मंगलवार, सितम्बर 1, 2026

प्याज बफर स्टॉक: कांदा एक्सप्रेस से देश भर में सस्ते प्याज की आपूर्ति

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प्याज बफर स्टॉक

सरकार ने मौसमी महंगाई पर लगाम लगाने के लिए कांदा एक्सप्रेस और सड़क परिवहन के जरिए 35 रुपये प्रति किलो की दर से सस्ते प्याज की बिक्री शुरू की है।

मुख्य बातें

  • नासिक से कांदा एक्सप्रेस की पहली खेप 450 मीट्रिक टन प्याज लेकर दिल्ली और दूसरी खेप 840 मीट्रिक टन चेन्नई पहुंची।
  • उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए 19 प्रमुख शहरों में 35 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से प्याज की खुदरा बिक्री जारी।
  • पीआईबी के अनुसार, मूल्य स्थिरीकरण कोष (पीएसएफ) के तहत एनसीसीएफ और नेफेड के माध्यम से 24 अगस्त 2026 से बफर स्टॉक की आपूर्ति शुरू हुई।
  • लगभग 3,400 प्याज उत्पादक किसानों को सीधे 210 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।

केंद्र सरकार ने देश भर में कीमतों को नियंत्रित रखने और उपभोक्ताओं को सस्ती दरों पर रसोई सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्याज बफर स्टॉक की सुनियोजित और लक्षित आपूर्ति का व्यापक विस्तार किया है। पीआईबी के अनुसार, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने रेल और सड़क परिवहन के हाइब्रिड मॉडल के माध्यम से मुख्य उपभोग केंद्रों तक प्याज पहुंचाने का कार्य तेज कर दिया है। सरकार की इस समयबद्ध पहल का मुख्य उद्देश्य बाजार में प्याज की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना तथा मौसमी उतार-चढ़ाव के कारण बढ़ने वाले मूल्य दबावों को कम करना है।

प्याज बफर स्टॉक से रेल और सड़क मार्ग द्वारा आपूर्ति

सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, मूल्य स्थिरीकरण कोष (पीएसएफ) के अंतर्गत रखे गए प्याज बफर स्टॉक का उठाव और वितरण 24 अगस्त 2026 से भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ लिमिटेड (नेफेड) तथा भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ लिमिटेड (एनसीसीएफ) के माध्यम से प्रारंभ हुआ है। देश के प्रमुख राज्यों और दूरदराज के उपभोग क्षेत्रों तक तुरंत आपूर्ति पहुंचाने के लिए ‘कांदा एक्सप्रेस’ नामक विशेष रेलगाड़ियों की मदद ली जा रही है।

महाराष्ट्र के नासिक से कांदा एक्सप्रेस की दो बड़ी खेपें रवाना की गई हैं। इनमें से 450 मीट्रिक टन प्याज लेकर पहली ट्रेन 27 अगस्त 2026 को देर रात दिल्ली पहुंची। इस खेप में से 140 मीट्रिक टन प्याज तुरंत लखनऊ, वाराणसी, चंडीगढ़ और अमृतसर भेजा गया, जबकि शेष प्याज का वितरण दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में किया गया। इसके बाद 840 मीट्रिक टन प्याज से लदी दूसरी कांदा एक्सप्रेस 31 अगस्त 2026 को चेन्नई पहुंची। तमिलनाडु सरकार इस प्याज को अपने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) नेटवर्क के जरिए प्रति राशन कार्ड 1 किलोग्राम प्याज के हिसाब से वितरित करने की योजना पर काम कर रही है। राज्य के विभिन्न 16 जिलों में जिला-वार क्लस्टर बनाकर इसका सुचारू वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है।

इसके अतिरिक्त, लगभग 1,000 मीट्रिक टन प्याज को सड़क मार्ग से सीधे प्रमुख उपभोग केंद्रों तक पहुंचाया जा रहा है। परिवहन की इस दोहरी व्यवस्था से आपूर्ति श्रृंखला को गति मिली है, जिससे स्थानीय थोक मंडियों में प्याज की आवक में सुधार देखने को मिल रहा है।

19 प्रमुख शहरों में प्याज बफर स्टॉक की बिक्री

देश भर के उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से 19 प्रमुख शहरों में प्याज बफर स्टॉक की खुदरा बिक्री शुरू की गई है। इस खुदरा वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए 30 से अधिक विशेष ट्रकों और मोबाइल वैनों को तैनात किया गया है। केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री श्री बी.एल. वर्मा ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इस खुदरा बिक्री पहल का औपचारिक शुभारंभ किया है।

उपभोक्ताओं को यह प्याज 35 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है। बिक्री एनसीसीएफ, नेफेड, केंद्रीय भंडार के स्थायी आउटलेट्स और भ्रमणशील मोबाइल वैन के जरिए की जा रही है। अब तक लगभग 669 मीट्रिक टन प्याज की बिक्री पूरी हो चुकी है, जिसमें से 223 मीट्रिक टन प्याज ई-एनएएम (e-NAM) पोर्टल और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से मंडी दरों पर थोक खरीदारों को बेचा गया है, जबकि 446 मीट्रिक टन प्याज खुदरा केंद्रों से सीधे नागरिकों तक पहुंचा है।

जिन प्रमुख 19 शहरों में खुदरा बिक्री का विस्तार किया गया है, उनमें निम्नलिखित शहर शामिल हैं:

  • उत्तर भारत: दिल्ली, जयपुर, जम्मू, देहरादून, शिमला, अमृतसर, चंडीगढ़, लखनऊ और वाराणसी।
  • पूर्व एवं उत्तर-पूर्व भारत: कोलकाता, गुवाहाटी, पटना, भोजपुर (बिहार), शरीफ (बिहार) और भुवनेश्वर।
  • दक्षिण भारत: चेन्नई, मदुरै, त्रिशूर और कोच्चि।

प्याज बफर स्टॉक का मूल्य स्थिरीकरण कोष और इसका महत्व

भारत में प्याज की खेती मुख्य रूप से रबी, खरीफ और लेट-खरीफ सीजन में होती है। मानसून के दौरान और नई फसल आने से ठीक पहले के समय में प्याज की आवक कम हो जाने से अक्सर कीमतें तेजी से बढ़ती हैं। इसी मौसमी अंतर को पाटने के लिए सरकार मूल्य स्थिरीकरण कोष (पीएसएफ) के माध्यम से प्याज बफर स्टॉक का निर्माण करती है। इस कोष का प्राथमिक कार्य बाजार में कृत्रिम कमी और जमाखोरी को रोकना तथा कीमतों में अत्यधिक उछाल से आम जनता का बचाव करना है।

जब सरकार प्याज बफर स्टॉक को ‘कांदा एक्सप्रेस’ जैसी मालगाड़ियों और ट्रकों के जरिए थोक एवं खुदरा बाजारों में जारी करती है, तो बाजार में आपूर्ति तुरंत सुधर जाती है। दिल्ली, वाराणसी और अमृतसर जैसे शहरों में बफर स्टॉक की आवक शुरू होते ही खुदरा कीमतों में स्थिरता और गिरावट देखने को मिली है। इस तरह की समयबद्ध आपूर्ति से न केवल आम उपभोक्ता को राहत मिलती है, बल्कि पूरे बाजार में सट्टेबाजी पर भी अंकुश लगता है।

किसानों को भुगतान और प्याज बफर स्टॉक का प्रभाव

सरकार ने इस बात पर जोर दिया है कि मूल्य नियंत्रण के इस प्रयास में प्याज उत्पादक किसानों के आर्थिक हितों की पूरी रक्षा की गई है। लगभग 3,400 किसानों से सीधे प्याज की खरीद करके उन्हें 210 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष भुगतान समय पर पूरा किया जा चुका है। इससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिला है और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है।

विज्ञप्ति के अनुसार, प्याज बफर स्टॉक के परिवहन और बड़ी मात्रा में आपूर्ति के दौरान किसी भी प्रकार के नुकसान या गबन को रोकने के लिए पुख्ता सुरक्षा इंतजाम भी लागू किए गए हैं। सरकार का यह कदम किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ आम उपभोक्ताओं को सस्ती दर पर अनिवार्य खाद्य वस्तुएं उपलब्ध कराने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न: प्याज बफर स्टॉक से प्याज किस दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है?
उत्तर: सरकार द्वारा एनसीसीएफ, नेफेड और केंद्रीय भंडार के माध्यम से प्याज 35 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराया जा रहा है।

प्रश्न: कांदा एक्सप्रेस से प्याज किन शहरों में पहुंचाया गया है?
उत्तर: नासिक से कांदा एक्सप्रेस द्वारा 450 मीट्रिक टन प्याज दिल्ली-एनसीआर (तथा लखनऊ, वाराणसी, चंडीगढ़, अमृतसर) और 840 मीट्रिक टन प्याज चेन्नई पहुंचाया गया है।

प्रश्न: किसानों को बफर स्टॉक खरीद के तहत कितना भुगतान किया गया है?
उत्तर: सरकार द्वारा लगभग 3,400 किसानों को सीधे 210 करोड़ रुपये का समय पर भुगतान किया जा चुका है।

यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com

अभिषेक सिंह
अभिषेक सिंह
अभिषेक सिंह आज पत्रिका के समाचार संपादक हैं और अर्थव्यवस्था, बाज़ार, रोज़गार तथा शिक्षा से जुड़ी खबरें देखते हैं।

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