
सुप्रीम कोर्ट ने 1981 के दोहरे हत्याकांड मामले में 45 साल की देरी को ‘न्यायिक व्यवस्था की विफलता’ बताया, जिसमें निचली अदालत और हाईकोर्ट दोनों को 22-22 साल लगे।
अदालत ने एकमात्र जीवित दोषी को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया और मामले में अत्यधिक देरी की जांच करने का फैसला किया।
अदालत ने एकमात्र जीवित दोषी को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया और मामले में अत्यधिक देरी की जांच करने का फैसला किया।






