
राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) ने विशाखापत्तनम के पास एक कार से 5.8 किलोग्राम विदेशी सोना जब्त किया है, जिसकी कीमत करीब 9 करोड़ रुपये है।
मुख्य बातें
- राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) ने 8-9 अक्टूबर 2026 को विशाखापत्तनम में कार को रोका।
- कार के गुप्त खांचे से 5,832.90 ग्राम (लगभग 5.8 किलोग्राम) विदेशी सोना बरामद हुआ।
- जब्त किए गए सोने का अनुमानित मूल्य लगभग 8.98 करोड़ रुपये है।
- सोने की तस्करी भारत-बांग्लादेश सीमा के रास्ते की जा रही थी और इसे हैदराबाद ले जाया जा रहा था।
- मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है और सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के तहत कार्रवाई की गई है।
राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) ने सोने की संगठित तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए विशाखापत्तनम के पास से लगभग 9 करोड़ रुपये का सोना जब्त किया है। पत्र सूचना ब्यूरो (PIB) के अनुसार, यह कार्रवाई 8 और 9 अक्टूबर 2026 के दौरान की गई, जब अधिकारी कोलकाता से हैदराबाद जा रही एक संदिग्ध कार का पीछा कर रहे थे। तस्करों ने वाहन के भीतर बेहद शातिर तरीके से एक गुप्त खांचा बनवाया हुआ था, जिसमें इस विदेशी सोने को छिपाकर ले जाया जा रहा था। इस सफल ऑपरेशन के बाद दोनों यात्रियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
सोना जब्त करने की यह पूरी कार्रवाई कैसे हुई?
कार में छिपाकर ले जाया जा रहा सोना जब्त करने के लिए राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) के अधिकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर कड़ी सतर्कता बरती और लंबे समय तक वाहन का पीछा किया। वाहन को रोकने के बाद जब उसकी गहन तलाशी ली गई, तो आगे की सह-यात्री सीट के पैरों के नीचे एक विशेष गुप्त खांचा मिला। इस गुप्त खांचे से 24 कैरेट के विदेशी मूल के सोने के तीन पैकेट बाहर निकाले गए। इन पैकेटों का कुल वजन 5,832.90 ग्राम था और बाजार में इनकी अनुमानित कीमत लगभग 8.98 करोड़ रुपये आंकी गई है। पकड़े गए आरोपियों ने स्वीकार किया कि इस अवैध खेप को भारत-बांग्लादेश सीमा के रास्ते देश के भीतर लाया गया था और इसे हैदराबाद पहुंचाया जा रहा था। सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के प्रावधानों के तहत पूरी सामग्री को जब्त कर लिया गया है।
तस्करी के नए तरीके और पिछला बड़ा मामला
तस्कर अब कानून प्रवर्तन एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए वाहनों में मॉडिफिकेशन करवा रहे हैं और गुप्त कैविटी या खांचे बनवा रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर तस्करों के इन्हीं तरीकों का पर्दाफाश किया है। यह मामला ठीक वैसा ही है जैसा 18 और 19 सितंबर 2026 को दिल्ली के निकट पलवल टोल प्लाजा के पास पकड़ा गया था। उस अभियान के दौरान अधिकारियों ने दो थार गाड़ियों के चेसिस में बने गुप्त खानों से 15 किलोग्राम से अधिक सोना बरामद किया था, जिसकी कीमत 23 करोड़ रुपये से ज्यादा थी। शुरुआती जांच में पता चला था कि पलवल वाले मामले में तस्करी म्यांमार के रास्ते की गई थी, जबकि ताजा मामले में बांग्लादेश सीमा का इस्तेमाल किया गया।
राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) की भूमिका और आर्थिक सुरक्षा
राजस्व आसूचना निदेशालय भारत सरकार के केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के तहत काम करने वाली प्रमुख खुफिया एजेंसी है। इसका मुख्य कार्य देश में सोने, मादक पदार्थों, विदेशी मुद्रा और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं की तस्करी को रोकना तथा आर्थिक अपराधों की थाह लेना है। देश की आर्थिक और राजस्व हितों की रक्षा के लिए यह एजेंसी लगातार खुफिया नेटवर्क को मजबूत करती रहती है। सीमा शुल्क अधिनियम के तहत इस तरह की जब्ती न केवल तस्करों के वित्तीय नेटवर्क को कमजोर करती है, बल्कि अवैध बाजार में धन के प्रवाह को भी बाधित करती है।
यह भी जानें: आम नागरिकों पर तस्करी का असर और कानून
सोने की अवैध तस्करी और देश की अर्थव्यवस्था का सीधा संबंध है। जब भारी मात्रा में अवैध सोना देश में आता है, तो इससे सरकारी राजस्व यानी सीमा शुल्क (कस्टम ड्यूटी) और जीएसटी का नुकसान होता है। इसके अलावा, यह वैध कारोबारियों के लिए अनुचित प्रतिस्पर्धा पैदा करता है जो नियमों का पालन करते हुए आयात करते हैं। सरकार देश के विदेशी मुद्रा भंडार और वित्तीय स्थिरता को बनाए रखने के लिए ऐसी अवैध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखती है। सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के तहत तस्करी में लिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों को कठोर कारावास और भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? विशाखापत्तनम में कितनी कीमत का सोना जब्त किया गया है?
उत्तर। राजस्व आसूचना निदेशालय ने लगभग 8.98 करोड़ रुपये मूल्य का 5.8 किलोग्राम सोना जब्त किया है।
प्रश्न? यह सोना कहां से लाया जा रहा था?
उत्तर। आरोपियों ने स्वीकार किया कि सोने की तस्करी भारत-बांग्लादेश सीमा के रास्ते की गई थी और इसे कोलकाता से हैदराबाद ले जाया जा रहा था।
प्रश्न? इस मामले में कौन सी एजेंसी शामिल है?
उत्तर। इस पूरी कार्रवाई को राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) के अधिकारियों द्वारा अंजाम दिया गया है।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






