
माई भारत और सहयोगी संगठनों द्वारा देश भर में 150 से अधिक स्थानों पर ‘नशा मुक्त युवा’ के लिए पदयात्रा निकाली गई, जिसमें एक लाख से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया।
मुख्य बातें
- 4 अक्टूबर 2026 को देश भर में 150 से अधिक स्थानों पर पदयात्रा आयोजित की गई।
- इस राष्ट्रव्यापी अभियान में 1 लाख से अधिक युवाओं और नागरिकों ने भाग लिया।
- कार्यक्रम में 2 उप-राज्यपाल, 1 कैबिनेट मंत्री, 8 सांसद और 8 विधायक शामिल हुए।
- प्रतिभागियों ने 3-5 किलोमीटर की वॉक, नुक्कड़ नाटक और नशा मुक्ति की शपथ ली।
नशा मुक्त युवा पदयात्रा का देशव्यापी आयोजन
नशा मुक्त युवा अभियान के तहत माई भारत और उसके सहयोगी संगठनों ने 4 अक्टूबर 2026 को देश भर में 150 से अधिक स्थानों पर पदयात्रा का आयोजन किया जिसमें 1 लाख से अधिक युवाओं और नागरिकों ने उत्साह के साथ भाग लिया। प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के अनुसार इस राष्ट्रव्यापी पहल का मुख्य उद्देश्य समाज में नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति गंभीर जागरूकता पैदा करना है।
इस बड़े आयोजन ने देश भर के आम नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न संगठनों को एक मंच पर ला खड़ा किया। कार्यक्रम का मकसद हर व्यक्ति को यह समझाना था कि एक स्वस्थ और नशा-मुक्त समाज का निर्माण केवल सामूहिक जिम्मेदारी और आपसी सहयोग से ही संभव हो सकता है। अभियान के दौरान देश के कोने-कोने में विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियां देखने को मिलीं।
पदयात्रा और जागरूकता गतिविधियों की रूपरेखा
इस देशव्यापी कार्यक्रम के दौरान देश भर के विभिन्न शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में अलग-अलग तरह के जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए। प्रतिभागियों ने तीन से पांच किलोमीटर तक लंबी वॉक में हिस्सा लिया। इसके अलावा लोगों को जागरूक करने के लिए नुक्कड़ नाटक, स्लोगन लेखन और हेरिटेज वॉक जैसी गतिविधियों का भी आयोजन किया गया। इन रचनात्मक माध्यमों से सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को नशे से दूर रहने का कड़ा संदेश दिया गया।
- देश भर में 150 से ज्यादा जगहों पर निकाली गई पदयात्रा।
- अभियान में 3 से 5 किलोमीटर की वॉक और नुक्कड़ नाटक का आयोजन।
- प्रतिभागियों द्वारा नशीले पदार्थों के सेवन से दूर रहने की ली गई शपथ।
- कार्यक्रम में 2 उप-राज्यपाल, 1 कैबिनेट मंत्री, 8 सांसद और 8 विधायक रहे मौजूद।
विशेष शपथ ग्रहण और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी
इस अभियान का एक सबसे अहम हिस्सा ‘नशा मुक्त युवा शपथ’ रहा जिसमें सभी उपस्थित लोगों ने नशीले पदार्थों को कभी न छूने का संकल्प लिया। इस शपथ के माध्यम से हर नागरिक ने व्यक्तिगत रूप से यह जिम्मेदारी ली कि वे खुद भी नशे से दूर रहेंगे और समाज को भी इसके खिलाफ जागरूक करेंगे। इस बड़े सरकारी और सामाजिक आयोजन में देश के कई प्रतिष्ठित जनप्रतिनिधियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
प्रेस सूचना ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम में कुल 2 उप-राज्यपाल, 1 कैबिनेट मंत्री, 8 लोकसभा और राज्यसभा सांसद तथा 8 विधानसभा विधायक शामिल हुए। इन दिग्गजों की मौजूदगी ने इस सामाजिक अभियान को एक नई पहचान दी और देश भर के युवाओं तक इसका संदेश मजबूती के साथ पहुंचाया।
विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ता कदम
यह पूरी पहल ‘विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा’ नामक बड़े अभियान का एक प्रमुख हिस्सा है जिसका उद्देश्य आने वाली पीढ़ी को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाना है। सरकार और विभिन्न संगठन मिलकर यह प्रयास कर रहे हैं कि निरंतर जन-जागरूकता अभियानों के जरिए देश के युवाओं को नशे की चपेट में आने से बचाया जा सके। जब देश का युवा स्वस्थ और जागरूक होगा तभी एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण हो सकता है।
माई भारत संगठन इस दिशा में लगातार काम कर रहा है ताकि युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ा जा सके। इस तरह के आयोजनों से न केवल जमीनी स्तर पर जनसंपर्क बढ़ता है बल्कि समाज में व्याप्त एक बड़ी कुरीति के खिलाफ सामूहिक आवाज भी बुलंद होती है। आने वाले समय में भी इस तरह के जागरूकता अभियानों को देश के हर हिस्से में जारी रखने की योजना है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? नशा मुक्त युवा पदयात्रा का आयोजन कब किया गया था? उत्तर। यह राष्ट्रव्यापी पदयात्रा 4 अक्टूबर 2026 को आयोजित की गई थी।
प्रश्न? इस अभियान में कुल कितने लोगों ने भाग लिया? उत्तर। इस अभियान में देश भर से 1 लाख से अधिक युवाओं और नागरिकों ने उत्साहपूर्ण हिस्सा लिया।
प्रश्न? इस पहल का मुख्य उद्देश्य क्या है? उत्तर। इसका उद्देश्य युवाओं को नशीले पदार्थों के नुकसान के प्रति जागरूक करना और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना है।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






