
पीआईबी के अनुसार, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने दीव में पश्चिमी क्षेत्र के राज्यों के साथ कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति पर उच्चस्तरीय मंथन किया।
मुख्य बातें
- पीआईबी के अनुसार, 09 अक्टूबर 2026 को दीव में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा पश्चिमी क्षेत्र की क्षेत्रीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
- बैठक की अध्यक्षता मंत्रालय के सचिव सुधांश पंत ने की, जिसमें राजस्थान, गोवा, गुजरात, महाराष्ट्र और केंद्र शासित प्रदेश दमन और दीव के अधिकारी शामिल हुए।
- इसमें पीएम-एजेएवाई, छात्रवृत्ति योजनाओं, नमस्ते योजना, वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण और नशा मुक्त भारत अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई।
- समीक्षा बैठक के दौरान सचिव ने प्रतिभागियों को सीनियर सिटिजन शपथ और नशा मुक्त भारत अभियान की शपथ दिलाई।
भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने दीव में एक दिन की क्षेत्रीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया। पीआईबी के अनुसार, इस बैठक का मुख्य उद्देश्य देश के पश्चिमी क्षेत्र में प्रमुख कल्याणकारी, सामाजिक सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के कार्यान्वयन की व्यापक समीक्षा करना था। बैठक में राजस्थान, गोवा, गुजरात और महाराष्ट्र राज्यों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ-साथ केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव (डीएनएचएंडडीडी) प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।
क्षेत्रीय समीक्षा बैठक में किन योजनाओं पर हुई चर्चा?
क्षेत्रीय समीक्षा बैठक देश के पश्चिमी राज्यों में कल्याणकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत को परखने और उन्हें अधिक प्रभावी बनाने के लिए आयोजित की गई थी। इस उच्चस्तरीय बैठक में छात्रवृत्ति योजनाओं, अटल वायु अभ्युदय योजना (एवीवाईएवाई) और नेशनल एक्शन फॉर मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम यानी नमस्ते योजना की विस्तार से समीक्षा की गई। इसके अलावा, प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-एजेएवाई) और नशीली दवाओं की मांग कम करने के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना (एनएपीडीडीआर) की भौतिक और वित्तीय प्रगति का भी आकलन किया गया।
बैठक में कौन-कौन अधिकारी रहे मौजूद?
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के सचिव श्री सुधांश पंत ने इस दिन भर चलने वाली बैठक की अध्यक्षता की।
- डीएनएचएंडडीडी के प्रशासक श्री प्रफुल्ल पटेल के मार्गदर्शन में कई अधिकारी शामिल हुए।
- राजस्थान सरकार के समाज कल्याण विभाग के निदेशक श्री ललित कुमार और गोवा के निदेशक श्री दीपक देसाई उपस्थित रहे।
- महाराष्ट्र सरकार की समाज कल्याण आयुक्त सुश्री दीपा मुधोल मुंधे और गुजरात के संयुक्त निदेशक डॉ. जगदीश वधवाना ने भी भाग लिया।
- मंत्रालय की तरफ से अतिरिक्त सचिव श्रीमती देबोलीना ठाकुर और संयुक्त सचिव श्री सजीश कुमार एन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
योजनाओं के क्रियान्वयन और पारदर्शिता पर जोर
बैठक की अध्यक्षता करते हुए सचिव श्री सुधांश पंत ने कहा कि इस तरह के मंच मंत्रालय और राज्य प्रशासनों के बीच संस्थागत तालमेल को मजबूत करते हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि सरकार का मुख्य लक्ष्य योजनाओं के क्रियान्वयन को पारदर्शी, जवाबदेह और परिणाम-उन्मुख बनाना है ताकि आखिरी छोर तक बैठे व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंच सके। चर्चा के दौरान लाभार्थियों की पहचान, डेटा मैनेजमेंट, शिकायतों के त्वरित समाधान और फंड के सही इस्तेमाल पर भी गंभीर मंथन किया गया।
इसका असर और पृष्ठभूमि
इस तरह की क्षेत्रीय समीक्षा बैठकों से केंद्र और राज्य सरकारों के बीच संवाद बेहतर होता है जिससे अटके हुए फंड और योजनाओं की सुस्ती को दूर करने में मदद मिलती है। ऐतिहासिक रूप से सामाजिक न्याय मंत्रालय लगातार ऐसी पहलों के जरिए वंचित वर्गों, वरिष्ठ नागरिकों और सफाई कर्मचारियों के उत्थान के लिए काम करता रहा है। बैठक के अंत में सचिव ने सभी अधिकारियों को ‘सीनियर सिटिजन शपथ’ और ‘नशा मुक्त भारत अभियान शपथ’ भी दिलाई, जिससे समाज के हर वर्ग तक कल्याणकारी संदेश पहुंचाया जा सके।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? दीव में आयोजित इस बैठक के मुख्य अध्यक्ष कौन थे? उत्तर। इस एक दिवसीय क्षेत्रीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के सचिव श्री सुधांश पंत ने की थी।
प्रश्न? इस बैठक में किन प्रमुख राज्यों ने हिस्सा लिया? उत्तर। इस बैठक में पश्चिमी क्षेत्र के राज्य जैसे राजस्थान, गोवा, गुजरात, महाराष्ट्र और केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
प्रश्न? बैठक के दौरान किन शपथों को दोहराया गया? उत्तर। इस दौरान प्रतिभागियों को ‘सीनियर सिटिजन शपथ’ और ‘नशा मुक्त भारत अभियान शपथ’ दिलाई गई।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






