
ब्राजील के ब्रासीलिया में आयोजित 8वीं टीएमएम बैठक के दौरान दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 30 अरब डॉलर तक पहुंचाने की साझा प्रतिबद्धता जताई।
मुख्य बातें
- वर्ष 2025-26 में द्विपक्षीय व्यापार 15.07 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है, जिसे 2030 तक 2 गुना करने का लक्ष्य है।
- बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल और ब्राजील की विदेश व्यापार सचिव तातियाना लैसर्दा प्राजेरेस ने की।
- वर्ष 2025 में भारत-मर्कोसुर द्विपक्षीय व्यापार 20.84 अरब डॉलर रहा; तरजीही व्यापार समझौते के विस्तार पर सहमति बनी।
- फार्मास्यूटिकल्स, रसायन, इंजीनियरिंग सामान, और कृषि उत्पादों में बाजार पहुंच आसान बनाने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
- किर्लोस्कर, यूपीएल और आदित्य बिरला समूह सहित 25 से अधिक भारतीय कंपनियों का प्रतिनिधिमंडल ब्रासीलिया पहुंचा; नई दिल्ली में एपेक्सब्राजील कार्यालय खुलेगा।
पीआईबी के अनुसार, ब्राजील की राजधानी ब्रासीलिया में आयोजित 8वीं व्यापार निगरानी तंत्र (TMM) की बैठक के दौरान भारत ब्राजील व्यापार को वर्ष 2030 तक 30 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह उच्च स्तरीय बैठक भारत और ब्राजील के बीच आर्थिक संबंधों को सुदृढ़ करने और द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को नए मुकाम पर ले जाने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। बैठक की सह-अध्यक्षता भारत सरकार के वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल और ब्राजील की विदेश व्यापार सचिव सुश्री तातियाना लैसर्दा प्राजेरेस ने की।
भारत ब्राजील व्यापार में 2030 तक 30 अरब डॉलर का लक्ष्य
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा के नेतृत्व में दोनों देशों के राजनीतिक संबंधों को एक नई गति मिली है। इसी गतिशीलता का लाभ उठाते हुए दोनों देशों ने व्यापारिक और आर्थिक मोर्चे पर अपने संबंधों को और गहरा करने का संकल्प जताया है। वाणिज्य मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारत ब्राजील व्यापार बढ़कर 15.07 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है।
दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि वर्तमान व्यापारिक आंकड़े दोनों अर्थव्यवस्थाओं की वास्तविक क्षमता की तुलना में अभी भी कम हैं। इसलिए, एक अधिक विविध, संतुलित और सतत साझेदारी के माध्यम से वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करके 30 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है। द्विपक्षीय संबंधों की इस गति को और तेज करते हुए भारत ब्राजील व्यापार को विविधतापूर्ण और अधिक संतुलित बनाने पर विशेष रूप से बल दिया गया। इसके लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों जैसे फार्मास्यूटिकल्स, रसायन, इंजीनियरिंग सामान, और भारी मशीनरी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की योजना बनाई गई है।
भारत-मर्कोसुर तरजीही समझौता और भारत ब्राजील व्यापार
बैठक के दौरान दोनों देशों ने भारत-मर्कोसुर तरजीही व्यापार समझौते (PTA) के विस्तार और आधुनिकीकरण से जुड़ी संदर्भ शर्तों (Terms of Reference) की समीक्षा की। व्यापारिक रिश्तों को आगे बढ़ाने में दक्षिण अमेरिकी व्यापार गुट मर्कोसुर की भी अहम भूमिका है, जिसका असर भारत ब्राजील व्यापार पर सीधा पड़ता है। मर्कोसुर दक्षिण अमेरिका का एक प्रमुख व्यापारिक ब्लॉक है, जिसमें ब्राजील एक मुख्य भागीदार देश है।
साल 2025 में भारत और मर्कोसुर के बीच द्विपक्षीय व्यापार 20.84 अरब अमेरिकी डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। दोनों देशों ने सहमति व्यक्त की कि इस समझौते के विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। संदर्भ शर्तों को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने से दोनों क्षेत्रों के बीच सीमा शुल्क में कमी आएगी और व्यापारिक बाधाएं दूर होंगी, जिससे भारत ब्राजील व्यापार को भी अभूतपूर्व बढ़त हासिल होगी।
दवा, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र में बाजार पहुंच का विस्तार
स्वास्थ्य और दवा क्षेत्र में भारतीय उत्पादों के लिए ब्राजील के बाजार में सुगम पहुंच बनाना इस वार्ता का एक प्रमुख बिंदु रहा। फरवरी 2026 में भारत के केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) और ब्राजील की स्वास्थ्य निगरानी एजेंसी (ANVISA) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे। दवा और स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए CDSCO-ANVISA समझौते से भारत ब्राजील व्यापार के तहत भारतीय गुणवत्तापूर्ण और किफायती दवाओं की ब्राजील के बाजार में पहुंच आसान होगी।
भारत ने इस बात पर जोर दिया कि ब्राजील की नियामक प्रक्रियाओं में अधिक पारदर्शिता और पूर्वानुमान होना चाहिए ताकि भारतीय फार्मास्यूटिकल कंपनियां ब्राजील की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में अपना योगदान दे सकें। इसके अलावा कृषि क्षेत्र में दोनों देशों ने विभिन्न कृषि उत्पादों के पौध स्वच्छता (Phytosanitary) संबंधी अनुरोधों पर विस्तृत चर्चा की और एक समयबद्ध एजेंडा तैयार किया। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक मूल प्रमाण पत्रों (Electronic Certificates of Origin) को पारस्परिक मान्यता देने तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) और हस्तशिल्प क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सकारात्मक प्रगति हुई है।
बहुपक्षीय मंचों पर भारत ब्राजील व्यापार और सहयोग
वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में ब्रिक्स, जी20 और विश्व व्यापार संगठन (WTO) जैसे मंचों पर भारत ब्राजील व्यापार और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने पर भी दोनों देशों ने बल दिया। दोनों पक्षों ने एक खुले, समावेशी और विकास-उन्मुख बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली का समर्थन किया।
वार्ता के दौरान भारत ने ब्रिक्स आर्थिक साझेदारी रणनीति 2030 तथा वैश्विक मूल्य श्रृंखला (GVC) कार्य योजना 2026-2030 को आगे बढ़ाने में ब्राजील के योगदान की सराहना की। दूसरी तरफ, ब्राजील ने ब्रिक्स की अध्यक्षता के दौरान भारत द्वारा शुरू की गई पहलों, विशेष रूप से ‘ब्रिक्स स्टार्टअप नॉलेज हब’ और ‘ब्रिक्स बिजनेस इनक्यूबेटर’ की सराहना की और भारत को बधाई दी।
व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल की भागीदारी और नई पहल
ब्रासीलिया में द्विपक्षीय बैठकों के साथ-साथ एक उच्च स्तरीय भारत-ब्राजील व्यापारिक स्वागत समारोह का आयोजन भी किया गया। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने एक 25 सदस्यीय भारतीय उद्योग प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। इसमें किर्लोस्कर समूह, यूपीएल, और आदित्य बिरला समूह जैसी प्रमुख भारतीय कंपनियों के शीर्ष प्रतिनिधि शामिल थे।
यह आयोजन महत्वपूर्ण खनिजों, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि व्यवसाय, बुनियादी ढांचा (इन्फ्रास्ट्रक्चर), डिजिटल सेवाओं, लॉजिस्टिक्स और उन्नत विनिर्माण (एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग) जैसे उभरते क्षेत्रों में नई साझेदारियां खोजने के लिए एक मंच साबित हुआ। इसके अलावा, दोनों देशों ने नई दिल्ली में ‘एपेक्सब्राजील’ (ApexBrasil) कार्यालय खोलने के निर्णय का स्वागत किया। नई दिल्ली में एपेक्सब्राजील कार्यालय खुलने से भारत ब्राजील व्यापार और निवेश प्रवाह में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होने की संभावना है। भारतीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल की इस यात्रा से भारत ब्राजील व्यापार को एक नई दिशा और ऊंचाई मिली है।
द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों के मुख्य विवरण
- आयोजन: भारत-ब्राजील व्यापार निगरानी तंत्र (TMM) की 8वीं बैठक, ब्रासीलिया।
- सह-अध्यक्ष: वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल (भारत) एवं विदेश व्यापार सचिव सुश्री तातियाना लैसर्दा प्राजेरेस (ब्राजील)।
- व्यापार लक्ष्य: 2025-26 के $15.07 अरब से बढ़ाकर 2030 तक $30 अरब अमेरिकी डॉलर करना।
- भारत-मर्कोसुर व्यापार: 2025 में $20.84 अरब अमेरिकी डॉलर दर्ज किया गया।
- प्रमुख भागीदार कंपनियां: किर्लोस्कर समूह, यूपीएल, आदित्य बिरला समूह सहित 25 से अधिक कंपनियां।
- नई घोषणा: नई दिल्ली में एपेक्सब्राजील (ApexBrasil) कार्यालय की स्थापना।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1: भारत-ब्राजील व्यापार निगरानी तंत्र (TMM) की 8वीं बैठक कहां आयोजित की गई?
उत्तर: भारत-ब्राजील व्यापार निगरानी तंत्र की 8वीं बैठक ब्राजील की राजधानी ब्रासीलिया में आयोजित की गई।
प्रश्न 2: भारत और ब्राजील ने द्विपक्षीय व्यापार के लिए क्या लक्ष्य तय किया है?
उत्तर: दोनों देशों ने वित्त वर्ष 2025-26 के 15.07 अरब अमेरिकी डॉलर के व्यापार को बढ़ाकर वर्ष 2030 तक 30 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है।
प्रश्न 3: इस बैठक में भारत की ओर से प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किसने किया?
उत्तर: भारत की ओर से वाणिज्य सचिव श्री राजेश अग्रवाल ने बैठक की सह-अध्यक्षता की और 25 से अधिक भारतीय कंपनियों के व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






