रविवार, अगस्त 30, 2026

उच्च शिक्षा रिपोर्ट: 10 वर्षों में भारत के शिक्षा क्षेत्र का बड़ा विस्तार

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उच्च शिक्षा रिपोर्ट

शिक्षा मंत्रालय के एआईएसएचई सर्वेक्षण के अनुसार पिछले एक दशक में विश्वविद्यालयों की संख्या 69.6% बढ़ी है और कुल छात्र नामांकन 4.50 करोड़ पार पहुंच गया है।

मुख्य बातें

  • विश्वविद्यालयों की संख्या 2014-15 में 760 से बढ़कर 2023-24 में 1,289 हुई (69.6% वृद्धि)।
  • कुल छात्र नामांकन 3.42 करोड़ से बढ़कर 4.50 करोड़ तक पहुंचा (31.5% वृद्धि)।
  • महिला नामांकन 42.2% बढ़कर 2.24 करोड़ हुआ, महिला जीईआर पुरुषों से अधिक रहा।
  • जेंडर पैरिटी इंडेक्स (जीपीआई) 0.92 से बढ़कर 1.08 दर्ज किया गया।
  • स्टेम पाठ्यक्रमों में नामांकन 1.02 करोड़ पहुंचा और विदेशी छात्र बढ़कर 58,134 हुए।

शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी ताजा उच्च शिक्षा रिपोर्ट (एआईएसएचई) के अनुसार बीते एक दशक (2014-15 से 2023-24) में भारत के शिक्षण परिदृश्य में अभूतपूर्व बदलाव दर्ज किया गया है। पीआईबी के अनुसार, यह उच्च शिक्षा रिपोर्ट राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के क्रियान्वयन और देश में ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था के निर्माण की दिशा में हुई प्रगति को उजागर करती है। ऑल इंडिया सर्वे ऑन हायर एजुकेशन द्वारा एकत्र किए गए आंकड़े दर्शाते हैं कि उच्च शिक्षा संस्थानों की संख्या, छात्रों के कुल नामांकन और बुनियादी सुविधाओं में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।

सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी 4) के अनुरूप भारत में सभी नागरिकों के लिए समान व समावेशी शिक्षा सुनिश्चित करने और जीवन भर सीखने के अवसरों को बढ़ावा देने का काम किया जा रहा है। शिक्षा मंत्रालय की वार्षिक उच्च शिक्षा रिपोर्ट नीति निर्माताओं को इस क्षेत्र में हो रहे सुधारों को ट्रैक करने और आवश्यक नीतिगत फैसले लेने में मदद प्रदान करती है।

उच्च शिक्षा रिपोर्ट और शिक्षण संस्थानों का विस्तार

एआईएसएचई की उच्च शिक्षा रिपोर्ट के आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले दशक में भारत के उच्च शिक्षा नेटवर्क का दायरा काफी बड़ा हुआ है। वर्ष 2014-15 में देश में विश्वविद्यालयों की संख्या 760 थी, जो 2023-24 में बढ़कर 1,289 हो गई है। यह विश्वविद्यालयों की संख्या में 69.6 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। इसी अवधि के दौरान कॉलेजों की संख्या 38,498 से बढ़कर 48,246 हो गई, जिसमें 25.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

इसके अतिरिक्त, स्टैंडअलोन संस्थानों की संख्या भी 12,276 से बढ़कर 15,221 हो गई, जिसमें लगभग 24 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। संस्थानों के इस बढ़ते नेटवर्क से देश के दूर-दराज इलाकों तक शिक्षा की पहुंच सुलभ हुई है। बुनियादी ढांचे की बात करें तो वर्ष 2023-24 में 94% विश्वविद्यालयों, 95% कॉलेजों और 91% स्टैंडअलोन संस्थानों में खेल के मैदान उपलब्ध थे। वहीं, 98% विश्वविद्यालयों, 98% कॉलेजों और 98% स्टैंडअलोन संस्थानों में पुस्तकालय की व्यवस्था पाई गई। इसके साथ ही 89% विश्वविद्यालयों और 85% कॉलेजों में आधुनिक प्रयोगशालाएं भी संचालित हो रही हैं।

उच्च शिक्षा रिपोर्ट में नामांकन और जीईआर के आंकड़े

इस उच्च शिक्षा रिपोर्ट के अनुसार, उच्च शिक्षण संस्थानों में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कुल छात्र नामांकन वर्ष 2014-15 के 3.42 करोड़ से 31.5 प्रतिशत बढ़कर 2023-24 में 4.50 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया। सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) भी 2014-15 के 23.7 प्रतिशत से बढ़कर 2023-24 में 30 प्रतिशत हो गया है, जो एनईपी 2020 के 2035 तक 50 प्रतिशत जीईआर हासिल करने के लक्ष्य का समर्थन करता है।

विभिन्न पाठ्यक्रमों के स्तर पर दर्ज की गई प्रतिशत वृद्धि इस प्रकार है:

  • पीएचडी: 1.17 लाख से बढ़कर 3.43 लाख (192.89% की भारी वृद्धि)
  • पोस्ट-ग्रेजुएट: 38.53 लाख से बढ़कर 57.85 लाख (50.15% की वृद्धि)
  • अंडर-ग्रेजुएट: 2.71 करोड़ से बढ़कर 3.45 करोड़ (27.27% की वृद्धि)
  • डिप्लोमा: 25.08 लाख से बढ़कर 33.15 लाख (32.22% की वृद्धि)
  • इंटीग्रेटेड पाठ्यक्रम: 1.41 लाख से बढ़कर 5.69 लाख (301.36% की वृद्धि)
  • सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम: 1.70 लाख से बढ़कर 2.08 लाख (22.55% की वृद्धि)

उच्च शिक्षा रिपोर्ट में महिलाओं और वंचित वर्गों की बढ़ती भागीदारी

शिक्षा में समानता और समावेशिता के मोर्चे पर यह उच्च शिक्षा रिपोर्ट सकारात्मक रुझान दिखाती है। पिछले 10 वर्षों में महिलाओं के नामांकन में 42.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जो वर्ष 2014-15 के 1.57 करोड़ से बढ़कर 2023-24 में 2.24 करोड़ हो गई। वर्ष 2023-24 में महिलाओं का जीईआर 31.2 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो लगातार सातवें साल पुरुषों के जीईआर (28.9 प्रतिशत) से अधिक रहा।

जेंडर पैरिटी इंडेक्स (जीपीआई) 2014-15 के 0.92 से सुधरकर 2023-24 में 1.08 हो गया है, जो महिला सशक्तीकरण का स्पष्ट प्रमाण है। अनुसूचित जाति (एससी) के लिए जीपीआई 0.91 से बढ़कर 1.11 और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए 0.81 से बढ़कर 1.08 हो गया। कुल नामांकन में एससी छात्रों का हिस्सा 13.44% से बढ़कर 15.5%, एसटी छात्रों का हिस्सा 4.8% से बढ़कर 6.4% और ओबीसी छात्रों का हिस्सा 32.8% से बढ़कर 40.1% हो गया है। दिव्यांग विद्यार्थियों (पीडब्ल्यूबीडी) का नामांकन भी 2014-15 के 64,298 से बढ़कर 2022-23 में 88,816 तक पहुंचा, हालांकि 2023-24 में नामांकित 54,080 दिव्यांग छात्रों में महिलाओं की संख्या 20,000 रही।

उच्च शिक्षा रिपोर्ट में स्टेम, विदेशी छात्र और शिक्षकों की स्थिति

साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथमेटिक्स (स्टेम) विषयों में विद्यार्थियों की रुचि बढ़ी है। इस उच्च शिक्षा रिपोर्ट के अनुसार स्टेम में नामांकन 2014-15 के 91.5 लाख से बढ़कर 2023-24 में 1.02 करोड़ हो गया है। इसके अलावा, भारत में पढ़ाई करने आने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या 42,293 से बढ़कर 58,134 हो गई है, जो 37.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है।

शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए शिक्षकों की संख्या भी 14.73 लाख से बढ़ाकर 17.32 लाख की गई है। इसमें महिला शिक्षकों की संख्या में 36.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है और कुल शिक्षण कार्यबल में महिला शिक्षकों की हिस्सेदारी 2023-24 में 44.9 प्रतिशत तक पहुंच गई है। उच्च शिक्षण संस्थानों से सफलतापूर्वक डिग्री हासिल कर निकलने वाले छात्रों (आउट-टर्न) की संख्या भी 88.28 लाख से बढ़कर 1.09 करोड़ से अधिक हो गई है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का असर और भविष्य का दृष्टिकोण

इस उच्च शिक्षा रिपोर्ट के आंकड़े साबित करते हैं कि एनईपी 2020 के तहत किए जा रहे संस्थागत सुधारों का सकारात्मक असर दिखने लगा है। लचीली शिक्षा प्रणाली, क्रेडिट ट्रांसफर, बहु-विषयक अध्ययन और गुणवत्तापूर्ण शोध को बढ़ावा मिलने से भारतीय उच्च शिक्षा व्यवस्था वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो रही है। आने वाले वर्षों में जीईआर को 50 प्रतिशत तक ले जाने और वंचित वर्गों की पहुंच और बढ़ाने पर जोर जारी रहेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न: ऑल इंडिया सर्वे ऑन हायर एजुकेशन (एआईएसएचई) की रिपोर्ट कौन तैयार करता है?
उत्तर: एआईएसएचई सर्वेक्षण भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है, जो देश भर के उच्च शिक्षण संस्थानों से प्रामाणिक डेटा एकत्र करता है।

प्रश्न: इस उच्च शिक्षा रिपोर्ट के अनुसार 10 वर्षों में कुल छात्र नामांकन कितना बढ़ा है?
उत्तर: पिछले 10 वर्षों (2014-15 से 2023-24) में कुल छात्र नामांकन 3.42 करोड़ से 31.5 प्रतिशत बढ़कर 4.50 करोड़ हो गया है।

प्रश्न: एनईपी 2020 का वर्ष 2035 तक जीईआर का क्या लक्ष्य है?
उत्तर: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत वर्ष 2035 तक भारत में उच्च शिक्षा के सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) को 50 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com

अभिषेक सिंह
अभिषेक सिंह
अभिषेक सिंह आज पत्रिका के समाचार संपादक हैं और अर्थव्यवस्था, बाज़ार, रोज़गार तथा शिक्षा से जुड़ी खबरें देखते हैं।

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