शनिवार, अक्टूबर 17, 2026

गोवा में पारंपरिक चिकित्सा पर बिम्सटेक सम्मेलन का समापन

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बिम्सटेक सम्मेलन

गोवा में आयोजित पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान, आनुवंशिक संसाधनों और बौद्धिक संपदा अधिकारों पर तीसरे बिम्सटेक सम्मेलन का समापन हो गया है।

मुख्य बातें

  • तीसरे बिम्सटेक सम्मेलन और दूसरी बिम्सटेक नोडल ग्रुप की बैठक का गोवा में समापन हुआ।
  • सम्मेलन में सभी सात बिम्सटेक सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
  • नोडल ग्रुप ने सहयोग के चार प्रमुख क्षेत्रों पर सहमति व्यक्त की।
  • प्रतिनिधियों ने अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA), गोवा का दौरा किया।

पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान, आनुवंशिक संसाधनों और बौद्धिक संपदा अधिकारों पर तीसरा बिम्सटेक सम्मेलन तथा दूसरी बिम्सटेक नोडल ग्रुप बैठक का गोवा में सफलतापूर्वक समापन हो गया है। प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के अनुसार, इस प्रतिष्ठित आयोजन में बंगाल की खाड़ी के लिए बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग पहल (BIMSTEC) के सभी सात सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को बढ़ावा देना और आपसी सहयोग को सुदृढ़ करना था।

बिम्सटेक सम्मेलन में क्या तय हुआ और इसके क्या मायने हैं?

बिम्सटेक सम्मेलन के दौरान सभी सात सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान और बौद्धिक संपदा अधिकारों के संरक्षण के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया। इस बैठक में विशेषज्ञों ने चार प्रमुख क्षेत्रों—संस्थागत एवं नीतिगत सहयोग, मानक एवं व्यापार, दस्तावेजीकरण एवं क्षमता निर्माण तथा कार्यान्वयन तंत्र—पर विस्तार से चर्चा की और आपसी सहमति बनाई। यह पहल दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों के बीच स्वास्थ्य और अनुसंधान के क्षेत्र में पारंपरिक ज्ञान के आदान-प्रदान को एक नई दिशा देगी।

सम्मेलन के दूसरे दिन विदेशी मेहमानों और प्रतिनिधियों ने अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA), गोवा का विशेष दौरा किया। इस दौरान उन्हें संस्थान की अत्याधुनिक तृतीयक चिकित्सा सुविधाओं, अनुसंधान कार्यों और अकादमिक गतिविधियों से रूबरू कराया गया। दौरे के अंत में एक पौधारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जो जैव विविधता संरक्षण और पारंपरिक चिकित्सा के प्रति सदस्य देशों की साझी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

सहयोग के चार प्रमुख क्षेत्र और भविष्य की रूपरेखा

विस्तृत विचार-विमर्श के बाद नोडल ग्रुप ने जिन चार प्रमुख क्षेत्रों पर मुहर लगाई है, वे क्षेत्रीय स्तर पर चिकित्सा के क्षेत्र में एक मजबूत मंच तैयार करेंगे। पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों जैसे आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी को वैश्विक स्तर पर मान्यता दिलाने के लिए मानकीकरण और व्यापार को बढ़ावा देना बेहद जरूरी है। इसके अलावा, दस्तावेजीकरण से आने वाली पीढ़ियों के लिए पारंपरिक ज्ञान सुरक्षित रहेगा और क्षमता निर्माण से इन पद्धतियों में शोध कार्यों को गति मिलेगी।

  • संस्थागत एवं नीतिगत सहयोग
  • मानक एवं व्यापार को बढ़ावा देना
  • दस्तावेजीकरण एवं क्षमता निर्माण
  • कार्यान्वयन तंत्र को मजबूत करना

अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, गोवा के निदेशक प्रो. वैद्य पी.के. प्रजापति ने इस बात पर जोर दिया कि यह आयोजन केवल औपचारिक चर्चा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें ठोस मुद्दों पर आम सहमति बनी। उन्होंने बताया कि ‘गोवा कन्क्लूजन’ आगामी वर्षों में बिम्सटेक देशों के बीच सहयोग की मजबूत नींव साबित होगा। आयुष मंत्रालय की संयुक्त सचिव श्रीमती मोनालिसा दास ने सभी देशों के सहयोगात्मक रवैये की सराहना की।

क्षेत्रीय स्वास्थ्य और पारंपरिक विरासत का संरक्षण

बिम्सटेक सचिवालय के विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार तथा स्वास्थ्य एवं मानव संसाधन विकास प्रभाग के निदेशक श्री कदिरकामु कंदासामी योगनादन ने आयोजन की सफलता पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय सहयोग का मूल उद्देश्य नागरिकों के स्वास्थ्य और कल्याण में सुधार लाना, स्वास्थ्य प्रणालियों को लचीला बनाना तथा पारंपरिक चिकित्सा की प्राचीन विरासत को सुरक्षित रखना है। कार्यक्रम के अंत में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, गोवा की डीन प्रो. डॉ. सुजाता कदम ने सभी गणमान्य अतिथियों, प्रतिनिधियों और अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न? बिम्सटेक सम्मेलन का आयोजन कहां हुआ था?

उत्तर। यह सम्मेलन गोवा में आयोजित किया गया था, जिसमें सभी सात सदस्य देशों ने हिस्सा लिया।

प्रश्न? इस सम्मेलन में किस विषय पर मुख्य रूप से चर्चा हुई?

उत्तर। सम्मेलन में पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान, आनुवंशिक संसाधनों और बौद्धिक संपदा अधिकारों पर विचार-विमर्श किया गया।

यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com

सौरभ तिवारी
सौरभ तिवारी
सौरभ तिवारी आज पत्रिका में राष्ट्रीय एवं राजनीतिक मामलों के संपादक हैं। वे संसद और विधानसभाओं की कार्यवाही, सरकारी नीतियों, चुनाव, और भारत से जुड़ी बड़ी राष्ट्रीय खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। उनका ज़ोर तथ्य-आधारित, संतुलित और स्रोत-सहित रिपोर्टिंग पर रहता है — हर लेख में वे प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB), संबंधित मंत्रालयों की विज्ञप्तियों और आधिकारिक दस्तावेज़ों का हवाला देते हैं। राय और विश्लेषण को वे समाचार से स्पष्ट रूप से अलग रखते हैं। सुझाव या तथ्य-सुधार के लिए: corrections@aajpatrika.com।

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