
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), बिलासपुर के पहले दीक्षांत समारोह को संबोधित किया और डॉक्टरों से करुणा अपनाने का आह्वान किया।
मुख्य बातें
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 6 अक्तूबर 2026 को एम्स बिलासपुर के प्रथम दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं।
- राष्ट्रपति ने चिकित्सकों से अपने पेशे में संवेदनशीलता और करुणा को अपनाने का आह्वान किया।
- उन्होंने कहा कि न्यूनतम लागत में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा एम्स की असली पहचान है।
- आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा दिया जाता है।
एम्स बिलासपुर का प्रथम दीक्षांत समारोह 6 अक्तूबर 2026 को आयोजित किया गया, जिसमें भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। इस भव्य आयोजन में संस्थान के मेधावी विद्यार्थियों ने अपनी डिग्रियां प्राप्त कीं और देश की स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान देने का संकल्प लिया।
एम्स बिलासपुर दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति का संबोधन
एम्स बिलासपुर के इस पहले दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने संबोधन के दौरान चिकित्सा जगत से जुड़े कई अहम पहलुओं पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि चिकित्सा पेशे का मुख्य उद्देश्य केवल इलाज करना नहीं, बल्कि मानवता की सच्ची सेवा करना होना चाहिए। जब कोई पीड़ित व्यक्ति डॉक्टर के पास पहुंचता है, तो वह अपने भीतर मौजूद डर और अनिश्चितता के साथ-साथ एक उम्मीद की किरण भी लेकर आता है। राष्ट्रपति ने बताया कि एक डॉक्टर अपने ज्ञान और कौशल से बीमारी का निदान तो कर देता है, लेकिन उसका संवेदनशील व्यवहार मरीज को मानसिक संबल देता है।
समारोह के दौरान देश के स्वास्थ्य ढांचे पर चर्चा करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि एम्स संस्थानों की मूल पहचान न्यूनतम लागत पर उच्च कोटि की चिकित्सा सेवाएं मुहैया कराना है। देश के आम नागरिकों के मन में एम्स का नाम आते ही देश के सबसे योग्य और कुशल चिकित्सकों द्वारा इलाज का भरोसा जाग जाता है। इसी भरोसे को देश के कोने-कोने तक पहुंचाने के लिए विभिन्न राज्यों में नए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान खोले गए हैं, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा प्राप्त कर सकें।
पहाड़ी इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की चुनौतियां
हिमाचल प्रदेश की कठिन भौगोलिक स्थिति का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि एम्स बिलासपुर की जिम्मेदारी काफी बड़ी और विशिष्ट है। राज्य के दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों तक समय पर बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना एक बड़ी चुनौती है। संस्थान को उन्नत तृतीयक स्वास्थ्य देखभाल के एक प्रमुख केंद्र के रूप में खुद को स्थापित करना होगा। इसके लिए टेलीमेडिसिन तकनीक, दूरदराज के इलाकों के लिए विशेष चिकित्सीय परामर्श, स्वास्थ्य कर्मियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों और आधुनिक तकनीकों का भरपूर इस्तेमाल किया जाना चाहिए ताकि पहाड़ी क्षेत्रों में चिकित्सा ढांचा मजबूत हो सके।
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 6 अक्तूबर 2026 को बिलासपुर पहुंचीं।
- एम्स बिलासपुर का यह पहला दीक्षांत समारोह था।
- आयुष्मान भारत योजना के जरिए 5 लाख रुपये तक का बीमा मिलता है।
- टेलीमेडिसिन और आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल पर जोर दिया गया।
सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत
सामान्य परिवारों के लिए किसी गंभीर बीमारी के इलाज का खर्च उठाना बेहद कठिन होता है। इस बात को रेखांकित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार समाज के हर जरूरतमंद वर्ग की इस पीड़ा को कम करने के लिए प्रतिबद्ध है। केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही ‘आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ के माध्यम से पात्र परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा मुहैया कराया जाता है। इसके बावजूद, दवाइयों और चिकित्सा उपकरणों के लगातार बढ़ते दाम आम मरीजों के लिए एक बड़ी बाधा बने हुए हैं।
देश के हर नागरिक तक कम खर्च पर गुणवत्तापूर्ण इलाज पहुंचाना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है। एम्स जैसे देश के अग्रणी और प्रतिष्ठित संस्थानों के सामने यह एक बड़ा अवसर भी है और चुनौती भी कि वे किफायती तथा सुलभ चिकित्सा समाधान विकसित करें। जब देशवासी स्वस्थ होंगे, तभी वे अपनी पूरी क्षमता के साथ राष्ट्र निर्माण और प्रगति में अपना योगदान दे पाएंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? एम्स बिलासपुर का प्रथम दीक्षांत समारोह कब आयोजित हुआ? उत्तर। यह समारोह 6 अक्तूबर 2026 को आयोजित किया गया जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शिरकत की।
प्रश्न? आयुष्मान भारत योजना के तहत कितना स्वास्थ्य बीमा मिलता है? उत्तर। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जाता है।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






