रविवार, अक्टूबर 11, 2026

युवा संगम का सातवां चरण: तेलंगाना के युवाओं ने जानी असम की संस्कृति

Date:

युवा संगम

शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित युवा संगम के सातवें चरण में तेलंगाना के युवाओं ने असम की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं का अनुभव किया।

मुख्य बातें

  • शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा युवा संगम के सातवें चरण का आयोजन किया गया है।
  • तेलंगाना के प्रतिनिधिमंडल का 4 अक्टूबर 2026 को आईआईटी गुवाहाटी में स्वागत किया गया।
  • युवा प्रतिनिधियों ने 5 अक्टूबर 2026 को असम के राज्यपाल श्री लक्ष्मण प्रसाद आचार्य से मुलाकात की।
  • यह पहल ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के तहत राज्यों के बीच आपसी समझ को बढ़ावा देती है।

युवा संगम के सातवें चरण के तहत तेलंगाना का प्रतिनिधिमंडल असम पहुंच गया है, जहां युवा देश की विविध संस्कृति और परंपराओं से रूबरू हो रहे हैं। शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग ने भारत के युवाओं के बीच सांस्कृतिक और भावनात्मक संबंधों को मज़बूत करने के लिए ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ पहल के तहत इस कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की है। यह पूरा आयोजन देश के विभिन्न हिस्सों के युवाओं को एक दूसरे के करीब लाने और राज्यों के बीच संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

युवा संगम क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?

युवा संगम एक अनूठी पहल है जिसके जरिए देश के अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के युवा एक दूसरे की सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं, शिक्षा व्यवस्था और विकास की उपलब्धियों को करीब से जानते हैं। यह कार्यक्रम कुल 20 जोड़ी राज्यों और उच्च शिक्षण संस्थानों के माध्यम से आपसी समझ और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देता है। इस सातवें चरण में तेलंगाना और असम को जोड़ा गया है, जिससे दोनों राज्यों के युवाओं को एक साझा मंच मिल रहा है।

तेलंगाना के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी यात्रा की शुरुआत 5 अक्टूबर 2026 को एक ताज़गी भरे योग सत्र के साथ की। इस सत्र ने युवा प्रतिनिधियों को भारत के पारंपरिक ज्ञान और सांस्कृतिक विरासत के एक अहम पहलू का अनुभव कराते हुए सेहत और सकारात्मक ऊर्जा के साथ दिन की शुरुआत करने का मौका दिया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने उसी दिन असम के राज्यपाल श्री लक्ष्मण प्रसाद आचार्य से औपचारिक मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय मुलाकात से युवा प्रतिनिधियों को पूर्वोत्तर राज्य की समृद्ध विरासत और सांस्कृतिक महत्व को गहराई से समझने का अवसर मिला।

इस पहल से युवाओं को क्या लाभ मिलता है?

इस तरह के सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों से छात्रों और युवाओं के व्यक्तिगत विकास में मदद मिलती है। जब छात्र अपने राज्य से बाहर जाकर किसी अन्य क्षेत्र की जीवनशैली को देखते हैं, तो उनका दृष्टिकोण व्यापक होता है। इस यात्रा के दौरान प्रतिभागियों को नए लोगों से जुड़ने, यादगार पल बनाने और देश की विविधता को प्रत्यक्ष रूप से देखने के सार्थक अवसर मिलते हैं।

  • तेलंगाना के दल का 4 अक्टूबर 2026 को आईआईटी गुवाहाटी में स्वागत हुआ।
  • असम के राज्यपाल श्री लक्ष्मण प्रसाद आचार्य से 5 अक्टूबर 2026 को मुलाकात हुई।
  • कार्यक्रम का नेतृत्व कर्नाटक के केंद्रीय विश्वविद्यालय द्वारा किया जा रहा है।
  • यात्रा का मुख्य उद्देश्य ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के विज़न को मजबूत करना है।

सांस्कृतिक आदान-प्रदान और राष्ट्रीय एकता

भारत जैसे विशाल देश में विविधता ही इसकी सबसे बड़ी ताकत है। इस प्रकार के कार्यक्रम विभिन्न संस्कृतियों के बीच की दूरियों को कम करते हैं और भाषाई या क्षेत्रीय सीमाओं से परे जाकर युवाओं को जोड़ते हैं। शिक्षा मंत्रालय का उच्च शिक्षा विभाग इस बात पर जोर देता है कि युवा पीढ़ी जितनी अधिक एक दूसरे के राज्यों को घूमेगी और समझेगी, देश की राष्ट्रीय एकता उतनी ही अधिक मजबूत होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न? युवा संगम का सातवां चरण किस मंत्रालय द्वारा आयोजित किया गया है?

उत्तर। यह कार्यक्रम शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित किया गया है।

प्रश्न? इस चरण में किन राज्यों के बीच आदान-प्रदान हो रहा है?

उत्तर। इस चरण के अंतर्गत तेलंगाना और असम के युवाओं के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान हो रहा है।

प्रश्न? तेलंगाना के प्रतिनिधिमंडल ने असम में राज्यपाल से कब मुलाकात की?

उत्तर। प्रतिनिधिमंडल ने 5 अक्टूबर 2026 को असम के राज्यपाल श्री लक्ष्मण प्रसाद आचार्य से मुलाकात की।

यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com

दीक्षा कुमारी
दीक्षा कुमारी
दीक्षा कुमारी आज पत्रिका में वरिष्ठ संपादक हैं और शिक्षा, परीक्षाएँ एवं परिणाम, खेल, मनोरंजन, धर्म-संस्कृति तथा लाइफस्टाइल कवरेज की ज़िम्मेदारी संभालती हैं। वे परीक्षा अधिसूचनाओं, रिजल्ट, प्रवेश प्रक्रिया, त्योहारों की परंपराओं और स्वास्थ्य-जीवनशैली से जुड़ी सामग्री को सरल, सटीक और सत्यापित रूप में पाठकों तक पहुँचाती हैं। स्वास्थ्य से जुड़े लेखों में वे हमेशा योग्य विशेषज्ञ से सलाह लेने की सलाह जोड़ती हैं। सुझाव/सुधार: corrections@aajpatrika.com।

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण ने राज्यों को बांटी 2.02 करोड़ की एबीएस निधि

राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण ने बीज क्षेत्र से प्राप्त 2.02 करोड़ रुपये की एबीएस निधि 27 राज्यों में वितरित की। जानिए किस राज्य को कितना पैसा मिला।

भारतीय नौसेना के लिए लॉन्च हुआ अपतटीय गश्ती पोत श्रेयस, जानिए इसकी खासियतें

भारतीय नौसेना के लिए कोलकाता में नया अपतटीय गश्ती पोत श्रेयस लॉन्च किया गया है। जानिए इस स्वदेशी युद्धपोत की पूरी जानकारी और इसकी विशेषताएं।

विकसित भारत के निर्माण में युवा निभाएं अहम भूमिका: डॉ. मनसुख मांडविया

वाराणसी में आयोजित MY भारत युवा सम्मेलन 2026 में केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण का ब्रांड एम्बेसडर बनने का आह्वान किया।

रक्षा संवाददाता पाठ्यक्रम 2026: तेजपुर में 24 पत्रकारों का प्रशिक्षण संपन्न

तेजपुर में 24 पत्रकारों के लिए आयोजित तीन सप्ताह का रक्षा संवाददाता पाठ्यक्रम संपन्न हो गया है। जानिए सेना और मीडिया के इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण की बड़ी बातें।
हमारे बारे में · संपादकीय नीति · सुधार नीति · स्वामित्व एवं वित्त पोषण · गोपनीयता नीति · संपर्क करें
© 2026 Aaj Patrika