
भारतीय रिज़र्व बैंक ने सरकारी प्रतिभूतियों की बिक्री के संबंध में नया अपडेट जारी किया है, जिसके तहत 32,000 करोड़ रुपये की राशि जुटाई जाएगी।
मुख्य बातें
- भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा कुल 32,000 करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूति की नीलामी की घोषणा की गई है।
- यह नीलामी 4 सितंबर 2026 (शुक्रवार को) ई-कुबेर सिस्टम के माध्यम से आयोजित की जाएगी।
- इसमें नई जीएस 2031 (21,000 करोड़ रुपये) और 7.71% जीएस 2066 (11,000 करोड़ रुपये) शामिल हैं।
- सफल बोलीदाताओं द्वारा भुगतान 7 सितंबर 2026 (सोमवार) को किया जाएगा।
भारतीय रिज़र्व बैंक के अनुसार, बाजार से फंड जुटाने के लिए सरकारी प्रतिभूति की नीलामी की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश में वित्तीय तरलता और सरकारी कर्ज प्रबंधन के तहत इस नई नीलामी की घोषणा की है। सरकार द्वारा जारी इन प्रतिभूतियों के माध्यम से कुल 32,000 करोड़ रुपये की अधिसूचित राशि जुटाई जाएगी। यह प्रक्रिया पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से संपन्न होगी, जिसमें निवेशक और पात्र संस्थान हिस्सा ले सकेंगे। केन्द्रीय बैंक देश की अर्थव्यवस्था और बैंकिंग प्रणाली को स्थिर रखने के लिए समय-समय पर इस तरह के बॉन्ड और सिक्योरिटीज जारी करता रहता है।
सरकारी प्रतिभूति नीलामी की मुख्य विशेषताएं
आरबीआई की घोषणा के मुताबिक, इस नीलामी में दो अलग-अलग प्रतिभूतियां शामिल हैं। पहली नई जीएस 2031 है जिसकी पुनर्भुगतान तिथि 7 सितंबर 2031 है और इसकी अधिसूचित राशि 21,000 करोड़ रुपये है। दूसरी प्रतिभूति 7.71% जीएस 2066 है जो 18 मई 2066 को परिपक्व होगी और इसकी राशि 11,000 करोड़ रुपये है। इसके अलावा, सरकार के पास प्रत्येक प्रतिभूति के सामने 2,000 करोड़ रुपये तक के अतिरिक्त सब्सक्रिप्शन को बनाए रखने का विकल्प भी सुरक्षित रहेगा।
भारतीय रिज़र्व बैंक का यह कदम देश के वित्तीय बाजारों में निवेश के नए अवसर पैदा करता है। सरकारी प्रतिभूतियों को भारत में सबसे सुरक्षित निवेश विकल्पों में गिना जाता है क्योंकि इनमें सॉवरेन गारंटी होती है। खुदरा निवेशक भी आरबीआई रिटेल डायरेक्ट पोर्टल के माध्यम से गैर-प्रतिस्पर्धी श्रेणी में इसमें आवेदन कर सकते हैं। अर्थव्यवस्था में जब भी सरकारी खर्चों को पूरा करने या वित्तीय संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता होती है, तो इस प्रकार की प्रतिभूतियों का उपयोग किया जाता है।
बोली लगाने की प्रक्रिया और समय
सभी प्रतिस्पर्धी और गैर-प्रतिस्पर्धी बोलियां भारतीय रिज़र्व बैंक के कोर बैंकिंग सॉल्यूशन यानी ई-कुबेर सिस्टम पर इलेक्ट्रॉनिक फॉर्मेट में प्रस्तुत की जाएंगी। गैर-प्रतिस्पर्धी बोलियां 4 सितंबर 2026 को सुबह 10:30 बजे से 11:00 बजे तक जमा की जा सकेंगी, जबकि प्रतिस्पर्धी बोलियों का समय सुबह 10:30 बजे से 11:30 बजे तक तय किया गया है। नीलामी के परिणाम उसी दिन घोषित किए जाएंगे और सफल बोलीदाताओं को 7 सितंबर 2026 को भुगतान करना होगा।
- कुल अधिसूचित राशि: 32,000 करोड़ रुपये
- नीलामी की तिथि: 4 सितंबर 2026 (शुक्रवार)
- बिक्री का मंच: आरबीआई मुंबई कार्यालय और ई-कुबेर प्रणाली
- न्यूनतम बोली आकार: 10,000 रुपये और उसके गुणक
सरकारी प्रतिभूति बाजार का महत्व
वित्तीय बाजार में सरकारी प्रतिभूति निवेशकों और बैंकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। ये सिक्योरिटीज तरलता प्रबंधन और मौद्रिक नीति के क्रियान्वयन में केंद्रीय बैंक की मदद करती हैं। वाणिज्यिक बैंक और प्राथमिक डीलर इन प्रतिभूतियों का उपयोग अपनी सांविधिक तरलता अनुपात (SLR) आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए भी करते हैं। जब भी कोई नया इश्यू आता है, तो बाजार में कारोबार करने वाले निवेशकों के लिए यह एक सुनहरा मौका होता है।
सामान्य नागरिकों और संस्थागत निवेशकों के लिए इन बॉन्डों में निवेश करना बेहद आसान बना दिया गया है। आरबीआई ने इसके लिए पारदर्शी डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराए हैं, जिससे बिडिंग प्रक्रिया में किसी प्रकार की अड़चन न आए। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान यदि कोई तकनीकी समस्या आती है, तो उसके लिए भी वैकल्पिक व्यावसायिक निरंतरता योजना (BCP) तैयार रखी गई है, ताकि नीलामी समय पर पूरी हो सके।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? सरकारी प्रतिभूति नीलामी में न्यूनतम निवेश राशि क्या है?
उत्तर। न्यूनतम राशि 10,000 रुपये (नाममात्र) और उसके बाद 10,000 रुपये के गुणकों में होगी।
प्रश्न? क्या खुदरा निवेशक इन बॉन्डों को खरीद सकते हैं?
उत्तर। हां, व्यक्तिगत निवेशक आरबीआई रिटेल डायरेक्ट पोर्टल के जरिए गैर-प्रतिस्पर्धी योजना के तहत बोली लगा सकते हैं।
प्रश्न? नीलामी के नतीजे कब घोषित किए जाएंगे?
उत्तर। बोलियां जमा करने के दिन यानी 4 सितंबर 2026 को ही परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।
यह रिपोर्ट RBI (भारतीय रिज़र्व बैंक) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: RBI (भारतीय रिज़र्व बैंक)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






