
युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय ने मेरा स्वास्थ्य, मेरा गौरव विषय के तहत देश भर में युवा संवाद मेला आयोजित किया जिसमें एक लाख से अधिक लोग जुड़े।
मुख्य बातें
- 9 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रव्यापी युवा संवाद मेला का आयोजन किया गया।
- इस अभियान के पहले महीने में कुल 1,06,855 लोग शामिल हुए।
- इसमें 48,269 महिला प्रतिभागी और 45,618 पुरुष प्रतिभागी शामिल रहे।
- अभियान के दूसरे महीने का विषय ‘स्वस्थ युवा, नशामुक्त युवा’ होगा।
युवा संवाद मेला का आयोजन 9 अक्टूबर 2026 को युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय द्वारा मेरा स्वास्थ्य, मेरा गौरव विषय के तहत किया गया। यह राष्ट्रव्यापी पहल नशा मुक्ति युवा अभियान के 100 सप्ताह के संकल्प अभियान के पहले महीने के पूरा होने का प्रतीक है। पीआईबी के अनुसार, इस अभियान में देश भर के 200 चुनिंदा संस्थानों और गोद लिए गए गांवों के कुल 1,06,855 नागरिकों ने हिस्सा लिया। मादक पदार्थों के दुरुपयोग को रोकने और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए यह आयोजन किया गया था।
युवा संवाद मेला क्या है और इसमें किन लोगों ने हिस्सा लिया?
युवा संवाद मेला राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के 15 क्षेत्रीय निदेशालयों के माध्यम से संचालित किया गया। इस चार सप्ताह की पहल का लक्ष्य 200 संस्थानों तक पहुंचना था जिसे शत-प्रतिशत पूरा किया गया। इस कार्यक्रम में कुल 93,662 युवाओं ने सीधे भाग लिया जबकि गांवों और झुग्गी-बस्तियों में विशेष आउटरीच गतिविधियों के जरिए 13,193 अन्य नागरिकों तक पहुंच बनाई गई। इस बार पारंपरिक शपथ ग्रहण की जगह आपसी बातचीत और सांस्कृतिक माध्यमों पर जोर दिया गया।
- देश भर में 509 संवादात्मक संगोष्ठियों और खुले मंचों का आयोजन किया गया।
- एनएसएस स्वयंसेवकों ने 396 सूचना स्टॉल और कियोस्क स्थापित किए।
- नशा मुक्ति के संदेश के साथ कुल 587 सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।
- अभियान में 48,269 महिला और 45,618 पुरुष प्रतिभागियों ने भाग लिया।
अभियान के मुख्य घटक और डिजिटल भागीदारी
इस राष्ट्रव्यापी पहल में तीन प्रमुख घटक शामिल थे जिनमें युवा संवाद, जागरूकता स्टॉल और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां प्रमुख थीं। संवाद घटक के तहत आयोजित खुली बैठकों में 36,086 युवाओं ने भाग लिया जहां साथियों के दबाव और नशे की रोकथाम की रणनीतियों पर चर्चा हुई। जागरूकता स्टॉल के माध्यम से नशे के शारीरिक दुष्परिणामों और परामर्श सेवाओं की जानकारी दी गई। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में नुक्कड़ नाटक और लघु नाटिकाओं के जरिए 24,944 लोगों को जागरूक किया गया।
डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते हुए युवा एंबेसडरों ने #NashaMuktYuva हैशटैग के साथ 935 सोशल मीडिया पोस्ट किए। इससे जमीनी स्तर की गतिविधियों की पहुंच ऑनलाइन माध्यमों से काफी बढ़ गई। महिला प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी इस अभियान का एक बड़ा आकर्षण रही, जिसने ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में समाज को एक मजबूत संदेश दिया।
इसका असर और आगे की क्या है योजना
प्रथम माह की सफल समाप्ति के बाद अब 100 सप्ताह के संकल्प अभियान का अगला चरण शुरू होने जा रहा है। दूसरे माह में स्वस्थ युवा, नशामुक्त युवा विषय के अंतर्गत शारीरिक फिटनेस और खेलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मंत्रालय का उद्देश्य युवाओं को नियमित खेलकूद और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है ताकि वे मादक पदार्थों की लत से दूर रहें।
माय भारत और राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत शिक्षण संस्थानों की निरंतर भागीदारी से देश में जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव देखे जा रहे हैं। स्थानीय समुदायों के सहयोग से इस तरह के अभियान युवाओं में सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? युवा संवाद मेला का मुख्य उद्देश्य क्या था?
उत्तर। इस मेले का मुख्य उद्देश्य मादक पदार्थों के दुरुपयोग की रोकथाम के बारे में जागरूकता बढ़ाना और एक नशामुक्त समाज को बढ़ावा देना था।
प्रश्न? इस अभियान के पहले महीने में कितने लोगों ने भाग लिया?
उत्तर। पीआईबी के आंकड़ों के अनुसार पहले महीने के समापन पर कुल 1,06,855 प्रतिभागी शामिल हुए।
प्रश्न? अभियान के दूसरे महीने का विषय क्या तय किया गया है?
उत्तर। दूसरे महीने का विषय ‘स्वस्थ युवा, नशामुक्त युवा’ है जिसमें शारीरिक फिटनेस और खेलों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






