
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने अगस्त 2026 के लिए देश के भुगतान संतुलन (Balance of Payments) के शुरुआती आंकड़े जारी कर दिए हैं।
मुख्य बातें
- भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा अगस्त 2026 के भुगतान संतुलन के आंकड़े जारी किए गए।
- अगस्त 2026 में चालू खाते का घाटा (Current Account Deficit) 5.2 अरब अमेरिकी डॉलर दर्ज किया गया।
- अप्रैल से अगस्त 2026 की अवधि के दौरान कुल चालू खाता घाटा 18.3 अरब अमेरिकी डॉलर रहा।
- पूंजी खाते (Capital Account) में अगस्त 2026 के दौरान 50.6 अरब अमेरिकी डॉलर का शुद्ध प्रवाह दर्ज किया गया।
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने अगस्त 2026 के लिए देश के बैलेंस ऑफ पेमेंट यानी भुगतान संतुलन के शुरुआती आंकड़े आधिकारिक तौर पर जारी कर दिए हैं। केंद्रीय बैंक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस अवधि में देश के विदेशी लेन-देन और वित्तीय मोर्चे पर कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त 2026 में देश का कुल चालू खाता घाटा (Current Account Deficit) 5.2 अरब अमेरिकी डॉलर दर्ज किया गया, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह आंकड़ा 6.1 अरब अमेरिकी डॉलर था।
बैलेंस ऑफ पेमेंट क्या है और इसके आंकड़े क्यों जरूरी हैं?
भारतीय रिज़र्व बैंक के अनुसार अगस्त 2026 में चालू खाता घाटा 5.2 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। यह रिपोर्ट देश के बाहरी आर्थिक लेन-देन की स्थिति को स्पष्ट करती है।
भुगतान संतुलन किसी देश के निवासियों और शेष विश्व के बीच एक निश्चित अवधि में हुए सभी आर्थिक लेन-देन का लेखा-जोखा होता है। इसमें वस्तु, सेवा, ट्रांसफर और आय से जुड़े सभी आयात और निर्यात शामिल होते हैं। अर्थव्यवस्था पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं के लिए ये आंकड़े देश की विदेशी मुद्रा स्थिति और मुद्रा के स्वास्थ्य को समझने का मुख्य आधार बनते हैं।
वस्तु और सेवा व्यापार की स्थिति
आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2026 में वस्तुओं का कुल निर्यात 44.7 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जबकि आयात 71.3 अरब अमेरिकी डॉलर दर्ज किया गया। इसके परिणामस्वरूप मर्चेंडाइज या वस्तु व्यापार घाटा 26.6 अरब अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया। वहीं दूसरी ओर, सेवा क्षेत्र (Services) में देश का प्रदर्शन मजबूत बना रहा। सेवाओं के मामले में अगस्त 2026 के दौरान कुल निर्यात 35.5 अरब अमेरिकी डॉलर और आयात 18.9 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जिससे सेवाओं का शुद्ध अधिशेष (Services Net) 16.5 अरब अमेरिकी डॉलर दर्ज किया गया।
- अगस्त 2026 में वस्तुओं का कुल निर्यात: 44.7 अरब अमेरिकी डॉलर
- अगस्त 2026 में वस्तुओं का कुल आयात: 71.3 अरब अमेरिकी डॉलर
- सेवाओं का शुद्ध अधिशेष (अगस्त 2026): 16.5 अरब अमेरिकी डॉलर
- पूंजी खाता (शुद्ध): 50.6 अरब अमेरिकी डॉलर
पूंजी खाता और विदेशी निवेश के आंकड़े
चालू खाते के विपरीत, पूंजी खाते (Capital Account) में अगस्त 2026 के दौरान भारी शुद्ध प्रवाह देखा गया। समीक्षाधीन महीने में पूंजी खाते का शुद्ध योग 50.6 अरब अमेरिकी डॉलर दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष के इसी महीने में मात्र 0.5 अरब अमेरिकी डॉलर था। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के मोर्चे पर, देश के भीतर शुद्ध प्रवाह 5.2 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। इसके अलावा, बैंकिंग पूंजी और एनआरआई जमा (NRI Deposits) में भी इस दौरान बड़ा उछाल दर्ज किया गया है।
अप्रैल से अगस्त 2026 की कुल अवधि का हाल
यदि चालू वित्त वर्ष की शुरुआत यानी अप्रैल से अगस्त 2026 तक की अवधि की बात करें, तो कुल चालू खाता घाटा बढ़कर 18.3 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जो कि पिछले वर्ष की समान अवधि में 12.8 अरब अमेरिकी डॉलर था। इस पांच महीने की अवधि में वस्तुओं का कुल निर्यात 219.9 अरब डॉलर और आयात 366.0 अरब डॉलर रहा। कुल मिलाकर इस अवधि का समग्र संतुलन (Overall Balance) 58.0 अरब अमेरिकी डॉलर सकारात्मक दर्ज किया गया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? बैलेंस ऑफ पेमेंट के आंकड़े कौन जारी करता है?
उत्तर। ये आंकड़े भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा हर महीने जारी किए जाते हैं।
प्रश्न? चालू खाता घाटा अगस्त 2026 में कितना रहा?
उत्तर। अगस्त 2026 में चालू खाता घाटा 5.2 अरब अमेरिकी डॉलर दर्ज किया गया।
यह रिपोर्ट RBI (भारतीय रिज़र्व बैंक) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: RBI (भारतीय रिज़र्व बैंक)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






