मंगलवार, अक्टूबर 13, 2026

कोचीन शिपयार्ड और ड्राईडॉक्स वर्ल्ड के बीच 50:50 का संयुक्त उद्यम

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कोचीन शिपयार्ड

कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड और डीपी वर्ल्ड की कंपनी ड्राईडॉक्स वर्ल्ड ने 50:50 संयुक्त उद्यम समझौते के जरिए इंटरनेशनल शिप रिपेयर फैसिलिटी के विस्तार का ऐलान किया है।

मुख्य बातें

  • कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) और ड्राईडॉक्स वर्ल्ड के बीच 50:50 हिस्सेदारी का संयुक्त उद्यम बना
  • समझौते पर नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के अवसर पर हस्ताक्षर किए गए
  • कोच्चि स्थित इंटरनेशनल शिप रिपेयर फैसिलिटी (ISRF) का संचालन और विस्तार होगा
  • यह भारत के शिप रिपेयर क्षेत्र में पहला सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल है

भारत के समुद्री बुनियादी ढांचे में विस्तार करते हुए कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) और संयुक्त अरब अमीरात की ड्राईडॉक्स वर्ल्ड ने एक नई साझेदारी की घोषणा की है। नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के अवसर पर दोनों कंपनियों ने 50:50 संयुक्त उद्यम समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता कोच्चि स्थित इंटरनेशनल शिप रिपेयर फैसिलिटी (ISRF) के संचालन, सुदृढ़ीकरण और विस्तार के लिए किया गया है।

कोचीन शिपयार्ड और ड्राईडॉक्स वर्ल्ड का संयुक्त उद्यम क्या है?

कोचीन शिपयार्ड और ड्राईडॉक्स वर्ल्ड के बीच यह संयुक्त उद्यम 50:50 हिस्सेदारी वाला एक सार्वजनिक-निजी समझौता है। इसका मुख्य उद्देश्य कोचीन में स्थित इंटरनेशनल शिप रिपेयर फैसिलिटी (ISRF) का संचालन और विस्तार करना है। इस साझेदारी से भारतीय और अंतरराष्ट्रीय बेड़ों के लिए विश्वस्तरीय पोत मरम्मत की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

संयुक्त उद्यम समझौते के मुख्य बिंदु

यह समझौता भारत के शिप रिपेयर क्षेत्र में अपनी तरह की पहली सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) स्थापना को दर्शाता है। इस व्यवस्था के तहत दोनों साझेदार इक्विटी योगदान के जरिए प्रारंभिक पूंजी उपलब्ध कराएंगे।

समझौते के दौरान केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और संयुक्त अरब अमीरात के उन्नत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के सहायक विदेश मंत्री ओम्रान शराफ अलहाशिमी उपस्थित थे। इस अवसर पर Drydocks World के सीईओ कैप्टन राडो एंटोलोविच और CSL के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक जोस वी. जे. ने दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया।

  • सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत 50-50 प्रतिशत इक्विटी साझेदारी तय की गई है।
  • कोच्चि में अंतरराष्ट्रीय जहाजों की मरम्मत और फैब्रिकेशन की क्षमता बढ़ाई जाएगी।
  • यह ढांचा समुद्री क्षेत्र में निजी विदेशी निवेश को आकर्षित करने में मदद करेगा।
  • भारत के समुद्री विजन 2030 और 2047 के लक्ष्यों को हासिल करने पर ध्यान केंद्रित है।

कोचीन शिपयार्ड फैसिलिटी और इसकी आधुनिक तकनीक

इंटरनेशनल शिप रिपेयर फैसिलिटी (ISRF) अंतरराष्ट्रीय नौवहन मार्गों के पास रणनीतिक स्थान पर स्थित है। इस केंद्र में अत्याधुनिक शिप लिफ्ट प्रणाली और आधुनिक डॉकिंग तकनीक स्थापित की गई है। इसके जरिए विभिन्न प्रकार के वाणिज्यिक जहाजों और अपतटीय (ऑफशोर) ढांचों की मरम्मत आसानी से की जा सकती है।

ड्राईडॉक्स वर्ल्ड डीपी वर्ल्ड की एक सहायक कंपनी है, जिसके पास बड़े जहाजों के रूपांतरण, ऑफशोर इंजीनियरिंग और रखरखाव का व्यापक अंतरराष्ट्रीय अनुभव है। दूसरी ओर, कोचीन शिपयार्ड के पास घरेलू जलक्षेत्र में विनिर्माण और कुशल तकनीकी कार्यबल की मजबूत पकड़ है। दोनों कंपनियों का यह मेल टर्नअराउंड समय को कम करेगा और वैश्विक सुरक्षा मानकों को भारत में लागू करेगा।

रोजगार और अर्थव्यवस्था पर इसका असर

यह नई व्यवस्था केरल में समुद्री सेवा केंद्र के रूप में कोच्चि की स्थिति को मजबूत करेगी। पोत मरम्मत, इंजीनियरिंग और फैब्रिकेशन के क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर नए व्यावसायिक अवसर विकसित होंगे।

बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार, यह मॉडल केवल कोच्चि तक सीमित नहीं रहेगा। सरकार की योजना भारत की लंबी तटरेखा पर स्थित अन्य बंदरगाहों पर भी इसी तरह के उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने की है। इससे विदेशी जहाजों की मरम्मत भारत में संभव होगी, जिससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी और हजारों कुशल रोजगार पैदा होंगे।

मैरीटाइम अमृत काल विजन 2047 और पृष्ठभूमि

दोनों कंपनियों ने इससे पहले इंडिया मैरीटाइम वीक 2025 के दौरान एक सहमति पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर किए थे। 2025 के उस शुरुआती समझौते के बाद अब 2026 में 50:50 के संयुक्त उद्यम को औपचारिक रूप दिया गया है।

यह परियोजना केंद्र सरकार के मैरीटाइम अमृत काल विजन 2047 का मुख्य हिस्सा है। इस विजन का लक्ष्य भारत को दुनिया के शीर्ष पोत निर्माण और पोत मरम्मत वाले देशों में शामिल करना है। इससे भारत के नौवहन उद्योग की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता में वृद्धि होगी।

भारत-यूएई समुद्री संबंधों में नया अध्याय

भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच व्यापार और वाणिज्य के क्षेत्र में ऐतिहासिक संबंध रहे हैं। दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के मार्गदर्शन में रणनीतिक और औद्योगिक सहयोग को नए स्तर पर ले जाया जा रहा है।

यूएई की वैश्विक विशेषज्ञता और भारत के विशाल तटीय संसाधनों के मेल से दोनों देशों के बीच व्यापारिक जहाजों की आवाजाही को बढ़ावा मिलेगा। यह साझेदारी दोनों देशों के आर्थिक विकास में दीर्घकालिक योगदान देगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न? कोचीन शिपयार्ड और ड्राईडॉक्स वर्ल्ड के संयुक्त उद्यम में किसकी कितनी हिस्सेदारी है?
उत्तर। इस संयुक्त उद्यम में कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड और ड्राईडॉक्स वर्ल्ड दोनों की 50:50 प्रतिशत की बराबर हिस्सेदारी है।

प्रश्न? इस संयुक्त उद्यम से किस स्थान पर पोत मरम्मत सुविधाओं का विस्तार होगा?
उत्तर। यह संयुक्त उद्यम मुख्य रूप से कोचीन (केरल) स्थित इंटरनेशनल शिप रिपेयर फैसिलिटी (ISRF) का संचालन और विस्तार करेगा।

प्रश्न? इस समझौते की घोषणा किस अवसर पर की गई?
उत्तर। इस समझौते की घोषणा नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 से इतर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल की उपस्थिति में की गई।

यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com

अभिषेक सिंह
अभिषेक सिंह
अभिषेक सिंह आज पत्रिका में समाचार एवं व्यापार संपादक हैं। वे अर्थव्यवस्था, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI), बैंकिंग, शेयर बाजार, सरकारी योजनाओं, रोज़गार और भर्ती से जुड़ी खबरों तथा पाठकों के काम आने वाली व्यावहारिक जानकारी (कैसे करें/स्टेप-बाय-स्टेप गाइड) की रिपोर्टिंग और संपादन करते हैं। वे सुनिश्चित करते हैं कि हर आँकड़ा, तिथि और प्रक्रिया आधिकारिक स्रोत से सत्यापित हो और लेख में मूल विज्ञप्ति या पोर्टल का लिंक दिया जाए। किसी गलती की सूचना के लिए: corrections@aajpatrika.com।

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