
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मुंबई में कहा कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते से किसानों, मछुआरों और एमएसएमई के लिए विकास के नए द्वार खुलेंगे।
मुख्य बातें
- यह समझौता 2 अरब लोगों को जोड़ता है और इसके तहत 24 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का विशाल बाजार आता है।
- यूरोपीय संघ के सभी 27 देश इस समझौते का समर्थन कर रहे हैं।
- एफ़टीए के लागू होने से 95 प्रतिशत से अधिक भारतीय और यूरोपीय वस्तुओं के निर्यात पर शुल्क समाप्त या कम होंगे।
- पिछले एक दशक में यूरोपीय संघ के साथ भारत का व्यापार दोगुना होकर 140 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता भारत और यूरोप के किसानों, मछुआरों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों, नवोन्मेषकों और कारोबारियों के लिए बड़े अवसर खोल रहा है। पीयूष गोयल ने मुंबई में भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को लेकर भारत-बेल्जियम के बीच हुई उच्चस्तरीय बातचीत को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर बेल्जियम के प्रधानमंत्री श्री बार्ट डी वेवर और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस भी उपस्थित थे। पीयूष गोयल ने बताया कि दोनों पक्षों के संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए इस समझौते पर कुशलतापूर्वक बातचीत पूरी की गई है।
भारत यूरोपीय संघ समझौते के प्रमुख आयाम
भारत-ईयू एफ़टीए पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बातचीत पूरी होने से पहले करीब 25 वर्षों तक काम किया गया। पीयूष गोयल ने बताया कि यह समझौता 2 अरब लोगों को एक साथ लाता है और इसके तहत वैश्विक जीडीपी का एक-चौथाई, विश्व व्यापार का एक-तिहाई तथा 24 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का विशाल बाजार शामिल होता है। यूरोपीय संघ के सभी 27 देश इस समझौते के पक्ष में हैं और जल्द से जल्द आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करके इसे लागू करना चाहते हैं। बेल्जियम के प्रधानमंत्री श्री बार्ट डी वेवर ने कहा कि इस समझौते से व्यापार संबंध मजबूत होंगे और कंपनियों, युवा प्रतिभाओं तथा निवेश के लिए नए मार्ग खुलेंगे।
व्यापार और निर्यात पर असर
- 95 प्रतिशत से अधिक भारतीय और यूरोपीय वस्तुओं के निर्यात पर लागू शुल्क या तो समाप्त कर दिए जाएंगे या उनमें कमी की जाएगी।
- एंटवर्प-ब्रुग्स बंदरगाह के माध्यम से हीरा, खाद्य प्रसंस्करण, औषधि, समुद्री सेवाओं और हरित हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में नए अवसर पैदा होंगे।
- पिछले एक दशक में यूरोपीय संघ के साथ भारत का व्यापार दोगुना होकर लगभग 140 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है।
- भारत और बेल्जियम रत्न एवं आभूषणों के क्षेत्र में संयुक्त रूप से नए उत्पाद व डिजाइन विकसित करने पर विचार कर रहे हैं।
भारत यूरोपीय संघ साझेदारी का भविष्य
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत और बेल्जियम के पास आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने का बड़ा अवसर है क्योंकि दोनों अर्थव्यवस्थाएं पांच प्रमुख क्षेत्रों में एक-दूसरे की पूरक हैं। बेल्जियम की विश्वस्तरीय माइक्रो-इलेक्ट्रॉनिक्स अनुसंधान क्षमता को भारत के बड़े पैमाने और कुशल कार्यबल के साथ जोड़कर सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया जा सकता है। इसके अलावा, भारत का हरित हाइड्रोजन मिशन एंटवर्प-ब्रुग्स बंदरगाह की ईंधन आपूर्ति के माध्यम से यूरोप की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में योगदान दे सकता है। रक्षा एवं उन्नत विनिर्माण के क्षेत्र में ड्रोन-रोधी प्रणालियों और मिसाइलों के निर्यात की भी व्यापक संभावनाएं हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते से किसे फायदा होगा? उत्तर। इस समझौते से भारत और यूरोप के किसानों, मछुआरों, एमएसएमई, स्टार्ट-अप, महिला उद्यमियों और कारोबारियों को बड़े अवसर मिलेंगे।
प्रश्न? एंटवर्प-ब्रुग्स बंदरगाह का इस व्यापार में क्या महत्व है? उत्तर। यह बंदरगाह यूरोप का दूसरा सबसे बड़ा समुद्री बंदरगाह है और इसे उस महत्वपूर्ण द्वार के रूप में देखा जाता है जिसके माध्यम से एफ़टीए के तहत व्यापार संचालित होगा।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






