
विशेष अभियान 6 और स्वच्छता ही सेवा 2026 के तहत विधि एवं न्याय मंत्रालय ने नई दिल्ली स्थित ऐतिहासिक सफदरजंग मकबरे पर श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन किया।
मुख्य बातें
- विधि एवं न्याय मंत्रालय के विधि मामलों के विभाग और विधायी विभाग द्वारा 1 अक्टूबर 2026 को श्रमदान आयोजित किया गया।
- यह कार्यक्रम केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के नेतृत्व में नई दिल्ली के सफदरजंग मकबरे पर हुआ।
- कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर दिल्ली उच्च न्यायालय के सबसे वरिष्ठ पैनल वकील को सम्मानित किया।
- मंत्रालय के सफाई कर्मचारियों के कार्यों को सराहते हुए उन्हें विशेष स्वच्छता किट भेंट की गईं।
केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अर्जुन राम मेघवाल की अगुवाई में नई दिल्ली के ऐतिहासिक सफदरजंग मकबरे पर श्रमदान किया गया। यह आयोजन विशेष अभियान 6 और स्वच्छता ही सेवा 2026 के तहत 1 अक्टूबर 2026 को संपन्न हुआ, जिसमें सरकारी अधिकारियों और पैनल वकीलों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान की मुख्य बातें
स्वच्छता ही सेवा 2026 के अंतर्गत आयोजित इस श्रमदान कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नागरिकों में जिम्मेदारी की भावना जगाना और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखना है। पीआईबी के अनुसार, इस पहल में विधि मामलों के विभाग और विधायी विभाग के सचिव डॉ. राजीव मणि सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। दिल्ली उच्च न्यायालय के सहायक सरकारी वकील श्री चेतन शर्मा के नेतृत्व में भारत सरकार के पैनल वकीलों ने भी इसमें अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सरकार का लक्ष्य इस प्रकार के आयोजनों के जरिए साफ-सफाई को केवल एक मौसमी गतिविधि न रखकर इसे रोजमर्रा की आदत बनाना है ताकि पर्यावरण को सतत और स्वस्थ रखा जा सके।
मंत्री अर्जुन राम मेघवाल का संदेश और सम्मान
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए दैनिक जीवन में स्वच्छता को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ और स्वच्छ पर्यावरण तभी संभव है जब आम नागरिक और सरकारी संस्थान मिलकर निरंतर प्रयास करें। इस अवसर पर उन्होंने 1 अक्टूबर 2026 को मनाए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस का विशेष जिक्र किया। मंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद सबसे वरिष्ठ व्यक्ति, जो कि दिल्ली उच्च न्यायालय में भारत सरकार के पैनल अधिवक्ता हैं, उन्हें सम्मानित किया। इसके अलावा, मंत्रालय के सफाई कर्मचारियों के अथक परिश्रम को मान्यता देते हुए उन्हें विशेष स्वच्छता किट भी प्रदान की गईं।
सार्वजनिक स्थानों पर श्रमदान का महत्व
- ऐतिहासिक स्थलों की साफ-सफाई और उनकी खूबसूरती को बनाए रखना।
- सरकारी कार्यालयों और कर्मचारियों के बीच सामूहिक स्वामित्व की भावना को मजबूत करना।
- नागरिकों को श्रम की गरिमा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना।
- सामूहिक प्रयासों के जरिए सरकारी संगठनों और आम जनता को एक मंच पर लाना।
इसका असर और जनभागीदारी
इस प्रकार के अभियानों से न केवल सरकारी कार्यालयों के आसपास के परिसरों में सुधार होता है, बल्कि समाज में एक सकारात्मक संदेश भी जाता है। स्वच्छता ही सेवा 2026 जैसी पहलें प्रशासनिक तंत्र को जनता के साथ सीधे तौर पर जोड़ने का काम करती हैं। जब उच्च पदस्थ अधिकारी और मंत्री खुद झाड़ू थामकर सड़कों या ऐतिहासिक स्मारकों पर उतरते हैं, तो इससे निचले स्तर तक एक मजबूत संदेश पहुंचता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की सामूहिक भागीदारी से कचरा प्रबंधन और सार्वजनिक स्वच्छता के मामलों में दीर्घकालिक सुधार देखने को मिलते हैं।
स्वच्छता अभियानों की पृष्ठभूमि और आगामी कदम
भारत सरकार पिछले कुछ वर्षों से देश भर में विशेष अभियानों और स्वच्छता पखवाड़ों के जरिए कार्यालयों में लंबित मामलों के निपटारे और साफ-सफाई को बढ़ावा दे रही है। इन अभियानों के तहत दफ्तरों से अनावश्यक फाइलों को हटाना, क कबाड़ का निपटान कर राजस्व अर्जित करना और परिसरों को सुंदर बनाना मुख्य कार्य होते हैं। विधि एवं न्याय मंत्रालय ने दोहराया है कि भविष्य में भी ऐसे श्रमदान कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाते रहेंगे ताकि स्वच्छता और संसाधन प्रबंधन के नियमों का कड़ाई से पालन हो सके।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? स्वच्छता ही सेवा 2026 का यह कार्यक्रम कहाँ आयोजित किया गया था? उत्तर। यह कार्यक्रम नई दिल्ली के ऐतिहासिक सफदरजंग मकबरे पर आयोजित किया गया था।
प्रश्न? इस श्रमदान कार्यक्रम का नेतृत्व किसने किया था? उत्तर। इसका नेतृत्व केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अर्जुन राम मेघवाल ने किया था।
प्रश्न? इस अवसर पर किसे सम्मानित किया गया? उत्तर। अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित सबसे वरिष्ठ व्यक्ति, जो कि दिल्ली उच्च न्यायालय के पैनल अधिवक्ता हैं, उन्हें सम्मानित किया गया।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






