
उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने कोच्चि में राजगिरी स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के रजत जयंती समारोह में भाग लिया और उद्योग-शिक्षा शिखर सम्मेलन ‘कॉनफ्लुएंस 3.0’ का उद्घाटन किया।
मुख्य बातें
- उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने कोच्चि में राजगिरी स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आरएसईटी) के रजत जयंती समारोह में हिस्सा लिया।
- उन्होंने ‘इंडिया, इम्पैक्ट ऑफ एआई’ विषय पर केंद्रित उद्योग-शिक्षा शिखर सम्मेलन ‘कॉनफ्लुएंस 3.0’ का उद्घाटन किया।
- कार्यक्रम के दौरान उन्होंने संस्थान के नए प्रशासनिक भवन की आधारशिला भी रखी।
- समारोह में केरल के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने हाल ही में कोच्चि में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान कॉनफ्लुएंस 3.0 का औपचारिक उद्घाटन किया। यह आयोजन राजगिरी स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आरएसईटी) के रजत जयंती समारोह के अवसर पर किया गया था, जिसमें देश भर के दिग्गज शिक्षाविद् और उद्योग जगत के नेता शामिल हुए। इस सम्मेलन का मुख्य विषय ‘इंडिया, इम्पैक्ट ऑफ एआई’ रखा गया था, जो आधुनिक युग में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और तकनीकी बदलावों पर केंद्रित है। पीआईबी के अनुसार, उपराष्ट्रपति ने अपने संबोधन में तकनीकी शिक्षा और बाजार की वास्तविक मांगों के बीच तालमेल बिठाने पर विशेष जोर दिया।
कॉनफ्लुएंस 3.0 और तकनीकी शिक्षा का भविष्य
आयोजित शिखर सम्मेलन कॉनफ्लुएंस 3.0 के मंच से बोलते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि मौजूदा दौर में शिक्षा को केवल पारंपरिक डिग्रफियों तक सीमित नहीं रखा जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमें केवल रोजगार के लिए लोग तैयार करने की बजाय बाजार की बदलती हुई और वैश्विक मांगों को बारीकी से समझना होगा। शिक्षा प्रणाली में अनुसंधान, नवाचार और समस्या-समाधान की संस्कृति को बढ़ावा देना समय की सबसे बड़ी मांग है। उन्होंने कहा कि भारत को तकनीकी और स्टार्ट-अप का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए अकादमिक जगत और उद्योग जगत के बीच मजबूत साझेदारी का होना अनिवार्य है।
केरल में उच्च-प्रौद्योगिकी उद्योगों की आवश्यकता
अपने भाषण में उपराष्ट्रपति ने केरलम की साक्षरता, सामाजिक विकास और मानव पूंजी के क्षेत्र में मिली उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री और अन्य नीति निर्माताओं से अपील करते हुए कहा कि भूमि की सीमित उपलब्धता और ऊंची लागत के कारण पारंपरिक भारी उद्योगों को स्थापित करना यहां चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में राज्य को उच्च-प्रौद्योगिकी और ज्ञान-आधारित उद्योगों पर अधिक ध्यान केंद्रित करना चाहिए। केरल का मजबूत शैक्षिक आधार ऐसे हाई-टेक उद्यमों को आसानी से आकर्षित कर सकता है और स्थानीय स्तर पर नए रोजगार के अवसर पैदा कर सकता है।
नैतिक मूल्यों और एआई का जिम्मेदार उपयोग
तकनीकी विकास के इस दौर में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के सही इस्तेमाल पर भी कॉनफ्लुएंस 3.0 के दौरान विस्तार से चर्चा की गई। उपराष्ट्रपति ने नैतिक मूल्यों से जुड़े रहते हुए नवोन्मेषी शिक्षण, अंतर्विषयक अनुसंधान और एआई के जिम्मेदार उपयोग का आह्वान किया। उन्होंने छात्रों और युवाओं से विशेष रूप से आग्रह किया कि वे मादक पदार्थों से दूर रहें क्योंकि क्षणिक सुख इंसान के महान लक्ष्यों को नष्ट कर सकते हैं। इसके अलावा, उन्होंने संस्थान के नए प्रशासनिक भवन की आधारशिला भी रखी जो इसकी शैक्षणिक उत्कृष्टता की यात्रा में एक नया मील का पत्थर साबित होगा।
- राजकीय और शैक्षणिक स्तर पर तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने की बात कही गई।
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के जिम्मेदार और नैतिक उपयोग पर जोर दिया गया।
- पारंपरिक उद्योगों के बजाय ज्ञान-आधारित और हाई-टेक उद्यमों को प्राथमिकता देने का आह्वान।
- युवाओं को नशे से दूर रहकर अपनी क्षमताओं का समाज कल्याण में उपयोग करने की सलाह।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? कॉनफ्लुएंस 3.0 का आयोजन कहाँ किया गया था? उत्तर। इसका आयोजन कोच्चि में राजगिरी स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आरएसईटी) में किया गया।
प्रश्न? इस शिखर सम्मेलन का मुख्य विषय क्या था? उत्तर। इस सम्मेलन का मुख्य विषय ‘इंडिया, इम्पैक्ट ऑफ एआई’ था।
प्रश्न? इस कार्यक्रम का उद्घाटन किसने किया? उत्तर। इसका उद्घाटन देश के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने किया।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






