनस लाइनउपलब्ध होती हैबोनस लाइन नहीं होती

रक्षात्मक खिलाड़ियों के लिए कबड्डी के नियम

डिफेंडर्स का मुख्य उद्देश्य रेडर को अपनी सीमा में जाने से रोकना होता है। हालांकि, रक्षात्मक खिलाड़ियों (Defenders) के लिए कबड्डी के नियम तय करते हैं कि वे रेडर के कपड़े, बाल या शरीर के किसी भी ऐसे हिस्से को न पकड़ें जिससे चोट लगने का जोखिम हो। टैकल के दौरान केवल रेडर के हाथ और पैर पकड़े जा सकते हैं। यदि डिफेंडर का शरीर रेड के दौरान बिना रेडर को छुए सीमा रेखा से बाहर चला जाता है, तो वह डिफेंडर आउट माना जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न: कबड्डी में डू-ऑर-डाई रेड क्या होती है?
उत्तर: लगातार दो खाली रेड के बाद आने वाली तीसरी रेड डू-ऑर-डाई रेड कहलाती है। इसमें रेडर को अंक अर्जित करना अनिवार्य होता है, वरना वह आउट हो जाता है।

प्रश्न: सुपर टैकल में कितने पॉइंट मिलते हैं?
उत्तर: जब मैदान में 3 या उससे कम डिफेंडर मौजूद हों और वे रेडर को सफलता पूर्वक टैकल कर लें, तो टैकल करने वाली टीम को 2 अंक मिलते हैं।

प्रश्न: क्या रेडर बिना ‘कबड्डी’ बोले रेड कर सकता है?
उत्तर: नहीं, रेडर को विरोधी पाले में जाते ही बिना सांस तोड़े लगातार ‘कबड्डी’ बोलना अनिवार्य होता है। ऐसा न करने पर रेडर आउट माना जाता है।

प्रश्न: प्रो कबड्डी में एक मैच कितने मिनट का होता है?
उत्तर: पुरुषों के लिए प्रो कबड्डी मैच 40 मिनट का होता है, जिसे 20-20 मिनट के दो हिस्सों में बाँटा जाता है।

यह लेख आज पत्रिका की एक्सप्लेनर डेस्क द्वारा सामान्य जागरूकता के लिए तैयार किया गया है। नियम और प्रक्रियाएं समय-समय पर बदल सकती हैं — कृपया आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करें। सुधार/सुझाव: corrections@aajpatrika.com

दीक्षा कुमारी
दीक्षा कुमारी
दीक्षा कुमारी आज पत्रिका में वरिष्ठ संपादक हैं और शिक्षा, परीक्षाएँ एवं परिणाम, खेल, मनोरंजन, धर्म-संस्कृति तथा लाइफस्टाइल कवरेज की ज़िम्मेदारी संभालती हैं। वे परीक्षा अधिसूचनाओं, रिजल्ट, प्रवेश प्रक्रिया, त्योहारों की परंपराओं और स्वास्थ्य-जीवनशैली से जुड़ी सामग्री को सरल, सटीक और सत्यापित रूप में पाठकों तक पहुँचाती हैं। स्वास्थ्य से जुड़े लेखों में वे हमेशा योग्य विशेषज्ञ से सलाह लेने की सलाह जोड़ती हैं। सुझाव/सुधार: corrections@aajpatrika.com।

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