शनिवार, अगस्त 29, 2026

प्रधानमंत्री का मध्य एशिया दौरा: उज़्बेकिस्तान और किर्गिज़ यात्रा शुरू

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उज़्बेकिस्तान और किर्गिज़ गणराज्य की यात्रा पर रवाना हुए प्रधानमंत्री, ताशकंद में द्विपक्षीय बातचीत के बाद 26वें एससीओ शिखर सम्मेलन में होंगे शामिल।

मुख्य बातें

  • 29-30 अगस्त को उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्ज़ियोयेव के निमंत्रण पर ताशकंद की राजकीय यात्रा।
  • व्यापार, निवेश, डिजिटल कनेक्टिविटी, रक्षा और ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर होगी चर्चा।
  • बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के 25 वर्ष पूरे होने पर आयोजित 26वें एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।
  • ताशकंद में शास्त्री स्मारक और महात्मा गांधी केंद्र तथा किर्गिज़ गणराज्य में छठे विश्व घुमंतू खेलों में उपस्थिति।

प्रधानमंत्री का मध्य एशिया दौरा उज़्बेकिस्तान और किर्गिज़ गणराज्य की महत्वपूर्ण राजकीय यात्राओं के साथ शुरू हो गया है। पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 और 30 अगस्त को उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्ज़ियोयेव के निमंत्रण पर ताशकंद की राजकीय यात्रा और उसके बाद किर्गिज़ गणराज्य की राजधानी बिश्केक जाने के संबंध में अपना प्रस्थान वक्तव्य जारी किया है। यह दौरा भारत के मध्य एशियाई देशों के साथ रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत और मध्य एशियाई देशों के बीच ऐतिहासिक काल से व्यापारिक और सभ्यतागत जुड़ाव रहा है, जिसे इस यात्रा के माध्यम से एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री का मध्य एशिया दौरा: ताशकंद में द्विपक्षीय बातचीत

पीआईबी की रिपोर्ट के मुताबिक, ताशकंद में उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्ज़ियोयेव के साथ बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न आयामों पर गहन चर्चा होगी। पिछले कुछ वर्षों में भारत और उज़्बेकिस्तान की रणनीतिक साझेदारी में उल्लेखनीय प्रगति देखने को मिली है। इस दौरान व्यापार और निवेश बढ़ाने, डिजिटल कनेक्टिविटी में सुधार करने, रक्षा सहयोग को मजबूत करने, तथा ऊर्जा क्षेत्र में साझेदारी विस्तार जैसे प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

भारत और उज़्बेकिस्तान अपने साझा दृष्टिकोण ‘विकसित भारत’ और ‘यंगी उज़्बेकिस्तान’ (नया उज़्बेकिस्तान) को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। दोनों देश नवाचार, प्रौद्योगिकी और मानव संसाधन विकास के क्षेत्रों में एक-दूसरे के पूरक बनने की क्षमता रखते हैं। प्रधानमंत्री का मध्य एशिया दौरा इस द्विपक्षीय रणनीतिक ढांचे को और अधिक सुदृढ़ बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।

शास्त्री स्मारक और महात्मा गांधी केंद्र का दौरा

ताशकंद प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज का भी दौरा करेंगे। यहाँ वे पूर्व भारतीय प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के स्मारक पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे तथा महात्मा गांधी केंद्र का दौरा करेंगे। पीआईबी के अनुसार, यह दौरा दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक और जन-से-जन (पीपल-टू-पीपल) संबंधों को सम्मान देने का प्रतीक है। ताशकंद में पूर्व भारतीय नेतृत्व की स्मृतियों का सम्मान दोनों देशों के ऐतिहासिक ताने-बाने को और गहराई प्रदान करता है।

प्रधानमंत्री का मध्य एशिया दौरा और एससीओ शिखर सम्मेलन

उज़्बेकिस्तान के बाद प्रधानमंत्री किर्गिज़ गणराज्य के राष्ट्रपति सदिर जापारोव के निमंत्रण पर बिश्केक के लिए रवाना होंगे। बिश्केक में वे शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के 26वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। वर्ष 2026 में एससीओ संगठन की स्थापना के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं, जो इस सम्मेलन को और विशेष बनाता है। भारत वर्ष 2017 से एससीओ का एक पूर्ण, सक्रिय और रचनात्मक सदस्य रहा है और उसने इस मंच के माध्यम से क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

एससीओ सम्मेलन के दौरान भारत क्षेत्रीय सुरक्षा, संपर्क और आर्थिक अवसरों पर आधारित अपने दृष्टिकोण को मजबूती से प्रस्तुत करेगा। पीआईबी के अनुसार, भारत इस क्षेत्र को आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद जैसी गंभीर चुनौतियों से मुक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह तीनों बुराइयां न केवल पड़ोस में बल्कि पूरे क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता के लिए निरंतर खतरा बनी हुई हैं। प्रधानमंत्री का मध्य एशिया दौरा इन साझा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए एससीओ के सदस्य देशों के साथ मिलकर काम करने के भारत के संकल्प को रेखांकित करता है।

छठा विश्व घुमंतू खेल और सांस्कृतिक जुड़ाव

बिश्केक में एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेने के अलावा, प्रधानमंत्री किर्गिज़ गणराज्य के राष्ट्रपति सदिर जापारोव और अन्य एससीओ नेताओं के साथ छठे विश्व घुमंतू खेलों (6th World Nomad Games) के उद्घाटन समारोह में भी शामिल होंगे। यह आयोजन मध्य एशिया की समृद्ध, जीवंत और पारंपरिक विरासत का एक भव्य उत्सव है। भारत मध्य एशियाई क्षेत्र की इस सांस्कृतिक विरासत का गहरा सम्मान करता है। सांस्कृतिक आदान-प्रदान और खेल आयोजन दोनों क्षेत्रों के लोगों के बीच आपसी समझ और आत्मीयता को और मजबूत करते हैं।

यात्रा के प्रमुख बिंदु और मुख्य बातें

इस आधिकारिक यात्रा से संबंधित मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:

  • उज़्बेकिस्तान यात्रा (29-30 अगस्त): राष्ट्रपति शवकत मिर्ज़ियोयेव के निमंत्रण पर ताशकंद की राजकीय यात्रा, जिसमें व्यापार, डिजिटल संपर्क, रक्षा और ऊर्जा पर केंद्रित द्विपक्षीय बातचीत शामिल है।
  • सांस्कृतिक स्थल: ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज में शास्त्री स्मारक और महात्मा गांधी केंद्र का दौरा।
  • एससीओ शिखर सम्मेलन: बिश्केक (किर्गिज़ गणराज्य) में 26वें एससीओ शिखर सम्मेलन में भागीदारी, जो एससीओ के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित हो रहा है।
  • विश्व घुमंतू खेल: किर्गिज़ गणराज्य में छठे विश्व घुमंतू खेलों के उद्घाटन समारोह में उपस्थिति।
  • रणनीतिक प्राथमिकताएं: आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद के खिलाफ साझा लड़ाई तथा सुरक्षित और संपर्क-युक्त मध्य एशिया का निर्माण।

भारत और मध्य एशिया संबंधों का कूटनीतिक महत्व

ऐतिहासिक रूप से भारत और मध्य एशिया के बीच संबंध प्राचीन रेशम मार्ग (सिल्क रूट) के समय से ही काफी प्रगाढ़ रहे हैं। आधुनिक संदर्भ में भारत की ‘कनेक्ट सेंट्रल एशिया’ नीति के तहत मध्य एशियाई गणराज्य भारत के विस्तारित पड़ोस का हिस्सा हैं। कूटनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, प्रधानमंत्री का मध्य एशिया दौरा इस पूरे क्षेत्र के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी, ऊर्जा सुरक्षा और व्यापारिक पहुंच को मजबूत करने की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है।

समग्र रूप से, यह दौरा शांति, स्थिरता और साझा समृद्धि की दिशा में भारत की बहुपक्षीय और द्विपक्षीय कूटनीति का एक सजीव उदाहरण है। पीआईबी के प्रस्थान वक्तव्य में स्पष्ट किया गया है कि ये ही मूल्य वैश्विक स्तर पर भारत के सभी देशों के साथ जुड़ाव और कूटनीतिक संबंधों के आधार स्तंभ हैं। इस दौरे से मध्य एशियाई देशों के साथ भारत का सभ्यतागत और रणनीतिक जुड़ाव आने वाले समय में और अधिक सुदृढ़ होगा।

यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com

राघव यादव
राघव यादव
राघव यादव आज पत्रिका के राष्ट्रीय संपादक हैं और देश भर की प्रमुख खबरों तथा आम मुद्दों की रिपोर्टिंग करते हैं।

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