
मऊ के घोसी ब्लॉक के पकड़ी बुजुर्ग गांव की 35 महिलाएं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से जलकुंभी, मोती और रेशम के धागों से 23 हजार से अधिक हस्तनिर्मित राखियां तैयार कर आत्मनिर्भर बन रही हैं।
इन राखियों को बाजार में बेचकर वे अब तक 70 हजार रुपये की अच्छी आमदनी कर चुकी हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।
इन राखियों को बाजार में बेचकर वे अब तक 70 हजार रुपये की अच्छी आमदनी कर चुकी हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।






