
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) के अध्यक्ष किशोर मकवाना को डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जन सेवा पुरस्कार 2026 से नवाजा गया।
मुख्य बातें
- NCSC अध्यक्ष किशोर मकवाना को डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जन सेवा पुरस्कार 2026 प्रदान किया गया।
- समारोह का आयोजन दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में 16वें संसद रत्न पुरस्कार के दौरान हुआ।
- केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी मुख्य अतिथि और डॉ. सुकांत मजूमदार विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए।
- प्राइम पॉइंट फाउंडेशन और संसद रत्न पुरस्कार समिति ने सामाजिक न्याय में योगदान के लिए यह सम्मान दिया।
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) के अध्यक्ष किशोर मकवाना पुरस्कार 2026 के अंतर्गत डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जन सेवा सम्मान से नवाजे गए हैं। राजधानी दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में आयोजित 16वें संसद रत्न पुरस्कार 2026 समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया। यह पुरस्कार उन्हें सामाजिक न्याय, वंचित वर्गों के कल्याण और अनुसूचित जाति समुदाय के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा में उनके समर्पित नेतृत्व के लिए दिया गया है।
किशोर मकवाना पुरस्कार 2026 से किसे और क्यों नवाजा गया?
किशोर मकवाना पुरस्कार के रूप में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जन सेवा सम्मान 2026 राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) के अध्यक्ष को दिया गया है। नई दिल्ली में आयोजित 16वें संसद रत्न पुरस्कार समारोह के दौरान यह सम्मान प्रदान किया गया। प्राइम पॉइंट फाउंडेशन और संसद रत्न पुरस्कार समिति ने उन्हें अनुसूचित जाति समुदाय के अधिकारों की सुरक्षा और सामाजिक न्याय के लिए नामांकित किया था।
समारोह में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति और मुख्य अतिथि
दिल्ली के डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में आयोजित इस कार्यक्रम में देश की कई प्रमुख हस्तियों ने हिस्सा लिया। प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के अनुसार, केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं, शिक्षा एवं उत्तर-पूर्व क्षेत्र विकास राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने विशेष अतिथि के रूप में शिरकत की।
समारोह की अध्यक्षता राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) के पूर्व अध्यक्ष हंसराज अहीर ने की। इस अवसर पर भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति बी.आर. गवई भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने राष्ट्र निर्माण और वंचित समुदायों के अधिकारों की सुरक्षा में आयोग द्वारा किए जा रहे प्रयासों को सराहा।
किशोर मकवाना पुरस्कार के चयन का आधार और आयोग का प्रदर्शन
संसद रत्न पुरस्कार समिति के निर्णायक मंडल ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के कार्यों की गहन समीक्षा के बाद इस पुरस्कार की घोषणा की। पुरस्कार प्रशस्ति पत्र में आयोग के अध्यक्ष के रूप में किशोर मकवाना के दूरदर्शी नेतृत्व की विशेष रूप से प्रशंसा की गई है। प्राइम पॉइंट फाउंडेशन और संसद रत्न पुरस्कार समिति ने अनुसूचित जातियों के संवैधानिक अधिकारों को धरातल पर लागू करने के लिए उनके नाम का चयन किया।
मकवाना के नेतृत्व में आयोग ने देशभर में अनुसूचित जाति समुदाय के सदस्यों के अधिकारों के हनन से जुड़े मामलों में तेजी से कार्रवाई की है। आयोग ने समाज के सबसे पिछड़े वर्गों के लिए न्याय, सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण सुनिश्चित करने को प्राथमिकता दी है।
यह भी जानें: क्या है राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC)?
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग भारत के संविधान के अनुच्छेद 338 के तहत स्थापित एक संवैधानिक निकाय है। इसका मुख्य उद्देश्य देश में अनुसूचित जातियों के लिए प्रदान किए गए संवैधानिक और कानूनी संरक्षण उपायों की निगरानी करना है। आयोग अनुसूचित जाति के लोगों के अधिकारों के उल्लंघन से जुड़ी शिकायतों की जांच करता है और उनके सामाजिक-आर्थिक विकास की योजनाओं पर सरकार को परामर्श देता है।
आयोग को नागरिक अदालत (Civil Court) के समान शक्तियां प्राप्त होती हैं। यह किसी भी मामले की सुनवाई कर सकता है, गवाहों को समन भेज सकता है और सार्वजनिक दस्तावेजों की मांग कर सकता है। अध्यक्ष के रूप में किशोर मकवाना ने आयोग की इस निगरानी प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया है, जिससे आम लोगों तक त्वरित सहायता पहुंच पा रही है।
संसद रत्न और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जन सेवा पुरस्कार की पृष्ठभूमि
संसद रत्न पुरस्कारों की शुरुआत प्राइम पॉइंट फाउंडेशन द्वारा पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के सुझाव पर की गई थी। इसका उद्देश्य संसद में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सांसदों और समाज सेवा में योगदान देने वाली हस्तियों को सम्मानित करना है।
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जन सेवा पुरस्कार उन व्यक्तियों या संस्थाओं को दिया जाता है जिन्होंने निष्ठा भाव से जनता की सेवा की हो और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए कार्य किया हो। साल 2026 के 16वें संस्करण में NCSC के अध्यक्ष को यह सम्मान मिलना आयोग के समर्पित प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देता है।
इसका असर: समाज और संस्थागत व्यवस्था पर क्या पड़ेगा प्रभाव?
संवैधानिक आयोगों के प्रमुखों को इस प्रकार के राष्ट्रीय नागरिक सम्मान मिलने से प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को प्रोत्साहन मिलता है। अनुसूचित जाति समुदाय के लिए यह निर्णय इस बात का संकेत है कि उनके अधिकारों की सुरक्षा में लगी शीर्ष संस्था पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्यरत है।
इससे देश भर में फैली राज्य स्तरीय इकाइयों और प्रशासनिक अधिकारियों को भी यह संदेश जाता है कि संवैधानिक अधिकारों की रक्षा में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके अलावा, आयोग की पहुंच और आम जनता के भरोसे में भी वृद्धि होगी।
पुरस्कार समारोह की प्रमुख विवरण तालिका
कार्यक्रम से जुड़े प्रमुख विवरण इस प्रकार हैं:
- पुरस्कार का नाम: डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जन सेवा पुरस्कार 2026
- पुरस्कार विजेता: किशोर मकवाना (अध्यक्ष, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग)
- आयोजन का नाम: 16वां संसद रत्न पुरस्कार 2026
- स्थान: डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र, नई दिल्ली
- आयोजक: प्राइम पॉइंट फाउंडेशन और संसद रत्न पुरस्कार समिति
- मुख्य अतिथि: जी. किशन रेड्डी (केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री)
- विशेष उपस्थिति: न्यायमूर्ति बी.आर. गवई (पूर्व मुख्य न्यायाधीश, भारत)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: किशोर मकवाना को कौन सा पुरस्कार मिला है?
उत्तर: उन्हें 16वें संसद रत्न पुरस्कार समारोह में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जन सेवा पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया है।
प्रश्न: राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कौन हैं?
उत्तर: वर्तमान में किशोर मकवाना राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) के अध्यक्ष हैं।
प्रश्न: डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जन सेवा पुरस्कार कौन प्रदान करता है?
उत्तर: यह सम्मान प्राइम पॉइंट फाउंडेशन और संसद रत्न पुरस्कार समिति द्वारा प्रदान किया जाता है।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






