
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 34,000 करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूति की नीलामी की घोषणा की है। यह नीलामी 16 अक्टूबर 2026 को आयोजित की जाएगी जिसमें अतिरिक्त सब्सक्रिप्शन का विकल्प भी रखा गया है।
मुख्य बातें
- नीलामी की तिथि: 16 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार)
- अधिसूचित राशि: 34,000 करोड़ रुपये
- प्रतिभूति प्रकार: 6.94% जीएस 2036 (पुनः जारी)
- सेटलमेंट की तिथि: 19 अक्टूबर 2026 (मंडे)
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के अनुसार, केंद्र सरकार ने 34,000 करोड़ रुपये की एक दिनांकित प्रतिभूति (Dated Security) की बिक्री यानी पुनः निर्गम (re-issue) की घोषणा की है। यह आरबीआई बॉंड नीलामी 16 अक्टूबर 2026 को आयोजित की जाएगी, जिसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस प्रक्रिया में भाग लेने वाले निवेशकों और वित्तीय संस्थानों के लिए दिशानिर्देश जारी कर दिए गए हैं।
आरबीआई बॉंड नीलामी 2026: 34,000 करोड़ की बिक्री
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, 6.94% जीएस 2036 प्रतिभूति की नीलामी होगी, जिसका पुनर्भुगतान 11 मई 2036 को किया जाएगा। इस नीलामी की कुल अधिसूचित राशि 34,000 करोड़ रुपये तय की गई है। इसके अलावा सरकार के पास इस विशिष्ट प्रतिभूति के सामने 2,000 करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त सब्सक्रिप्शन अपने पास रखने का विकल्प भी सुरक्षित रहेगा।
नीलामी का समय और प्रक्रिया
यह पूरी प्रक्रिया मल्टीपल प्राइस मेथड के तहत संपन्न होगी। भारतीय रिज़र्व बैंक की कोर बैंकिंग सॉल्यूशन यानी ई-कुबेर (e-Kuber) प्रणाली के माध्यम से बोलियां इलेक्ट्रॉनिक फॉर्मेट में जमा करनी होंगी। नॉन-कंपिटिटिव बोलियां सुबह 10:30 बजे से 11:00 बजे तक स्वीकार की जाएंगी, जबकि कंपिटिटिव बोलियों का समय सुबह 10:30 बजे से 11:30 बजे के बीच निर्धारित किया गया है।
- नीलामी की तारीख: 16 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार)
- सेटलमेंट की तारीख: 19 अक्टूबर 2026 (सोमवार)
- न्यूनतम बोली का आकार: 10,000 रुपये (नॉमिनल) और उसके गुणकों में
- अतिरिक्त अंडरराइटिंग (ACU) समय: सुबह 09:00 बजे से 09:30 बजे तक
इसका असर और निवेशकों के लिए निर्देश
इस बॉंड नीलामी का सीधा असर देश की बैंकिंग व्यवस्था और सरकारी कर्ज प्रबंधन पर पड़ता है। खुदरा निवेशक आरबीआई रिटेल डायरेक्ट पोर्टल (rbiretaildirect.org.in) के माध्यम से भी नॉन-कंपिटिटिव योजना के तहत अपनी बोलियां जमा कर सकते हैं। सफल बोली लगाने वालों को 19 अक्टूबर 2026 को भुगतान करना होगा और प्रतिभूतियों का आंटन सब्सिडियरी जनरल लेजर खाते में क्रेडिट के माध्यम से किया जाएगा।
सरकारी प्रतिभूतियों का इतिहास और पृष्ठभूमि
सरकारी प्रतिभूतियां केंद्र सरकार द्वारा जारी किए जाने वाले ऋण उपकरण होते हैं, जिन पर सरकार निवेशकों को एक निश्चित अंतराल पर ब्याज का भुगतान करती है। भारतीय रिज़र्व बैंक सरकार के बैंकर के रूप में इन प्रतिभूतियों की नीलामी का संचालन करता है। इन उपकरणों को अत्यधिक सुरक्षित माना जाता है क्योंकि इनमें मूलधन और ब्याज का भुगतान सरकार की संप्रभु गारंटी के तहत सुरक्षित रहता है। इस तरह के आयोजनों से सरकार को अपने राजकोषीय घाटे को पाटने और देश के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए धन जुटाने में मदद मिलती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? आरबीआई बॉंड नीलामी में न्यूनतम निवेश राशि क्या है?
उत्तर। प्रतिभूतियों को 10,000 रुपये के न्यूनतम नाममात्र मूल्य और उसके गुणकों में जारी किया जाएगा।
प्रश्न? बोलियां कहां जमा करनी होंगी?
उत्तर। सभी प्रतिस्पर्धी और गैर-प्रतिस्पर्धी बोलियां आरबीआई की ई-कुबेर प्रणाली पर इलेक्ट्रॉनिक रूप से जमा की जानी हैं।
प्रश्न? सफल निवेशकों द्वारा भुगतान कब किया जाएगा?
उत्तर। सफल बोलीदाताओं द्वारा भुगतान 19 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा।
यह रिपोर्ट RBI (भारतीय रिज़र्व बैंक) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: RBI (भारतीय रिज़र्व बैंक)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






