शनिवार, सितम्बर 5, 2026

कॉरपोरेट मित्र पाठ्यक्रम: 2,879 शिक्षार्थियों के साथ पहला बैच शुरू

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कॉरपोरेट मित्र पाठ्यक्रम

केंद्रीय बजट 2026-27 की घोषणा के तहत कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय और आईसीएआई की ओर से कॉरपोरेट मित्र पाठ्यक्रम के पहले बैच की शुरुआत की गई है।

मुख्य बातें

  • पहला बैच 2,879 पंजीकृत शिक्षार्थियों के साथ शुरू हुआ।
  • केंद्रीय बजट 2026-27 में भारत सरकार ने की थी इस पहल की घोषणा।
  • पाठ्यक्रम की कुल अवधि 12 महीने है, जिसमें 6 महीने का ऑन-द-जॉब प्रैक्टिकल प्रशिक्षण शामिल है।
  • आईसीएआई, आईसीएसआई और आईसीओएआई के साथ आईआईटी मद्रास व स्वयं प्लस का तकनीकी सहयोग।

कॉरपोरेट मित्र पाठ्यक्रम का पहला बैच 2,879 शिक्षार्थियों के पंजीकरण के साथ आधिकारिक रूप से शुरू हो चुका है। कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय (एमसीए) के मार्गदर्शन में देश के तीन प्रमुख व्यावसायिक संस्थानों ने इस पहल को जमीनी स्तर पर लागू किया है। इनमें भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (आईसीएआई), भारतीय कंपनी सचिव संस्थान (आईसीएसआई) और भारतीय लागत लेखाकार संस्थान (आईसीओएआई) शामिल हैं। इस अवसर पर कॉरपोरेट मित्र लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (एलएमएस) का भी शुभारंभ किया गया, जो इस कार्यक्रम के डिजिटल शिक्षण चरण का प्रतिनिधित्व करता है।

कॉरपोरेट मित्र पाठ्यक्रम क्या है?

कॉरपोरेट मित्र पाठ्यक्रम सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को व्यापारिक और नियामकीय अनुपालनों के प्रबंधन में सहायता देने के लिए तैयार किया गया 12 महीने का एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम है। केंद्र सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रमाणित पैरा-प्रोफेशनल्स का एक ऐसा सक्षम समूह तैयार करना है जो छोटे उद्योगों को सस्ती और सुलभ व्यावसायिक सेवाएं प्रदान कर सके।

नई दिल्ली स्थित आईसीएआई मुख्यालय में आयोजित आधिकारिक उद्घाटन समारोह में कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय और तीनों पेशवर निकायों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इस कार्यक्रम में मंत्रालय की संयुक्त सचिव श्रीमती अनीता शाह अकेला, निदेशक-पीआई श्री महेंद्र कुमार, आईसीएआई के अध्यक्ष सीए प्रसन्न कुमार डी, उपाध्यक्ष सीए मंगेश पी. किनारे और सचिव सीए (डॉ.) जय कुमार बत्रा उपस्थित रहे। इसके अलावा भारतीय लागत लेखाकार संस्थान के अध्यक्ष सीएमए चित्तरंजन चट्टोपाध्याय और उपाध्यक्ष सीएमए मनोज कुमार आनंद ने भी शिरकत की।

बजट 2026-27 की घोषणा और प्रमुख उद्देश्य

भारत सरकार ने केंद्रीय बजट 2026-27 में इस योजना को शुरू करने की घोषणा की थी। देश के आर्थिक ढांचे में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों की हिस्सेदारी अत्यधिक महत्वपूर्ण है। हालांकि, संसाधनों और विशेषज्ञता की कमी के कारण अक्सर एमएसएमई के लिए विभिन्न कानूनी, वित्तीय और नियामकीय अनुपालनों को समय पर पूरा करना एक चुनौती बन जाता है। इसी अंतर को पाटने के लिए कॉरपोरेट मित्र पाठ्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई है।

इस पहल की खास बात यह है कि इसमें देश के शीर्ष प्रोफेशनल संस्थानों की व्यावहारिक विशेषज्ञता को प्रमुख तकनीकी संस्थानों के ज्ञान के साथ जोड़ा गया है। इस पूरे कार्यक्रम में आईआईटी मद्रास, आईआईटी मद्रास प्रवर्तक और स्वयं प्लस (SWAYAM Plus) का तकनीकी एवं शैक्षणिक सहयोग प्राप्त हो रहा है। इसके जरिए शिक्षार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाली डिजिटल पठन सामग्री और उन्नत शिक्षण प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया जा रहा है।

कॉरपोरेट मित्र पाठ्यक्रम की संरचना और प्रशिक्षण मॉडल

इस कॉरपोरेट मित्र पाठ्यक्रम की कुल अवधि 12 महीने निर्धारित की गई है, जिसे दो स्पष्ट और संतुलित चरणों में बांटा गया है:

  • प्रथम चरण (पहला 6 महीना): इस चरण में शिक्षार्थियों को लगभग 150 घंटे का संरचित शैक्षणिक शिक्षण दिया जाएगा। यह पढ़ाई रिकॉर्ड किए गए वीडियो व्याख्यानों के माध्यम से होगी।
  • द्वितीय चरण (अंतिम 6 महीना): शैक्षणिक प्रशिक्षण पूरा होने के बाद शिक्षार्थियों को आईसीएआई, आईसीएसआई और आईसीओएआई के सदस्यों की रजिस्टर्ड प्रोफेशनल फर्मों में 6 महीने का व्यावहारिक ऑन-द-जॉब प्रशिक्षण दिया जाएगा।
  • डिजिटल लर्निंग सपोर्ट: शिक्षार्थियों के लिए तैयार कॉरपोरेट मित्र एलएमएस पोर्टल पर विशेषज्ञों के व्याख्यान, संदर्भ सामग्री, स्व-मूल्यांकन मॉडल, अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न और चर्चा मंच उपलब्ध रहेंगे।

व्यावहारिक प्रशिक्षण के दौरान शिक्षार्थियों को असल कार्यस्थल पर जाकर एमएसएमई की ऑडिटिंग, टैक्स फाइलिंग, कंपनी लॉ अनुपालन और बहीखाता प्रबंधन से जुड़ी बारीकियों को सीखने का अवसर मिलेगा। इससे उनका कौशल केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहकर वास्तविक समस्याओं को सुलझाने में सक्षम बनेगा।

व्यापार सुगमता और अनुपालन में बदलाव की दिशा

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय की संयुक्त सचिव श्रीमती अनीता शाह अकेला ने बताया कि कॉरपोरेट मित्र पाठ्यक्रम का मूल उद्देश्य अनुपालन प्रक्रियाओं को सरल बनाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पहल के जरिए हम ऐसा माहौल बनाना चाहते हैं जहां अनुपालन किसी उद्यमी के लिए बोझ न बने, बल्कि यह व्यावसायिक पारदर्शिता, जवाबदेही और सुव्यवस्थित विकास का जरिया बने।

उल्लेखनीय है कि जब छोटे कारोबारियों को अपनी ही भाषा और बजट में सही वित्तीय परामर्श मिलता है, तो उनके व्यापार विस्तार की गति तेज होती है। प्रशिक्षित पैरा-प्रोफेशनल्स एमएसएमई के आंतरिक प्रबंधन को दुरुस्त करने में मदद करेंगे, जिससे बैंकिंग ऋण प्राप्त करने और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में भी आसानी होगी।

रोजगार और आर्थिक औपचारिकीकरण को बढ़ावा

कॉरपोरेट मित्र पाठ्यक्रम के माध्यम से न केवल एमएसएमई को फायदा पहुंचेगा, बल्कि देश के हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। गैर-महानगरीय और छोटे शहरों के युवा इस 12 महीने के पाठ्यक्रम को पूरा करके प्रमाणित पैरा-प्रोफेशनल के रूप में अपना करियर शुरू कर सकते हैं।

भारत में असंगठित एमएसएमई क्षेत्र को औपचारिक अर्थव्यवस्था के साथ जोड़ने में यह कैडर बड़ी भूमिका निभाएगा। जब छोटे उद्योग नियमित रूप से जीएसटी रिटर्न, वार्षिक वित्तीय विवरण और कॉरपोरेट फाइलिंग करेंगे, तो पूरे व्यावसायिक पारिस्थितिकी तंत्र में मजबूती आएगी। यही वजह है कि सरकार और तीनों पेशेवर निकाय इस कार्यक्रम को दीर्घकालिक आर्थिक सुधार के रूप में देख रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न: कॉरपोरेट मित्र पाठ्यक्रम की कुल अवधि कितनी है?
उत्तर: इस पाठ्यक्रम की कुल अवधि 12 महीने है। इसमें 6 महीने का डिजिटल शैक्षणिक शिक्षण (150 घंटे) और 6 महीने का ऑन-द-जॉब व्यावहारिक प्रशिक्षण शामिल है।

प्रश्न: इस कार्यक्रम में कौन-कौन से संस्थान शामिल हैं?
उत्तर: यह कार्यक्रम कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय के मार्गदर्शन में आईसीएआई, आईसीएसआई और आईसीओएआई द्वारा संचालित है, जिसमें आईआईटी मद्रास और स्वयं प्लस का तकनीकी सहयोग है।

प्रश्न: कॉरपोरेट मित्र पाठ्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य एमएसएमई को किफायती और सरल नियामकीय अनुपालन सहायता प्रदान करने के लिए कुशल एवं प्रमाणित पैरा-प्रोफेशनल्स का समूह तैयार करना है।

यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com

दीक्षा कुमारी
दीक्षा कुमारी
दीक्षा कुमारी आज पत्रिका में वरिष्ठ संपादक हैं और शिक्षा, परीक्षाएँ एवं परिणाम, खेल, मनोरंजन, धर्म-संस्कृति तथा लाइफस्टाइल कवरेज की ज़िम्मेदारी संभालती हैं। वे परीक्षा अधिसूचनाओं, रिजल्ट, प्रवेश प्रक्रिया, त्योहारों की परंपराओं और स्वास्थ्य-जीवनशैली से जुड़ी सामग्री को सरल, सटीक और सत्यापित रूप में पाठकों तक पहुँचाती हैं। स्वास्थ्य से जुड़े लेखों में वे हमेशा योग्य विशेषज्ञ से सलाह लेने की सलाह जोड़ती हैं। सुझाव/सुधार: corrections@aajpatrika.com।

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