
भारतीय रिज़र्व बैंक ने नियमों के उल्लंघन पर बड़ी कार्रवाई करते हुए सम्मान फिनसर्व लिमिटेड पर 4.20 लाख रुपये का मौद्रिक जुर्माना लगाया है।
मुख्य बातें
- भारतीय रिज़र्व बैंक ने सम्मान फिनसर्व लिमिटेड पर 4.20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
- यह कार्रवाई 31 अगस्त 2026 के आदेश के तहत की गई है।
- कंपनी पर सीआरआईएलसी (CRILC) को लेकर केंद्रीय बैंक के निर्देशों का पालन न करने का आरोप है।
- यह निरीक्षण 31 मार्च 2025 तक की वित्तीय स्थिति के आधार पर किया गया था।
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने नियमों का पालन न करने के मामले में सम्मान फिनसर्व लिमिटेड पर बड़ी कार्रवाई की है। केंद्रीय बैंक द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सम्मान फिनसर्व पर 4.20 लाख रुपये का मौद्रिक जुर्माना लगाया गया है। यह कार्रवाई 31 अगस्त 2026 को की गई है।
सम्मान फिनसर्व पर क्यों लगा जुर्माना
सम्मान फिनसर्व लिमिटेड को लेकर भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने अपनी 40-60 शब्द की इस रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि कंपनी ने सीआरआईएलसी (CRILC) से जुड़े नियमों का उल्लंघन किया था। रिज़र्व बैंक के अनुसार, सम्मान फिनसर्व ने अपने कर्जदारों की क्रेडिट जानकारी सेंट्रल रिपॉजिटरी ऑफ इंफॉर्मेशन ऑन लार्जेस्ट क्रेडिट्स को रिपोर्ट करने में विफल रहने पर यह दंड भुगता है।
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 58G(1)(b) और धारा 58B(5)(aa) के तहत प्रद शक्तियों का उपयोग करते हुए यह जुर्माना तय किया गया है। केंद्रीय बैंक की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि यह दंडात्मक कार्रवाई पूरी तरह से विनियामक अनुपालन में कमियों पर आधारित है। इसका ग्राहकों के साथ कंपनी के किसी भी लेनदेन या समझौते की वैधता पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
निरीक्षण और कारण बताओ नोटिस की प्रक्रिया
केंद्रीय बैंक ने कंपनी की वित्तीय स्थिति का आकलन करने के लिए 31 मार्च 2025 के संदर्भ में वैधानिक निरीक्षण किया था। इस निरीक्षण के दौरान विनियामक निर्देशों के अनुपालन में कमियां पाई गईं। इसके बाद कंपनी को एक कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था जिसमें पूछा गया था कि क्यों न उसके खिलाफ दंडात्मक कदम उठाया जाए।
नोटिस के जवाब और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान कंपनी की ओर से दिए गए मौखिक बयानों पर विचार करने के बाद, केंद्रीय बैंक इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि ऋण संबंधी जानकारी न देने का आरोप पूरी तरह सही साबित होता है।
सम्मान फिनसर्व और आरबीआई नियमों का महत्व
भारतीय वित्तीय प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए केंद्रीय बैंक के कड़े नियम और निर्देश बेहद जरूरी हैं। सीआरआईएलसी जैसी संस्थाएं बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों द्वारा दिए जाने वाले बड़े कर्जों पर नजर रखती हैं ताकि वित्तीय धोखाधड़ी और तनाव समय रहते पहचाने जा सकें। ऐसे में सम्मान फिनसर्व जैसी वित्तीय संस्थाओं द्वारा इन नियमों की अनदेखी करना गंभीर माना जाता है।
यह पूरी कार्रवाई बिना किसी अन्य विधिक या प्रशासनिक कार्रवाई को प्रभावित किए बिना की गई है, जिसका अर्थ है कि भविष्य में नियामक जरूरत पड़ने पर अन्य कदम भी उठा सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? सम्मान फिनसर्व पर कितना जुर्माना लगाया गया है?
उत्तर। भारतीय रिज़र्व बैंक ने सम्मान फिनसर्व लिमिटेड पर 4.20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
प्रश्न? यह जुर्माना किस कारण से लगाया गया है?
उत्तर। यह जुर्माना कर्जदारों की क्रेडिट जानकारी सीआरआईएलसी (CRILC) को रिपोर्ट न करने के कारण लगाया गया है।
प्रश्न? यह आदेश किस तारीख को जारी किया गया था?
उत्तर। यह आदेश 31 अगस्त 2026 को जारी किया गया था।
यह रिपोर्ट RBI (भारतीय रिज़र्व बैंक) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: RBI (भारतीय रिज़र्व बैंक)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






